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Rajeev Ranjan Roy
लेखक: Rajeev Ranjan Royस्टाफ लेखक
Pratik Bhuyan
Pratik Bhuyan द्वारा समीक्षितस्टाफ संपादक

रिकॉर्ड पर सोना और चांदी, क्या यह बड़े आर्थिक संकट का संकेत है?

वैश्विक व्यापार तनाव, भू-राजनीतिक अनिश्चितता और सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से सोना और चांदी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे हैं, जबकि क्रिप्टो बाजार दबाव में है।

रिकॉर्ड पर सोना और चांदी, क्या यह बड़े आर्थिक संकट का संकेत है?
बाज़ार विश्लेषण

सोना और चांदी रिकॉर्ड स्तर पर क्यों पहुंचे?

दुनिया के वित्तीय बाजारों में इस समय एक तीव्र मूड स्विच देखा जा रहा है जहाँ पारंपरिक सुरक्षित निवेश साधन जैसे सोना और चांदी की कीमतें उछाल पर है, लेकिन क्रिप्टोकरेंसी जैसे बिटकॉइन और अन्य डिजिटल संपत्तियाँ कमजोर प्रदर्शन कर रही हैं। विश्लेषण बताता है कि इसके पीछे वैश्विक व्यापार तथा राजनीतिक तनाव, उच्च टैरिफ की आशंकाएँ और निवेशकों का सुरक्षित विकल्पों की ओर कदम मुख्य कारण हैं।

ऐतिहासिक उच्च स्तर

सबसे पहले सोने और चांदी की कीमतों पर नजर डालें तो इन दोनों धातुओं ने हाल ही में ऐतिहासिक उच्च स्तर छू लिया है। दिल्ली में चांदी की कीमत पहली बार 3 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर को पार कर गई हैं, जबकि सोना भी नए सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंचा है। यह उछाल इस बात का संकेत है कि निवेशक इस समय किसी संभावित आर्थिक अस्थिरता के खिलाफ बचाव करने के उपाय तलाश रहे हैं।

sliver price index
चांदी की कीमतें ऐतिहासिक उच्च स्तर पर

वैश्विक व्यापार तनाव बड़ा कारण

इस तेजी का एक प्रमुख कारण अमेरिका और यूरोपीय देशों के बीच बढ़ता व्यापार तनाव है। अमेरिकी प्रशासन द्वारा कुछ यूरोपीय उत्पादों पर 10% टैरिफ लगाने और भविष्य में इसे 25% तक बढ़ाने की आशंका ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है।

इस तरह की नीतियां अक्सर:

  • वैश्विक व्यापार को धीमा करती हैं

  • सप्लाई चेन में रुकावट लाती हैं

  • आर्थिक विकास को प्रभावित करती हैं

इन परिस्थितियों में निवेशक जोखिम भरी संपत्तियों से निकलकर सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ते हैं।

भूराजनीतिक अस्थिरता

यह तनाव न केवल व्यापार के क्षेत्र में है बल्कि भूराजनीतिक अस्थिरता भी लगातार बढ़ रही है। रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष के जारी रहने से और अलग-अलग देशों के बीच मतभेदों के कारण जोखिम की भावना बढ़ी है।

ऐसे में निवेशक जोखिम भरे परिसंपत्तियों से बाहर निकलकर सुरक्षित विकल्पों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। सुरक्षित विकल्पों में सोना और चांदी प्रमुख रूप से शामिल हैं क्योंकि इन्हें पारंपरिक रूप से आर्थिक संकट के समय सुरक्षा का आवरण माना जाता है।

क्रिप्टोकरेंसी क्यों कमजोर है?

इसके विपरीत, क्रिप्टो बाजार दबाव में है। बिटकॉइन (BTC) और एथेरियम (ETH) सहित प्रमुख डिजिटल परिसंपत्तियों में हाल के सत्रों में कमजोरी देखी गई है।

कारण स्पष्ट हैं:

  • उच्च अस्थिरता

  • जोखिम-भरी परिसंपत्ति की छवि

  • मैक्रो अनिश्चितता के समय पूंजी संरक्षण की प्राथमिकता

क्रिप्टो बाजार की कमजोरी का एक और पहलू यह है कि जब पारंपरिक बाजारों में अस्थिरता बढ़ती है तो निवेशकों को अक्सर यह डर सताता है कि डिजिटल संपत्तियों की कीमतों में और गिरावट आ सकती है।

इसलिए निवेशक अपनी पूँजी सुरक्षित पूँजीगत परिसंपत्तियों जैसे कि सोना, चांदी या यहां तक कि सरकारी बांड आदि में डालते हैं। इस चरण में जोखिम सहिष्णु निवेशकों को भी अधिक सुरक्षित निवेश विकल्पों में अवसर दिखाई देते हैं।

मौद्रिक नीति और ब्याज दरों की भूमिका

मुद्रा विनिमय और मौद्रिक नीति भी इस बदलाव में एक भूमिका निभा रही है। अमेरिका और अन्य विकसित अर्थव्यवस्थाओं में मौद्रिक नीतियों में निरंतर बदलाव, ब्याज दरों में संभावित कटौती की उम्मीदें और मुद्रास्फीति की स्थितियाँ निवेशकों को सोने और चांदी जैसे गैर-उपज देने वाले परिसंपत्तियों में निवेश के लिए प्रेरित कर रही हैं।

जब ब्याज दरों में गिरावट की उम्मीद होती है, तो अव्याज-वापसी वाले परिसंपत्तियाँ जैसे सोना अधिक आकर्षक बन जाते हैं। इसके विपरीत, क्रिप्टो बाजार को अक्सर उच्च जोखिम और अस्थिरता के साथ जोड़ा जाता है, जिससे अधिक सुरक्षित संपत्तियों की तुलना में निवेशकों के लिए यह कम प्राथमिकता बन गया है।

भारत जैसे बड़े उपभोक्ता बाजारों में सोना और चांदी की मांग स्थानीय रूप से भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची है। घरेलू कीमतों के रुझान ने देखा है कि सोना और चांदी पर सरकारी टैक्स तथा अंतरराष्ट्रीय कीमतों के उतार-चढ़ाव का प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ा है। विशेषज्ञों के अनुसार, इन धातुओं की मांग में वृद्धि से घरेलू निवेशकों के बीच भी सुरक्षित निवेश विकल्पों के प्रति रुझान मजबूत हुआ है।

हालाँकि कुछ विश्लेषक चेतावनी देते हैं कि जिन परिसंपत्तियों में सबसे अधिक उछाल आता है, उनमें अधिक जोखिम भी होता है। इसलिए निवेशकों को चाहिए कि वे अपनी निवेश रणनीतियों में विविधता बनाए रखें और बाजार की दीर्घकालिक दिशा तथा जोखिम-प्रबंधन की रणनीति पर विचार करें।

निष्कर्ष

वैश्विक वित्तीय बाजारों में सोना और चांदी की कीमतों का रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचना दर्शाता है कि निवेशक आज की अनिश्चित आर्थिक और राजनीतिक परिस्थिति में सुरक्षित संपत्तियों को प्राथमिकता दे रहे हैं।

वहीं, क्रिप्टोकरेंसी बाजार की कमजोरी इस बात का संकेत है कि जोखिम-भरी संपत्तियों के खिलाफ सतर्कता बढ़ रही है। इस बदलाव से यह स्पष्ट होता है कि मौजूदा वैश्विक परिदृश्य में सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग उभर कर सामने आयी है, जो बाजार के संतुलन और निवेशकों की रणनीतियों को पुनः आकार दे रही है।

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यह लेख किसी भी प्रकार की निवेश सलाह या अनुशंसा प्रदान नहीं करता है। प्रत्येक निवेश और ट्रेडिंग निर्णय में जोखिम शामिल होता है, और निर्णय लेते समय पाठकों को स्वयं शोध करना चाहिए। यद्यपि हम सटीक और समय पर जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते हैं, Cointelegraph इस लेख में शामिल किसी भी जानकारी की सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं देता है। इस लेख में जोखिमों और अनिश्चितताओं के अधीन भविष्य उन्मुख वक्तव्य शामिल हो सकते हैं। इस जानकारी पर निर्भर रहने से होने वाली किसी भी हानि या नुकसान के लिए Cointelegraph उत्तरदायी नहीं होगा।