Ethereum मेननेट पर गतिविधि में अचानक उछाल क्यों आया?
क्रिप्टोक्यूरेंसी उद्योग में प्रमुख ब्लॉकचैन इथेरियम ने एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर प्राप्त किया है। जनवरी 2026 में इसकी मुख्य नेटवर्क (मेननेट) पर दैनिक सक्रिय पतों की संख्या ने सभी प्रमुख लेयर-2 (L2) समाधान नेटवर्क्स से अधिक हो गई है। यह विकास डेटा विश्लेषण प्लेटफॉर्म Token Terminal की जानकारी के अनुसार हुआ है, जिससे संकेत मिलता है कि उपयोगकर्ताओं की गतिविधि मुख्य नेटवर्क की ओर लौट रही है।
आंकड़ों के अनुसार, 16 जनवरी को इथेरियम पर दैनिक सक्रिय पतों की संख्या लगभग 1.3 मिलियन तक पहुंच गई थी, जबकि बाद में यह लगभग 945,000 के स्तर पर स्थिर हुआ। यह संख्या प्रमुख लेयर-2 नेटवर्क्स जैसे आर्बिट्रम वन, बेस चेन और ओपी मेननेट से अधिक दर्ज की गई। लेयर-2 नेटवर्क्स संयुक्त रूप से लगभग 45 अरब डॉलर के संपत्तियों का प्रबंधन कर रहे हैं, लेकिन मुख्य नेटवर्क पर गतिविधि की ताज़ा लहर ने इन पर ध्यान आकर्षित किया है।
गैस फीस में कमी बना बड़ा कारण
विश्लेषकों का मानना है कि इस उछाल का एक बड़ा कारण दिसंबर 2025 में लागू किया गया फुसाका (Fusaka) अपडेट रहा है, जिसने नेटवर्क पर गैस शुल्क को काफी कम कर दिया। इससे लेन-देन सस्ते और अधिक सुलभ हो गए, जिससे गतिविधि में वृद्धि हुई। हालांकि विशेषज्ञ यह भी चेतावनी दे रहे हैं कि सभी गतिविधि वास्तविक उपयोगकर्ताओं से नहीं हो सकती।
कुछ निगरानी रिपोर्टों में एड्रेस पॉइज़निंग और डस्टिंग जैसे संदिग्ध व्यवहारों का संकेत मिलता है, जहां धोखाधड़ी करने वाले छोटे-छोटे लेन-देन भेजकर फर्जी पतों को सक्रिय दिखाते हैं।
एड्रेस पॉइज़निंग एक ऐसी तकनीक है, जिसमें धोखाधड़ी करने वाले बेहद कम राशि के साथ कई पते सक्रिय करते हैं। इससे नेटवर्क पर सक्रिय पतों की संख्या में कृत्रिम वृद्धि दिखाई देती है। सुरक्षा शोधकर्ता एंड्रे सेरगेएनकोव के अनुसार, कम शुल्क की वजह से इस तरह के गतिविधि आधारित हमलों को अंजाम देना आसान हो गया है, जिससे असली उपयोग और नकली गतिविधि के बीच अंतर करना कठिन हो रहा है।
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सबसे भरोसेमंद प्लेटफॉर्म
हालाँकि, इस उभरते आंकड़े के बावजूद इथेरियम का मुख्य नेटवर्क टोकन और स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट आधारित संपत्तियों के लिए सबसे भरोसेमंद प्लेटफॉर्म बना हुआ है। एआरके इन्वेस्ट के एक विश्लेषण के अनुसार, इथेरियम पर ऑन-चेन संपत्तियों का कुल मूल्य 400 अरब डॉलर से अधिक है और यह 2030 तक वैश्विक स्तर पर टोकनाइज़्ड संपत्तियों के बाजार का एक बड़ा हिस्सा संभाल सकता है।
इसके अंतर्गत स्थिरकॉइन्स का 56 प्रतिशत हिस्सा और वास्तविक-विश्व टोकनाइज़्ड संपत्तियों का 66 प्रतिशत हिस्सा इथेरियम नेटवर्क पर मौजूद है, जिसमें लेयर-2 को भी शामिल किया गया है।
विश्लेषण बताते हैं कि मुख्य नेटवर्क पर गतिविधि में यह उछाल एक तरफ नेटवर्क की स्थिरता, कम गैस शुल्क और उपयोगकर्ता वापसी को दर्शाता है, वहीं दूसरी ओर संभावित सुरक्षा-सम्बंधी जोखिमों पर भी सवाल उठाता है। ब्लॉकचैन सुरक्षा समुदाय अब यह देखने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है कि असली उपयोगकर्ताओं की भागीदारी कितनी है और कितनी गतिविधि कृत्रिम है।
कुल मिलाकर, इथेरियम मेननेट का यह रुझान संकेत देता है कि ब्लॉकचैन पारिस्थितिकी तंत्र में मुख्य नेटवर्क की भूमिका अब भी मजबूत है, भले ही लेयर-2 समाधान तेज़ गति और सस्ते लेन-देन की पेशकश करते हों। उपयोगकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी और नेटवर्क गतिविधि में संतुलन आने पर यह दिशा और अधिक स्पष्ट होगी।
निष्कर्ष
इथेरियम मेननेट पर दैनिक सक्रिय पतों की संख्या में हालिया उछाल मुख्य नेटवर्क की प्रासंगिकता और उपयोगिता को दर्शाता है, विशेषकर जब गैस शुल्क कम हो गए हैं। हालांकि नेटवर्क गतिविधि में कुछ धब्बे संभावित स्पैम या फर्जी व्यवहारों के कारण हो सकते हैं, फिर भी इथेरियम ब्लॉकचैन की व्यापक उपयोगिता और संपत्ति-प्रबंध क्षमता उसे ब्लॉकचैन जगत में एक महत्वपूर्ण स्थान देती है। भविष्य में वास्तविक उपयोग और नेटवर्क सुरक्षा पर और गहन निगरानी आवश्यक हो जाएगी।
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