क्रिप्टो मुद्रा बाजार की सबसे बड़ी डिजिटल संपत्ति बिटकॉइन को लेकर एक बार फिर अनिश्चितता गहरा गई है। प्रतिष्ठित निवेश कंपनी गैलेक्सी डिजिटल के ताजा विश्लेषण में चेताया गया है कि बिटकॉइन की कीमत में मजबूती के स्पष्ट कारण फिलहाल दिखाई नहीं दे रहा है और आने वाले समय में इसके दाम 56 हजार डॉलर तक फिसल सकते हैं।
गैलेक्सी डिजिटल के शोध प्रमुख एलेक्स थॉर्न के अनुसार, बिटकॉइन इस समय जिस स्तर पर कारोबार कर रहा है, वह मौलिक और तकनीकी आधारों पर टिकाऊ नहीं लगता। रिपोर्ट में कहा गया है कि बिटकॉइन की मौजूदा कीमत इसके औसत वास्तविक मूल्य से काफी ऊपर है और बाजार में ऐसे संकेत नहीं हैं जो तेज़ी को मजबूती प्रदान कर सके।
लगभग 39 प्रतिशत की गिरावट
बीते कुछ महीनों में बिटकॉइन ने अपने सर्वोच्च स्तर से लगभग 39 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की है। जनवरी के अंत में कीमतों में थोड़ी तेजी जरूर देखी गई थी, लेकिन वह भी टिकाऊ साबित नहीं हुई। विश्लेषकों का मानना है कि बाजार में खरीदारों की रुचि कमजोर पड़ रही है और बड़े निवेशक फिलहाल नए दांव लगाने से बच रहे हैं।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि वैश्विक अनिश्चितता के दौर में बिटकॉइन वह भूमिका निभाने में असफल रहा है, जो आम तौर पर सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने और चांदी निभाते हैं। इससे बिटकॉइन को लेकर यह धारणा कमजोर हुई है कि वह आर्थिक संकट के समय मूल्य की रक्षा करने वाला विकल्प बन सकता है।
बिटकॉइन का “वास्तविक मूल्य”
गैलेक्सी डिजिटल के अनुसार, बिटकॉइन का तथाकथित “वास्तविक मूल्य” यानी बाजार में मौजूद सभी बिटकॉइन का औसत खरीद मूल्य करीब 56 हजार डॉलर के आसपास है। इतिहास बताता है कि जब भी बिटकॉइन तेज गिरावट के दौर में जाता है, तो अक्सर यही स्तर कीमत के लिए अहम सहारा बनता है। हालांकि यह भी सच है कि इस स्तर तक पहुंचने के लिए बाजार को और गिरावट से गुजरना पड़ सकता है।
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तकनीकी संकेतकों की बात करें तो बिटकॉइन अपने दीर्घकालिक औसत मूल्य स्तरों से नीचे फिसलता नजर आ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह प्रवृत्ति जारी रही, तो कीमत में और कमजोरी आ सकती है। दीर्घकालिक निवेशक भी फिलहाल भारी खरीदारी से दूरी बनाए हुए हैं, जिससे बाजार में स्थिरता नहीं बन पा रही है।
बिटकॉइन को कोई बड़ा सहारा मिलने की संभावना कम
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अमेरिका में प्रस्तावित डिजिटल परिसंपत्ति बाजार से जुड़े विधेयक से भी फिलहाल बिटकॉइन को कोई बड़ा सहारा मिलने की संभावना कम है। यदि यह कानून आगे बढ़ता भी है, तो उसका असर अपेक्षाकृत छोटे क्रिप्टो टोकनों पर अधिक देखने को मिल सकता है।
इसके अलावा हाल के दिनों में डिजिटल मुद्रा आधारित निवेश कोषों से धन निकासी की खबरें भी सामने आई है। इससे यह संकेत मिलता है कि संस्थागत निवेशकों का भरोसा भी फिलहाल डगमगाया हुआ है। आंकड़ों के मुताबिक, बाजार में मौजूद बड़ी मात्रा में बिटकॉइन इस समय नुकसान की स्थिति में है, जो आगे बिकवाली का दबाव बढ़ा सकती है।
हालांकि कुछ जानकारों का मानना है कि यह गिरावट स्थायी नहीं भी हो सकती। अतीत में कई बार ऐसा देखा गया है कि बिटकॉइन ने दीर्घकालिक औसत स्तरों से मजबूत वापसी की है। लेकिन मौजूदा हालात में जोखिम को नजरअंदाज करना निवेशकों के लिए महंगा साबित हो सकता है।
निष्कर्ष
गैलेक्सी डिजिटल की रिपोर्ट साफ संकेत देती है कि बिटकॉइन फिलहाल दबाव में है और कीमतों में और गिरावट से इनकार नहीं किया जा सकता। 56 हजार डॉलर का स्तर आने वाले समय में निर्णायक साबित हो सकता है। ऐसे माहौल में निवेशकों के लिए जल्दबाजी से बचना और जोखिम को समझकर कदम उठाना बेहद जरूरी है।
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