डिजिटल मुद्रा बिटकॉइन पिछले कुछ वर्षों में निवेशकों और पारंपरिक वित्त जगत दोनों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा है। 2025 में बिटकॉइन ने कई उतार-चढ़ाव देखे, जहाँ लंबे समय तक रखने वाले (LTHs) ने रिकॉर्ड स्तर पर लगभग $300 अरब की बिटकॉइन विक्रय की, जिससे बाजार में भारी अस्थिरता आई।
बाजार विश्लेषण से यह स्पष्ट होता है कि यह विक्रय दबाव अब धीरे-धीरे घट रहा है और सप्लाई स्थिर होने के संकेत मिल रहे हैं। यही वह मुख्य डेटा बिंदु है, जिस पर अगली सुपर रैली निर्भर कर सकती है। यदि लंबे समय तक रखने वालों की आपूर्ति स्थिर रहती है और विक्रय रुक जाता है, तो बिटकॉइन की कीमत में एक मजबूत आधार तैयार हो सकता है और बाद में तेजी आ सकती है।
बिटकॉइन की सप्लाई संरचना में ऐतिहासिक बदलाव
वर्ष 2025 के दौरान बिटकॉइन की सप्लाई संरचना में ऐतिहासिक बदलाव देखे गए। नवंबर से दिसंबर तक 30 दिनों के भीतर लंबी अवधि की बिटकॉइन की आपूर्ति में भारी गिरावट आई, जो पिछले पाँच सालों में सबसे तीव्र थी। पेचीदा बाजार स्थितियों के बावजूद, इस तरह की बेच की स्थितियाँ प्रायः तब होती हैं जब बाजार चक्र अपने उच्च स्तरों या संरचनात्मक बदलाव से गुजर रहा होता है।
इतिहास बताता है कि जब ऐसे विक्रय दबाव के बाद सप्लाई स्थिर होती है, तब बिटकॉइन अपने मूल्य में आधार तैयार करने या नई ऊँचाइयों तक पहुँचने की क्षमता रखता है। उदाहरण के तौर पर, 2018 में भारी विक्रय के बाद बाजार ने आधार बनाया और कीमतों में बाद में सुधार देखा गया। इसी तरह, 2020-2021 के चक्र में सप्लाई में गिरावट के बावजूद कीमतों में वृद्धि जारी रही थी।
2025 के अंत में सप्लाई में गिरावट बहुत तीव्र थी
हालाँकि, 2025 के अंत में सप्लाई में गिरावट बहुत तीव्र थी और यह संकेत देती है कि बाजार ने सिर्फ लाभ लेने की बजाय पूरी तरह से पुनर्संयोजन किया है। पिछले कुछ महीनों में सप्लाई में गिरावट रुक चुकी है और बिटकॉइन ने क्षैतिज ट्रेडिंग रेंज में प्रवेश किया है। यह स्थिति कई विशेषज्ञों के अनुसार बेस निर्माण की शुरुआत हो सकती है, जो भविष्य में तेजी के लिए मजबूत नींव तैयार कर सकती है।
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दूसरी ओर, वैश्विक बाजार संकेत भी बतलाते हैं कि बिटकॉइन की कीमतें 2026 के शुरुआती महीनों में धीरे-धीरे बढ़ रही हैं। हाल ही में बिटकॉइन $90,000 से ऊपर भी कारोबार कर रहा है, जो कि बाजार में भरोसे का संकेत है। साथ ही कुछ अनुमानों के अनुसार 2026 में बिटकॉइन की कीमत 150% तक उछल सकती है, जो निवेशकों के बीच सकारात्मक माहौल दिखाता है।
बाजार की दिशा पर अन्य बाहरी कारक भी प्रभाव डाल सकते हैं। अमेरिकी फेडरल रिज़र्व के निर्णय, ब्याज दरों में परिवर्तन और वैश्विक आर्थिक संकेतक बिटकॉइन की कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं। पिछले कुछ समय में ब्याज दरों की अनिश्चितता के कारण बिटकॉइन की कीमतों में गिरावट भी देखी गई थी, जो स्पष्ट रूप से इस डिजिटल मुद्रा की संवेदनशीलता को दर्शाता है।
निष्कर्ष
बिटकॉइन की अगली सुपर रैली की दिशा अब मुख्य रूप से लंबी अवधि से होल्ड की जाने वाली आपूर्ति में स्थिरता पर निर्भर करेगी। विक्रय दबाव के रुकने और सप्लाई के स्थिर होने से बाजार में आधार तैयार होने की संभावना बढ़ जाती है, जिससे तिमाही आधे से लेकर तीसरे तिमाही तक में तेजी देखने को मिल सकती है। अतः निवेशक और बाजार विश्लेषक अब उसी मुख्य डेटा बिंदु पर निगाहें टिकाए हुए हैं जो भविष्य की दिशा को संकेत देगा।
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