वैश्विक डिजिटल मुद्रा बाजार एक बार फिर अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है। दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल मुद्रा बिटकॉइन (BTC) की कीमत में लगातार कमजोरी देखी जा रही है। अब बाजार विशेषज्ञ इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि इसका अंतिम न्यूनतम स्तर आखिर कितना और कब बनेगा।
हालिया बाजार विश्लेषणों के अनुसार बिटकॉइन में बिकवाली का दबाव फिर बढ़ा है, जिसके कारण इसकी कीमत लगभग 70,000 डॉलर के स्तर से नीचे फिसलकर 65,000 डॉलर के आसपास पहुंच गई। विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट अभी समाप्त नहीं हुई है और आने वाले महीनों में कीमत और नीचे जा सकती है।
क्या 2026 तक जारी रहेगा मंदी चक्र?
कई तकनीकी और श्रृंखला आधारित आंकड़ों का अध्ययन करने वाले विश्लेषकों का अनुमान है कि वर्तमान मंदी चक्र वर्ष 2026 की अंतिम तिमाही तक जारी रह सकता है। उनके अनुसार बिटकॉइन का संभावित न्यूनतम स्तर 30,000 से 45,000 डॉलर के बीच बन सकता है।
बाजार अनुसंधान मंचों का कहना है कि पिछली गिरावटों के इतिहास को देखें तो बिटकॉइन आमतौर पर अपने सर्वोच्च स्तर के लगभग 365 से 396 दिन बाद न्यूनतम कीमत बनाता है। चूंकि बिटकॉइन ने अक्टूबर 2025 में अपना उच्चतम स्तर हासिल किया था, इसलिए अक्टूबर से नवंबर 2026 के बीच बड़ा निचला स्तर बनने की संभावना जताई जा रही है।
एक्सचेंज रिजर्व में वृद्धि
विशेषज्ञ यह भी बता रहे हैं कि विनिमय मंचों पर बिटकॉइन की उपलब्ध मात्रा लगातार बढ़ रही है। जब निवेशक अपनी होल्डिंग बेचने के उद्देश्य से मुद्राएं मंचों पर स्थानांतरित करते हैं, तो यह आमतौर पर बाजार में गिरावट का संकेत माना जाता है। हाल के आंकड़ों में विनिमय भंडार में वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे संरचनात्मक बिकवाली दबाव बना हुआ है।
क्या आप जानते हैं: बिटकॉइन बिकवाली का दबाव कम, बाजार अब स्थिरता की ओर
लाभ में आपूर्ति घटने का संकेत
श्रृंखला विश्लेषण (On-chain data) से जुड़े संकेतकों में एक महत्वपूर्ण संकेत लाभ में उपलब्ध आपूर्ति का घटकर वर्ष 2022 की मंदी जैसे स्तर पर पहुंचना है। इसका अर्थ यह है कि बड़ी संख्या में निवेशक अब लाभ की स्थिति में नहीं हैं, जिससे घबराहट में बिक्री बढ़ सकती है और कीमतों पर अतिरिक्त दबाव बन सकता है।
वैश्विक शोध संस्थानों की चेतावनी
अन्य वैश्विक शोध संस्थानों ने भी चेतावनी दी है कि यदि व्यापक आर्थिक परिस्थितियां कमजोर रहीं और जोखिमपूर्ण निवेश से पूंजी निकलती रही तो बिटकॉइन 30,000 डॉलर के आसपास तक गिर सकता है। कुछ अनुमानों के अनुसार ऐतिहासिक क्रिप्टो शीतकाल के दौरान बिटकॉइन औसतन 80 प्रतिशत तक गिर चुका है।
हालांकि सभी विशेषज्ञ निराशावादी नहीं हैं। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि दीर्घकाल में संस्थागत निवेश, सीमित आपूर्ति और बढ़ती स्वीकृति बिटकॉइन को दोबारा मजबूती दे सकती है। उनका तर्क है कि मौजूदा गिरावट बाजार चक्र का स्वाभाविक हिस्सा है, न कि स्थायी कमजोरी।
तकनीकी संकेतकों के अनुसार प्रमुख समर्थन स्तर टूटने की स्थिति में कीमत पहले 40,000 डॉलर और उसके बाद 30,000 डॉलर की दिशा में जा सकती है। वहीं यदि निवेशकों का विश्वास लौटता है तो इसी स्तर को भविष्य की खरीदारी का अवसर भी माना जा सकता है।
निष्कर्ष
बिटकॉइन फिलहाल अनिश्चितता और दबाव के दौर में है। विशेषज्ञों के बीच मतभेद जरूर हैं, लेकिन अधिकांश का मानना है कि वर्ष 2026 बाजार के लिए निर्णायक साबित होगा। 30,000 डॉलर तक गिरावट की आशंका के साथ-साथ यह भी संभव है कि यही स्तर अगली तेजी की मजबूत नींव बने।
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