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Rajeev Ranjan Roy
लेखक: Rajeev Ranjan Royस्टाफ लेखक
Pratik Bhuyan
Pratik Bhuyan द्वारा समीक्षितस्टाफ संपादक

हैदराबाद में डिजिटल निवेश ठगी में 2.65 करोड़ की साइबर धोखाधड़ी

हैदराबाद में सामाजिक माध्यम के जरिए संपर्क कर ठगों ने एक वरिष्ठ कारोबारी को डिजिटल मुद्रा और शेयर निवेश के नाम पर झांसा देकर 2.65 करोड़ रुपये ठग लिए। नकली निवेश मंच बनाकर ऊंचे लाभ का लालच दिया गया।

हैदराबाद में डिजिटल निवेश ठगी में 2.65 करोड़ की साइबर धोखाधड़ी
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तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में डिजिटल निवेश ठगी का एक और बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें 69 वर्षीय कारोबारी को डिजिटल मुद्रा और शेयर निवेश के नाम पर 2.65 करोड़ रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ा। यह घटना देश में तेजी से बढ़ रहे साइबर वित्तीय अपराधों की गंभीरता को उजागर करती है।

पुलिस के अनुसार पीड़ित कारोबारी से अगस्त 2025 में सामाजिक माध्यम के जरिए एक महिला ने संपर्क किया। खुद को निवेश विशेषज्ञ बताते हुए उसने कारोबारी का विश्वास जीत लिया और दावा किया कि वह उच्च लाभ देने वाली अंतरराष्ट्रीय निवेश योजना से जुड़ी है। धीरे-धीरे बातचीत बढ़ने के बाद आरोपी ने कारोबारी को एक कथित निवेश मंच पर धन लगाने के लिए प्रेरित किया।

शुरुआत में छोटे लाभ से बनाया भरोसा

विश्वास कायम करने के लिए ठगों ने शुरुआत में करीब ₹4,000 की निकासी की अनुमति दी। सफल ट्रांजैक्शन के बाद पीड़ित को नकली डैशबोर्ड और स्क्रीनशॉट के जरिए करोड़ों के लाभ का भ्रम दिखाया गया।

सितंबर से दिसंबर 2025 के बीच पीड़ित ने अलग-अलग खातों में 10 बार धनराशि ट्रांसफर की।

15% अतिरिक्त शुल्क की मांग

जब कारोबारी ने मुनाफा निकालने का प्रयास किया, तो आरोपियों ने 15 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क जमा करने की मांग की।

संदेह होने पर भुगतान से इनकार किया गया, जिसके तुरंत बाद:

  • आरोपी संपर्क से गायब हो गए

  • कथित निवेश वेबसाइट बंद हो गई

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पुलिस में शिकायत और जांच

25 फरवरी 2026 को पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज की। साइबर अपराध पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

जांच में बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन की पड़ताल की जा रही है।

निवेश ठगी के बढ़ते मामले

विशेषज्ञों के अनुसार, Hyderabad समेत कई महानगरों में डिजिटल निवेश ठगी के मामले तेजी से बढ़े हैं।

सामान्य रणनीति:

  • सोशल मीडिया से संपर्क

  • छोटे लाभ दिखाकर विश्वास बनाना

  • नकली निवेश प्लेटफॉर्म

  • अतिरिक्त शुल्क के नाम पर ठगी

साइबर अपराधी विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों और कारोबारियों को निशाना बना रहे हैं।

निष्कर्ष

हैदराबाद की यह घटना स्पष्ट संकेत देती है कि डिजिटल निवेश के बढ़ते चलन के साथ साइबर ठगी भी संगठित रूप ले चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि लालच और जल्द लाभ की मानसिकता अपराधियों के लिए सबसे बड़ा हथियार बन रही है। जागरूकता, सत्यापन और समय पर शिकायत ही ऐसे अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।

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