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Rajeev Ranjan Roy
लेखक: Rajeev Ranjan Royस्टाफ लेखक
Pratik Bhuyan
Pratik Bhuyan द्वारा समीक्षितस्टाफ संपादक

बिटकॉइन में ऐतिहासिक निचले स्तर का संकेत, क्या फिर 1900% उछाल?

बिटकॉइन के एक महत्वपूर्ण ऑन-चेन संकेतक ने फिर संभावित निचले स्तर का संकेत दिया है। यह वही पैटर्न है जिसने पहले 1900% की ऐतिहासिक तेजी शुरू की थी।

बिटकॉइन में ऐतिहासिक निचले स्तर का संकेत, क्या फिर 1900% उछाल?
मूल्य विश्लेषण

दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल मुद्रा बिटकॉइन एक बार फिर ऐसे तकनीकी संकेत दिखा रही है, जिन्हें अतीत में बड़े उछाल का पूर्व संकेत माना गया था। हाल के ऑन-चेन आंकड़ों के अनुसार, “अल्पकालिक धारक तनाव” नामक संकेतक वर्ष 2018 के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है, जिससे यह संभावना व्यक्त की जा रही है कि बाजार अपने चक्र के निचले स्तर के करीब हो सकता है।

यह संकेतक उन निवेशकों के व्यवहार का विश्लेषण करता है, जिन्होंने बिटकॉइन को लगभग 155 दिनों से कम समय तक रखा है। जब यह संकेतक अपने निचले स्तर पर जाता है, तो इसका अर्थ होता है कि वर्तमान मूल्य हाल के खरीदारों की औसत खरीद कीमत से काफी नीचे है। इतिहास बताता है कि ऐसी स्थिति अक्सर बड़े सुधार और नई तेजी की शुरुआत का संकेत देती है।

सबसे महत्वपूर्ण उदाहरण वर्ष 2018 का है

सबसे महत्वपूर्ण उदाहरण वर्ष 2018 का है, जब इसी प्रकार का संकेत मिलने के बाद बिटकॉइन (BTC) ने एक वर्ष में लगभग 150 प्रतिशत और तीन वर्षों में लगभग 1900 प्रतिशत की भारी तेजी दर्ज की थी। इसी तरह, वर्ष 2022 में भी ऐसा संकेत मिला था, जिसके बाद बिटकॉइन ने लगभग 700 प्रतिशत की तेजी के साथ नया रिकॉर्ड स्तर बनाया था।

हालांकि वर्तमान परिस्थिति में एक महत्वपूर्ण अंतर भी सामने आया है। आंकड़े बताते हैं कि बड़े निवेशकों ने अभी तक पूरी तरह से नुकसान स्वीकार करके अपनी होल्डिंग नहीं बेची है। इसका अर्थ है कि बाजार में बड़े पैमाने पर घबराहट वाली बिकवाली नहीं हुई है, जो आमतौर पर अंतिम निचले स्तर के समय होती है। यह स्थिति इस संभावना को मजबूत करती है कि बाजार धीरे-धीरे स्थिरता की ओर बढ़ सकता है।

वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां

वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां भी बिटकॉइन की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। एक प्रमुख बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2026 में कर वापसी के रूप में बड़ी मात्रा में धन बाजार में आ सकता है, जिसमें से लगभग 150 अरब डॉलर तक की राशि शेयर और डिजिटल मुद्रा बाजार में निवेश हो सकती है। यदि ऐसा होता है, तो यह बिटकॉइन की कीमत को सहारा दे सकता है और तेजी की संभावना बढ़ा सकता है।

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इसके बावजूद विशेषज्ञ सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। तकनीकी संकेत केवल संभावनाएं बताते हैं, निश्चित परिणाम नहीं। व्यापक आर्थिक स्थिति, वैश्विक ब्याज दरें, नियामकीय नीतियां और निवेशकों की धारणा जैसे कई अन्य कारक भी बिटकॉइन की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं।

भारतीय संदर्भ में और महत्वपूर्ण

भारतीय संदर्भ में यह विश्लेषण और भी महत्वपूर्ण हो जाता है, क्योंकि भारत में डिजिटल मुद्राओं के प्रति रुचि तेजी से बढ़ रही है। हालांकि भारत में नियामकीय ढांचा अभी भी विकसित हो रहा है, लेकिन निवेशकों की भागीदारी और जागरूकता में वृद्धि देखी जा रही है। इस कारण वैश्विक संकेतों का असर भारतीय निवेशकों के निर्णयों पर भी पड़ सकता है।

एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू यह है कि डिजिटल मुद्राओं का बाजार अत्यधिक अस्थिर है। इसलिए संभावित तेजी के संकेत के बावजूद जोखिम भी उतना ही बड़ा रहता है। निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि अतीत का प्रदर्शन भविष्य की गारंटी नहीं होता।

निष्कर्ष

बिटकॉइन में फिर से ऐतिहासिक निचले स्तर का संकेत भविष्य में संभावित तेजी की ओर इशारा कर रहा है, लेकिन यह निश्चित नहीं है। बाजार अभी संक्रमण के दौर में है। भारतीय निवेशकों सहित वैश्विक निवेशकों के लिए यह अवसर के साथ-साथ सावधानी बरतने का भी समय है।

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यह लेख किसी भी प्रकार की निवेश सलाह या अनुशंसा प्रदान नहीं करता है। प्रत्येक निवेश और ट्रेडिंग निर्णय में जोखिम शामिल होता है, और निर्णय लेते समय पाठकों को स्वयं शोध करना चाहिए। यद्यपि हम सटीक और समय पर जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते हैं, Cointelegraph इस लेख में शामिल किसी भी जानकारी की सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं देता है। इस लेख में जोखिमों और अनिश्चितताओं के अधीन भविष्य उन्मुख वक्तव्य शामिल हो सकते हैं। इस जानकारी पर निर्भर रहने से होने वाली किसी भी हानि या नुकसान के लिए Cointelegraph उत्तरदायी नहीं होगा।