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Rajeev Ranjan Roy
लेखक: Rajeev Ranjan Royस्टाफ लेखक
Pratik Bhuyan
Pratik Bhuyan द्वारा समीक्षितस्टाफ संपादक

रिपल ने IPO की योजना से किया इनकार, कंपनी निजी ही रहेगी

Ripple Labs ने IPO की अटकलों को खारिज किया है। कंपनी की अध्यक्ष मोनिका लॉन्ग ने कहा कि रिपल आगे भी निजी रूप से विकास और विस्तार को प्राथमिकता देगी।

रिपल ने IPO की योजना से किया इनकार, कंपनी निजी ही रहेगी
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डिजिटल भुगतान और ब्लॉकचेन प्रौद्योगिकी कंपनी रिपल लैब्स (Ripple Labs) ने IPO (प्रारंभिक सार्वजनिक प्रस्ताव) की संभावित योजना को खारिज कर दिया है, यह कहते हुए कि कंपनी आगे भी निजी स्तर पर ही विकास को प्राथमिकता देगी। यह घोषणा कंपनी की अध्यक्ष मोनिका लॉन्ग ने ब्लूमबर्ग को दिए एक साक्षात्कार में की।

मोनिका लॉन्ग ने बताया कि रिपल वर्तमान में बहुत ही स्वस्थ स्थिति में है और सार्वजनिक बाजारों में जाने की आवश्यकता नहीं महसूस करती। उन्होंने स्पष्ट किया कि कंपनी का ध्यान अपने दीर्घकालिक विकास, उत्पादों के विस्तार और उद्योग साझेदारियों पर है, न कि सार्वजनिक निवेशकों तक पहुंच पाने पर।

निजी रहते हुए मजबूत वित्तीय स्थिति

रिपल ने नवंबर 2025 में लगभग 500 मिलियन डॉलर का निवेश जुटाया था, जिसकी मदद से कंपनी का मूल्यांकन लगभग 40 अरब डॉलर तक पहुंच गया। यह निवेश सत्र सिटाडेल सिक्योरिटीज और फोर्ट्रेस इन्वेस्टमेंट ग्रुप जैसे प्रमुख संस्थागत निवेशकों के नेतृत्व में हुआ, जो इस बात का संकेत है कि बड़े वित्तीय समूह भी रिपल की दीर्घकालिक क्षमता पर विश्वास रखते हैं।

IPO से ज्यादा रणनीतिक विस्तार पर जोर

लॉन्ग का कहना है कि IPO का मुख्य उद्देश्य अक्सर पूंजी जुटाना या व्यापक निवेशकों से जुड़ना होता है, लेकिन रिपल के पास पहले से ही पर्याप्त वित्तीय संसाधन और साझेदार हैं। इसलिए वह सार्वजनिक बाजारों में दाखिल होने के बजाय अपने मौजूदा संसाधनों का उपयोग कर नवाचार, अधिग्रहण और उत्पाद विस्तार पर ध्यान केंद्रित करना पसंद करती है।

Ripple का बढ़ता बिजनेस पोर्टफोलियो

रिपल ने अपने कारोबार को भुगतान समाधान, स्टेबलकॉइन (RLUSD), प्राइम ब्रोकरेज, खजांची प्रबंधन और कस्टडी सर्विसेज़ जैसे विविध क्षेत्रों में विस्तृत किया है। CEO ब्रैड गार्लिंगहाउस (Brad Garlinghouse) ने भी कंपनी के विकास को “भविष्य की क्रिप्टो अर्थव्यवस्था का हिस्सा” बताया है, जिसमें तकनीकी क्षमताओं और व्यापारिक उपयोग को प्राथमिकता दी जा रही है।

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बड़े अधिग्रहण और IPO से अलग रास्ता

हाल के वर्षों में रिपल ने कई बड़े अधिग्रहण भी किए हैं, जिनमें से दो के मूल्य एक अरब डॉलर से अधिक हैं। इस विस्तार रणनीति से कंपनी न केवल अपनी तकनीकी पकड़ मजबूत कर रही है, बल्कि वैश्विक वित्तीय संस्थानों के साथ अपने संबंध भी गहरा रही है।

क्रिप्टो उद्योग में वर्तमान समय IPO की तरंग देखी जा रही है, जैसे कि Circle ने 2025 में IPO फाइल किया है और अन्य कंपनियों से भी इसी तरह की उम्मीदें की जा रही हैं। लेकिन रिपल अलग राह अपनाए हुए है - कंपनी सार्वजनिक बाजार के बजाय निजी निवेश, उपभोक्ता समाधान और राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय व्यापार विस्तार पर जोर दे रही है।

SEC विवाद के बाद बदला परिदृश्य

इसके अलावा रिपल पर कई वर्षों से IPO को लेकर अटकलें लगती रही हैं, खासकर SEC (संयुक्त राज्य प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग) के साथ उसके लंबे चल रहे कानूनी विवाद के बाद। हालांकि 2025 में परिपक्वता के साथ उस विवाद का समाधान हो चुका है और अब रिपल को नियामक बाधाओं का सामना नहीं करना पड़ रहा है। यह बात भी IPO के सन्दर्भ में चर्चा का विषय रही है।

विश्लेषकों का मानना है कि रिपल की यह रणनीति उसे दीर्घकालिक स्थिरता और तेजी से बदलते क्रिप्टो बाजार में लचीलापन प्रदान कर सकती है, क्योंकि सार्वजनिक बाजारों में सूचीबद्ध होने से कंपनी को त्रैमासिक रिपोर्टिंग और निवेशकों के दबाव का सामना करना पड़ता है, जो उसकी मौजूदा योजनाओं के अनुकूल नहीं है।

निष्कर्ष

रिपल ने स्पष्ट कर दिया है कि वह वर्तमान में IPO की ओर नहीं बढ़ेगी और भविष्य में भी जब तक कंपनी निजी रूप से मजबूत स्थिति में है, तब तक सार्वजनिक बाजार की ओर कदम नहीं बढ़ाएगी। उसका ध्यान तकनीकी विस्तार, वैश्विक भागीदारी और वित्तीय स्थिरता पर केंद्रित है। यह निर्णय कंपनी के दीर्घकालिक विकास के दृष्टिकोण और तकनीकी नवाचार को प्राथमिकता देने को दर्शाता है।

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