विश्व की अग्रणी ब्लॉकचेन परियोजना एथेरियम के सह-संस्थापक विटालिक बुतेरिन ने हाल ही में एथेरियम और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के बीच सहयोग की अपनी विस्तृत रूपरेखा साझा की है। बुतेरिन का मानना है कि ये दो तकनीकें अलग-अलग नहीं बल्कि एक दूसरे के पूरक हैं और मिलकर सामाजिक और तकनीकी चुनौतियों का समाधान कर सकती है।
उन्होंने अपनी सोच को तकनीकी और दार्शनिक दोनों दृष्टिकोणों से प्रस्तुत किया है। बुतेरिन का कहना है कि AI को केवल सुपर इंटेलिजेंस तक पहुंचने की रेस के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि उसे मानव-केंद्रित, सुरक्षित और न्यायसंगत तरीके से विकसित किया जाना चाहिए। इसके लिए उन्होंने एथेरियम को एक ऐसा आधार बताया है जो डेटा गोपनीयता, पारदर्शिता और विकेंद्रीकरण में अहम भूमिका निभा सकता है।
गोपनीयता केंद्रित AI टूलिंग
सबसे पहले, बुतेरिन ने गोपनीयता केंद्रित AI टूलिंग का महत्व बताया है। आज के AI मॉडल, विशेषकर बड़े भाषा मॉडल, उपयोगकर्ताओं के डेटा को केंद्रीकृत सर्वरों पर भेजते हैं, जिससे गोपनीयता जोखिम बढ़ता है।
बुतेरिन के अनुसार, स्थानीय उपकरणों पर चलने वाले भाषाई मॉडल और शून्य-ज्ञान क्रिप्टोग्राफिक तकनीकें उपयोगकर्ताओं को पहचान छुपाकर AI सेवाओं का उपयोग करने का मौका देंगी। इस तरह व्यक्तिगत डेटा किसी केंद्रीकृत कंपनी के पास नहीं जाएगा और गोपनीयता बनी रहेगी।
AI-से-AI आर्थिक लेयर
दूसरा, बुतेरिन ने एथेरियम को AI-से-AI आर्थिक लेयर के रूप में देखा है। इसका अर्थ यह है कि AI एजेंट्स एक दूसरे से आर्थिक लेन-देन कर सकते हैं, सेवाएं खरीद सकते हैं, जमा रख सकते हैं और विवादों का समाधान ब्लॉकचेन के जरिये कर सकते हैं।
यह दृष्टिकोण पारंपरिक केंद्रीकृत प्लेटफार्मों की तुलना में अधिक स्वतंत्र और पारदर्शी आर्थिक संरचना प्रदान करता है, जहां मध्यस्थ संस्थाओं का नियंत्रण कम होगा।
सत्यापन और आश्वासन
तीसरा, बुतेरिन ने सत्यापन और आश्वासन की प्रक्रिया में AI की भूमिका पर बल दिया है। उनका कहना है कि पारंपरिक ब्लॉकचेन प्रणालियों में उपयोगकर्ताओं को खुद प्रत्येक कोड को समझना और सत्यापित करना कठिन होता है। बड़े भाषा मॉडल इस काम को कर सकते हैं – स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स की जाँच, लेन-देन के औचित्य की पुष्टि और प्रोटोकॉल की सुरक्षा की समीक्षा कर सकते हैं। इस तरह ब्लॉकचेन पर “आश्वासन, न कि विश्वास” का आदर्श साकार हो सकता है, जो साइबरपंक आंदोलन का मूल मंत्र रहा है।
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चौथा, बुतेरिन ने बंधुआ बाजार और शासन प्रणालियों का पुन: आविष्कार करने की आवश्यकता बताई है। आज भी कई शासन और बाजार तंत्र मनुष्य की सीमित निर्णय-क्षमता के कारण प्रभावी रूप से काम नहीं कर पाते। बड़े भाषा मॉडल इन सीमाओं को पार कर सकते हैं और मुक्त, न्यायसंगत एवं अधिक प्रतिक्रियाशील प्रणाली बनाने में मदद कर सकते हैं, चाहे वह प्रिडिक्शन मार्केट हों या विकेंद्रीकृत मतदान तंत्र।
तकनीकी समुदायों के लिए नए अवसर
बुतेरिन की यह सोच वित्तीय बाजारों और तकनीकी समुदायों के लिए नए अवसर खोलती है। वह एथेरियम को केवल एक वित्तीय लेयर के रूप में नहीं बल्कि एक सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के रूप में देखते हैं, जो डेटा गोपनीयता, आर्थिक सहभागिता और तकनीकी निष्पक्षता सुनिश्चित कर सकता है। इसके साथ ही, उन्होंने जोर देकर कहा है कि मानव एजेंसी और नियंत्रण बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है, ताकि तकनीकी विकास समाज के व्यापक हित में हो।
हालांकि इस दृष्टिकोण पर कुछ आलोचना भी सामने आई है कि एथेरियम जैसे जटिल नेटवर्क को इतनी व्यापक दायित्व देना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, खासकर जब ब्लॉकचेन विकास के अन्य क्षेत्रों में भी निरंतर प्रगति की आवश्यकता है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह विचारात्मक स्तर पर आकर्षक है, लेकिन व्यावहारिक रूप से लागू करने में समय और तकनीकी संसाधनों की आवश्यकता होगी।
निष्कर्ष
विटालिक बुतेरिन का एथेरियम-AI संयोजन का दृष्टिकोण न केवल तकनीकी संगम की नई दिशा देता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि भविष्य की तकनीकें मानव केंद्रित, न्यायसंगत और विकेंद्रीकृत हो सकती हैं। उनके विचार पारदर्शिता, गोपनीयता और लोकतांत्रिक तकनीकी नियंत्रण को प्राथमिकता देते हैं, जो आने वाले समय में डिजिटल समाज के विकास की नींव बन सकते हैं।
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