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Rajeev Ranjan Roy
लेखक: Rajeev Ranjan Royस्टाफ लेखक
Pratik Bhuyan
Pratik Bhuyan द्वारा समीक्षितस्टाफ संपादक

अमेरिकी ट्रेजरी बिल बन रहे बिटकॉइन की कीमत के सबसे बड़े चालक

नई शोध रिपोर्ट में सामने आया है कि अमेरिकी ट्रेजरी बिल की आपूर्ति और वैश्विक तरलता बिटकॉइन की कीमत को सबसे अधिक प्रभावित कर रही है।

अमेरिकी ट्रेजरी बिल बन रहे बिटकॉइन की कीमत के सबसे बड़े चालक
विश्लेषण

दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल संपत्ति बिटकॉइन की कीमत में उतार-चढ़ाव को लेकर एक महत्वपूर्ण खुलासा हुआ है। हाल ही में जारी एक शोध रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी ट्रेजरी बिल की आपूर्ति बिटकॉइन की कीमत को प्रभावित करने वाला सबसे प्रमुख कारक बनकर उभरा है। विशेषज्ञों का कहना है कि पारंपरिक केंद्रीय बैंक नीतियों की तुलना में सरकारी ऋण पत्रों का प्रभाव कहीं अधिक महत्वपूर्ण साबित हो रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2021 के बाद से अमेरिकी ट्रेजरी बिल जारी करने और बिटकॉइन की कीमत के बीच लगभग 80% तक सीधा संबंध पाया गया है। इतना ही नहीं, यह भी देखा गया कि ट्रेजरी बिल की आपूर्ति में बदलाव बिटकॉइन की कीमत को लगभग आठ महीने पहले ही प्रभावित करना शुरू कर देता है।

तरलता बढ़ने से बढ़ती है कीमत

विशेषज्ञों के अनुसार, जब सरकार अधिक ट्रेजरी बिल जारी करती है, तो उससे प्राप्त धन वास्तविक अर्थव्यवस्था में जाता है और धीरे-धीरे जोखिम वाले निवेश साधनों जैसे बिटकॉइन तक पहुंचता है। इससे निवेश बढ़ता है और कीमतों में तेजी आती है।

 इसके विपरीत, जब ट्रेजरी बिल जारी करना कम होता है, तो बाजार में तरलता घट जाती है और कीमतों पर दबाव पड़ सकता है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि वैश्विक तरलता में केवल एक प्रतिशत की वृद्धि से बिटकॉइन की कीमत अगले तिमाही में लगभग 7.6% तक बढ़ सकती है।

केंद्रीय बैंक नहीं, सरकारी कर्ज बना मुख्य कारण

अब तक आम धारणा यह रही है कि केंद्रीय बैंक की ब्याज दरें और नीतियां बिटकॉइन की कीमत को सबसे अधिक प्रभावित करती हैं। लेकिन नई रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी ट्रेजरी बिल की आपूर्ति ही असली चालक है, जबकि केंद्रीय बैंक का प्रभाव अपेक्षाकृत कम है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका पर बढ़ते कर्ज का दबाव सरकार को लगातार अधिक ट्रेजरी बिल जारी करने के लिए मजबूर कर सकता है। इसका मतलब है कि भविष्य में बाजार में तरलता बढ़ेगी और इससे बिटकॉइन जैसे डिजिटल संपत्तियों को और मजबूती मिल सकती है।

संस्थागत निवेश भी बढ़ा रहा समर्थन

इसके अलावा, कंपनियों और संस्थागत निवेशकों द्वारा बिटकॉइन की खरीद में तेजी भी इसकी कीमत को सहारा दे रही है। रिपोर्टों के अनुसार, कई बड़ी कंपनियां अपने खजाने में बिटकॉइन जोड़ रही हैं, जिससे इसकी मांग और स्थिरता दोनों बढ़ रही हैं।

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वहीं, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और पारंपरिक मुद्राओं में कमजोरी के कारण भी निवेशक बिटकॉइन को वैकल्पिक संपत्ति के रूप में देख रहे हैं। इससे इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है।

भविष्य में और तेज हो सकती है बढ़त

विश्लेषकों का मानना है कि यदि अमेरिकी सरकार आने वाले वर्षों में अधिक ट्रेजरी बिल जारी करती रही, तो इससे बाजार में नई तरलता आएगी और बिटकॉइन की कीमत को मजबूत समर्थन मिलेगा। हालांकि विशेषज्ञ यह भी चेतावनी दे रहे हैं कि बिटकॉइन का बाजार अत्यधिक अस्थिर है और इसमें निवेश जोखिम भरा हो सकता है।

निष्कर्ष

नई शोध रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो गया है कि बिटकॉइन अब केवल तकनीकी या सट्टा आधारित संपत्ति नहीं रह गया है, बल्कि यह वैश्विक वित्तीय प्रणाली और सरकारी ऋण नीतियों से गहराई से जुड़ चुका है। अमेरिकी ट्रेजरी बिल की आपूर्ति और वैश्विक तरलता का स्तर आने वाले समय में बिटकॉइन की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है। यदि तरलता बढ़ती रही, तो बिटकॉइन की कीमत में नई ऐतिहासिक तेजी देखने को मिल सकती है।

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