विश्व की प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन की बाजार स्थिति में गुरुवार को एक बड़ा बदलाव आया, जब लगातार बिकवाली और भारी लीक्विडेशन के दबाव के चलते यह अब विश्व की शीर्ष दस सबसे बड़ी परिसम्पत्तियों में नहीं रहा है। इतिहास में रिकॉर्ड स्तर पर हुई परिसमापन प्रक्रिया और मूल्य में तेज गिरावट ने बिटकॉइन का वैश्विक रैंकिंग अलग कर दिया है।
गिरती कीमत और परिसमापन का प्रभाव
बिटकॉइन की कीमत हाल के सप्ताहों में लगातार नीचे की ओर रही है। शुरुआती $90,000 के करीब से यह गिरकर लगभग $80,000 के स्तर तक आ गई है, जिससे लेवरेज्ड पोजिशनों पर भारी लिक्विडेशन हुआ है और बाजार में अस्थिरता बढ़ी है। यह गिरावट बाजार में स्थित निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
विश्लेषकों के अनुसार करीब $1.6 अरब डॉलर के लंबे पोजिशन लिक्विडेट होने से बिटकॉइन की बाजार पूँजीकरण में भारी कमी आई और परिणामस्वरूप इसका वैश्विक रैंक गिर गया, जिससे यह अब 11वें स्थान पर पहुंच गया है। इसके पीछे तेजी से बिकती ट्रेडिंग, जोखिम भरे निवेश, और निवेशकों के बीच डर का फैलना प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।
सोना और पारंपरिक परिसम्पत्तियों की चमक
जब बिटकॉइन नीचे खिसक रहा है, वहीं सोने और अन्य पारंपरिक परिसम्पत्तियों की स्थिति मजबूत हो रही है। सोने की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, जिससे यह वैश्विक परिसम्पत्तियों की सूची में शीर्ष पर मजबूत बनता जा रहा है। सोने के प्रति निवेशकों की आकर्षण का कारण बाजार की अनिश्चितता और आर्थिक दबाव को सुरक्षित आश्रय के रूप में देखा जाना है।
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ईटीएफ और डिजिटल संपत्ति में निवेश उतनी धारदार नहीं रहा जितना कि कुछ महीने पहले उम्मीद की जा रही थी। हालांकि कुछ विश्लेषक यह मानते हैं कि दीर्घकालिक निवेश धारणा अभी भी बिटकॉइन के लिए मजबूत बनी हुई है, लेकिन फिलहाल कमावारी और अधिकतर व्यापारियों के बीच जोखिम से बचने की भावना ने बाजार को दबाया हुआ है।
बाजार प्रतिक्रिया और निवेशकों की भावना
वैश्विक क्रिप्टो बाजार में बिटकॉइन के बहिर्गमन के साथ ही निवेशकों की जोखिम-प्रेमी धारणा कमजोर हुई है। कई बड़े संस्थागत निवेशक एसेट से धीरे-धीरे बाहर निकल रहे हैं, जिससे बाजार में उपलब्ध पूँजी कम हो रही है और यह अस्थिरता को बढ़ावा दे रही है।
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि बिटकॉइन का पारंपरिक चार साल का चक्र भी इस वर्ष अपने सामान्य मार्ग से भटकता हुआ प्रतीत हो रहा है, और यह देखने की आवश्यकता होगी कि क्या 2026 में कोई स्थिरता या मजबूत प्रतिशोधी प्रतिक्रिया बाजार में उभरती है या नहीं।
भविष्य की संभावनाएँ
हालांकि बाजार फिलहाल दबाव में है, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि दीर्घकालिक निवेश धारणा और ब्लॉकचेन तकनीक में संस्थागत रुचि जारी रह सकती है। यह भी देखा गया है कि कई बैंक और वित्तीय संस्थाएँ डिजिटल संपत्ति सेवाओं का विस्तार कर रही हैं, जिससे भविष्य में बिटकॉइन और अन्य क्रिप्टो परिसम्पत्तियों की मांग पुनः मजबूत हो सकती है।
निष्कर्ष
बिटकॉइन का विश्व शीर्ष दस परिसम्पत्तियों से बाहर होना वैश्विक क्रिप्टो बाजार की अस्थिरता और निवेश धारणा में बदलाव का संकेत है। भारी परिसमापन, गिरती कीमतें और पारंपरिक परिसम्पत्तियों की मजबूती ने बिटकॉइन की स्थिति को प्रभावित किया है। हालांकि दीर्घकालिक संभावनाएँ अभी भी मौजूद हैं, वर्तमान में बाजार की दिशा निवेशकों के लिए सतर्क दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता दर्शाती है।
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