हाल ही में एक क्रिप्टो यूजर ने ‘एड्रेस पॉइज़निंग’ नामक परिष्कृत धोखाधड़ी में लगभग $50 मिलियन USDT खो दिए, जब उसने गलती से जाली वॉलेट एड्रेस को कॉपी-पेस्ट कर दिया।
यह घटना दिसंबर में सामने आई, जहाँ पीड़ित ने बाइनेंस से अपने वॉलेट में बड़ी राशि ट्रांसफर करने से पहले 50 USDT का छोटा टेस्ट ट्रांसफर भेजा ताकि सही एड्रेस सुनिश्चित किया जा सके।
लेकिन, कुछ मिनट बाद, पूरा ट्रांसफर गलती से एक धोखाधड़ी वाले वॉलेट एड्रेस पर भेज दिया गया, जिसे स्कैमर ने चालाकी से पीड़ित की ट्रांज़ैक्शन हिस्ट्री में डाल दिया था।
एड्रेस पॉइज़निंग क्या है?
एड्रेस पॉइज़निंग एक प्रकार की धोखाधड़ी है जिसमें हमलावर एक भिन्न और नकली वॉलेट एड्रेस बनाते हैं जो असली एड्रेस जैसा दिखता है, आमतौर पर एड्रेस के शुरुआत और अंत के अक्षरों को समान रखकर। फिर वह उस नकली एड्रेस से छोटी मात्रा में क्रिप्टो भेज देता है, ताकि यह एड्रेस पीड़ित के ट्रांज़ैक्शन इतिहास में दिखे। जब पीड़ित बाद में कॉपी-पेस्ट से बड़े पैमाने पर फंड भेजने की कोशिश करता है, तो वह गलती से नकली एड्रेस चुन लेता है और पूरा धन धोखेबाज़ के खाते में चला जाता है।
कैसे हुआ यह बड़ा धोखा?
आम क्रिप्टो वॉलेट इंटरफेस लॉन्ग एड्रेस को छोटा करके सिर्फ शुरू के कुछ और आखिर के कुछ अक्षरों को दिखाते हैं। यह सुविधा देखने में साफ-सुथरी होती है, लेकिन इसी वजह से एड्रेस की समानता पर आधारित धोखाधड़ी सफल हो जाती है। सिक्योरिटी फर्मों के अनुसार, पीड़ित ने शायद अपनी ही ट्रांज़ैक्शन हिस्ट्री से एड्रेस कॉपी किया, लेकिन उस समय असली और नकली एड्रेस में विभेद करना मुश्किल था।
चोरी गए फंड का क्या हुआ?
चोरी गया लगभग $50M USDT ईटीएच में कन्वर्ट कर दिया गया और फिर कई वॉलेट्स में बाँट दिया गया। कुछ हिस्सों को टॉरनेडो कैश जैसे क्रिप्टो मिश्रण उपकरणों के जरिए भेजा गया ताकि ट्रैकिंग और भी मुश्किल हो जाए।
इसके अलावा, पीड़ित ने सार्वजनिक रूप से यह मांग भी की कि वह चोरी की राशि का 98 प्रतिशत वापस करे। साथ ही उसने नकद $1 मिलियन इनाम की पेशकश की और 48 घंटे के भीतर प्रतिपूर्ति न होने पर कानूनी कदम उठाने की चेतावनी भी दी है।
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विशेषज्ञों का बयान और जोखिम
ब्लॉकचेन सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार यह स्कैम तकनीकी कमी का नहीं, बल्कि मानव व्यवहार और वॉलेट डिज़ाइन की सीमा का शिकार है। एड्रेस पॉइज़निंग की तकनीक किसी भी समय बड़ी रकम भेजने वाली ट्रांज़ैक्शनों को निशाना बना सकती है।
सुरक्षा विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि यह धोखाधड़ी कई उपयोगकर्ताओं और संस्थागत निवेशकों को प्रभावित कर सकती है क्योंकि इसे रोकना मुश्किल है अगर उपयोगकर्ता पूरे एड्रेस की पुष्टि नहीं करते।
2025 में क्रिप्टो सुरक्षा पर प्रभाव
कॉइनटेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में क्रिप्टो से जुड़ी हैकिंग और धोखाधड़ी से कुल $3.4 बिलियन से अधिक का नुकसान हुआ है, जो 2022 के बाद का सबसे बड़ा नुकसान है। इसमें इस तरह के बड़े-बड़े एड्रेस पॉइज़निंग जैसे मामले शामिल हैं जो कुल खतरों में भारी योगदान देते हैं।
निष्कर्ष
यह घटना दर्शाती है कि टेक्नोलॉजी में सुरक्षा के बावजूद मानव त्रुटियाँ भी भारी वित्तीय नुकसान का कारण बन सकती है। क्रिप्टो निवेशकों को हमेशा एड्रेस को पूरी तरह से सत्यापित करना, ट्रांज़ैक्शन इतिहास पर भरोसा न करना और वॉलेट सुरक्षा सर्वोत्तम प्रथाओं का पालन करना चाहिए। केवल तकनीक पर भरोसा करना ही पर्याप्त नहीं है। सतर्कता और सुरक्षा सम्बन्धी सावधानियाँ भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
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