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Rajeev Ranjan Roy
लेखक: Rajeev Ranjan Royस्टाफ लेखक
Pratik Bhuyan
Pratik Bhuyan द्वारा समीक्षितस्टाफ संपादक

वैश्विक संकट के बीच भी बिटकॉइन ने दिखाया आत्मविश्वास, वेनेज़ुएला पर अमेरिकी कार्रवाई के बावजूद दाम स्थिर

वेनेज़ुएला पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की खबरों के बीच भी बिटकॉइन $90,000 से ऊपर बना रहा। भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद BTC ने स्थिरता दिखाई।

वैश्विक संकट के बीच भी बिटकॉइन ने दिखाया आत्मविश्वास, वेनेज़ुएला पर अमेरिकी कार्रवाई के बावजूद दाम स्थिर
मूल्य विश्लेषण

वैश्विक वित्तीय बाजार में भू-राजनीतिक संकट के बीच भी बिटकॉइन (BTC) की कीमत ने आश्चर्यजनक मजबूती दिखाई है। वेनेजुएला पर संयुक्त राज्य अमेरिका की सैन्य कार्रवाई और राष्ट्रपति निकोलस माडुरो के गिरफ्तार होने जैसी बड़ी खबरों के बावजूद बिटकॉइन की कीमत करीब 90,000 डॉलर से ऊपर बनी रही, जो निवेशकों के लिए राहत भरी खबर है।

गत शनिवार को अमेरिका द्वारा वेनेजुएला की राजधानी कराकस पर हमला और वहां के राष्ट्रपति के गिरफ़्तार होने की खबर ने दुनिया भर के बाजारों में हड़कंप मचा दिया। सामान्य तौर पर ऐसे भू-राजनीतिक तनाव जोखिम वाले परिसंपत्तियों के दामों पर नकारात्मक असर डालते हैं, लेकिन बिटकॉइन ने इस बार जोखिम की इस स्थिति में भी ठहराव दिखाया।

बिटकॉइन में ठहराव

बिटकॉइन का दाम शनिवार को थोड़ी गिरावट के बाद फिर 90,000 डॉलर से ऊपर चढ़ गया और सोमवार तक यह करीब 92,000–93,000 डॉलर के स्तर पर पहुँच गया। इस दौरान क्रिप्टो बाजार की कुल पूँजी में भी बढ़ोतरी देखी गई, जिससे संकेत मिलता है कि निवेशकों ने बिटकॉइन को सिर्फ जोखिम संभालने वाली संपत्ति के रूप में नहीं देखा, बल्कि एक सुरक्षित निवेश विकल्प के तौर पर भी अपनाया है।

विश्लेषकों के अनुसार, बिटकॉइन के इस रवैये से यह स्पष्ट होता है कि यह डिजिटल संपत्ति अब भू-राजनीतिक झटकों के बावजूद बाजार में अपना स्तर बनाए रखने की क्षमता रखती है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि बिटकॉइन का दाम 90,000 डॉलर के ऊपर रहकर यह संकेत देता है कि निवेशक अब इसे एक तरह के सुरक्षित आश्रय के रूप में देखने लगे हैं, जैसा कि पारंपरिक बाजारों में सोना माना जाता है।

बिटकॉइन की स्थिरता का कारण

क्रिप्टो विश्लेषकों ने यह भी बताया कि बिटकॉइन की स्थिरता का एक कारण स्ट्रॉन्ग स्टेबलकॉइन प्रवाह और संक्षिप्त समय के लिए बाजार में बढ़ी खरीदारी भी रही है। इससे यह संकेत मिलता है कि बिटकॉइन में विश्वास रखने वाले व्यापारियों ने भू-राजनीतिक संकट को एक अवसर के रूप में लिया, जिससे दामों में तेजी आई। 

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वहीं कुछ विश्लेषकों का यह भी कहना है कि बिटकॉइन पर व्यापक गिरावट की संभावना कम है, क्योंकि बाजार पहले से ही इस तनाव को अपने दामों में शामिल कर चुका है। विश्लेषक माइकल वैन डी पॉप ने कहा कि यह हमला पहले से योजनाबद्ध और समन्वित था और बाजार ने इसे पहले ही नकारात्मकता के रूप में समायोजित कर लिया है। इस वजह से बिटकॉइन की व्यापक गिरावट की संभावना “सापेक्ष रूप से कम” मानी जाती है।

बिटकॉइन की मजबूती पहले भी तब देखी गई

वित्तीय विशेषज्ञ बताते हैं कि बिटकॉइन की यह मजबूती पहले भी तब देखी गई थी जब अन्य भू-राजनीतिक तनावों जैसे पश्चिम एशिया में घटनाओं के दौरान भी यह अपनी स्थिति बनाए रखने में सफल रहा। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि क्रिप्टो बाजार अब पारंपरिक बाजारों की तुलना में एक अलग तरह की प्रतिक्रिया दिखा रहा है। 

हालांकि, यह ध्यान देने योग्य है कि भले ही बिटकॉइन ने इस बार स्थिरता दिखाई हो, लेकिन भू-राजनीतिक घटनाएँ बाजारों में अस्थिरता का कारण बनी रहती हैं। इसलिए निवेशकों के लिए सतर्क रहना ज़रूरी है और किसी भी समय कीमत में उतार-चढ़ाव की संभावनाओं पर ध्यान देना चाहिए।

निष्कर्ष

वेनेजुएला पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बावजूद बिटकॉइन ने अपनी कीमत में मजबूती दिखाई है, जो यह संकेत देता है कि क्रिप्टो बाजार भू-राजनीतिक तनावों के बावजूद अब और अधिक परिपक्व और स्थिर होता जा रहा है। निवेशकों के लिए यह एक सकारात्मक संकेत है कि बिटकॉइन न केवल तकनीकी रूप से विकसित हुआ है, बल्कि निवेश सुरक्षा के लिहाज़ से भी अधिक विश्वसनीय बनता जा रहा है।

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