क्रिप्टो बाजार में हालिया अस्थिरता के बीच दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल संपत्ति बिटकॉइन एक बार फिर आम निवेशकों के रडार पर लौटती दिख रही है। गूगल सर्च डेटा से संकेत मिलता है कि कीमतों में तेज़ गिरावट और उतार चढ़ाव के दौरान बिटकॉइन को लेकर लोगों की जिज्ञासा तेजी से बढ़ी है।
ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, पिछले सप्ताह “Bitcoin” शब्द के लिए गूगल पर सर्च वॉल्यूम अपने सालाना उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। यह उछाल ऐसे समय में दर्ज हुआ जब बिटकॉइन की कीमत में अचानक गिरावट देखी गई और यह लगभग 60,000 डॉलर के स्तर तक फिसल गया, जो पिछले कई महीनों में एक अहम मनोवैज्ञानिक स्तर माना जाता है।
कीमतों में गिरावट ने बढ़ाई दिलचस्पी
डेटा से पता चलता है कि फरवरी की शुरुआत में बिटकॉइन की कीमत लगभग 81,500 डॉलर के आसपास थी, लेकिन कुछ ही दिनों में इसमें तेज़ गिरावट आई और यह करीब 60,000 डॉलर तक पहुंच गया। बाद में कीमत में आंशिक सुधार हुआ और यह फिर 70,000 डॉलर के ऊपर ट्रेड करता दिखा।
मार्केट विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की तेज़ गिरावट अक्सर नए निवेशकों का ध्यान आकर्षित करती है। जब कीमतें तेजी से गिरती हैं, तो कई संभावित खरीदार इसे एंट्री अवसर के रूप में देखने लगते हैं। यही वजह है कि सर्च गतिविधि और रिटेल दिलचस्पी में उछाल एक साथ देखने को मिला।
रिटेल निवेशकों की वापसी के संकेत
डिजिटल एसेट मैनेजमेंट फर्म बिटवाइज़ से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि मौजूदा डेटा यह संकेत दे रहा है कि रिटेल निवेशक फिर से बाजार में लौट रहे हैं।
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रिटेल भागीदारी को मापने के लिए गूगल सर्च वॉल्यूम को लंबे समय से एक अहम संकेतक माना जाता है। जब भी बाजार में बड़ी तेजी या भारी गिरावट आती है, तो आम निवेशकों की रुचि अचानक बढ़ जाती है। यह पैटर्न पिछले कई बुल और बेयर साइकल में देखा गया है।
अमेरिकी निवेशकों की खरीदारी बढ़ी
ऑन चेन डेटा से भी कुछ सकारात्मक संकेत मिले हैं। एक प्रमुख क्रिप्टो डेटा फर्म के रिसर्च हेड के अनुसार, बिटकॉइन के 60,000 डॉलर स्तर पर पहुंचने के बाद अमेरिकी निवेशकों ने खरीदारी बढ़ाई। एक्सचेंज प्रीमियम डेटा में सुधार से यह संकेत मिला कि संस्थागत और उन्नत बाजार प्रतिभागी गिरावट पर खरीदारी कर रहे हैं।
यह ट्रेंड अक्सर बाजार के मिड टर्म रिवर्सल का शुरुआती संकेत माना जाता है, हालांकि इसकी पुष्टि के लिए व्यापक वॉल्यूम और लिक्विडिटी डेटा देखना जरूरी होता है।
बाजार भावना अब भी डर के दायरे में
जहां सर्च वॉल्यूम और कुछ ऑन चेन संकेत सकारात्मक तस्वीर दिखा रहे हैं, वहीं समग्र बाजार भावना अभी भी दबाव में है। क्रिप्टो फियर एंड ग्रीड इंडेक्स बेहद निचले स्तर पर पहुंच गया, जिसे “एक्सट्रीम फियर” ज़ोन माना जाता है।
इतिहास बताता है कि जब बाजार भावना अत्यधिक डर में होती है, तब अक्सर दीर्घकालिक निवेशक धीरे धीरे पोजीशन बनाना शुरू करते हैं। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा वैल्यूएशन स्तर पर बिटकॉइन तुलनात्मक रूप से अंडरवैल्यूड दिख सकता है।
आगे क्या संकेत मिलते हैं
गूगल सर्च ट्रेंड, एक्सचेंज प्रीमियम और बाजार भावना जैसे संकेतकों को साथ देखें तो तस्वीर मिश्रित लेकिन दिलचस्प बनती है। एक तरफ आम निवेशकों की वापसी के संकेत हैं, दूसरी तरफ डर अब भी बाजार पर हावी है।
ऐतिहासिक रूप से देखा जाए तो बड़े बुल रन से पहले ऐसे ही चरण आते हैं, जहां कीमतों में तेज़ उतार चढ़ाव, नकारात्मक भावना और बढ़ती जिज्ञासा साथ साथ मौजूद रहती है। हालांकि, यह जरूरी नहीं कि हर बार यही पैटर्न दोहराया जाए।
फिलहाल इतना साफ है कि बिटकॉइन केवल कीमत के आधार पर नहीं, बल्कि निवेशक मनोविज्ञान के स्तर पर भी एक महत्वपूर्ण मोड़ से गुजर रहा है। आने वाले हफ्तों में यह देखना अहम होगा कि बढ़ती रिटेल दिलचस्पी वास्तविक पूंजी प्रवाह में बदलती है या नहीं।
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