वैश्विक निवेश बैंक जेफरीज के वरिष्ठ रणनीतिकार क्रिस्टोफर वुड ने अपने प्रसिद्ध “ग्रीड एंड फियर” (लालच और भय) पोर्टफोलियो से बिटकॉइन का निवेश हिस्सा पूरी तरह हटा दिया है। वुड ने इसे लम्बी अवधि के निवेश की दृष्टि से खतरा बताते हुए इस सप्ताह अपने 10 प्रतिशत बिटकॉइन आवंटन को पूरी तरह खत्म कर दिया।
इन निवेश परिवर्तनों का खुलासा जेफरीज के नवीनतम “ग्रीड एंड फियर” निवेश रिपोर्ट में किया गया, जिसमें बताया गया कि बिटकॉइन के बजाय अब उस 10 प्रतिशत हिस्से में 5 प्रतिशत निवेश भौतिक सोना और शेष 5 प्रतिशत सोना खनन कंपनियों में किया जाएगा।
क्वांटम कंप्यूटिंग जोखिम
क्रिस्टोफर वुड ने इस भारी फैसले के पीछे मुख्य कारण क्वांटम कंप्यूटिंग जोखिम को बताया है। वे मानते हैं कि भविष्य में उभरती क्वांटम कंप्यूटिंग तकनीक बिटकॉइन की सुरक्षा की आधारशिला, यानी क्रिप्टोग्राफ़िक सुरक्षा को कमजोर कर सकती है। इससे बिटकॉइन के नेटवर्क के लेन-देन और निजी कुंजियों की सुरक्षा पर गंभीर संकट आ सकता है।
जहां आज की कंप्यूटिंग तकनीक सार्वजनिक कुंजी से निजी कुंजी निकालने में असमर्थ है, वहीं क्वांटम कंप्यूटर अत्यंत तीव्र गति से गणनाएँ कर सकते हैं। अगर किसी समय पर्याप्त क्षमता वाला क्वांटम कंप्यूटर विकसित हो जाता है, तो वह बिटकॉइन वॉलेट की निजी कुंजियों को सार्वजनिक कुंजियों से आसानी से प्राप्त कर सकता है और यूज़र के फंड तक अवैध पहुँच बना सकता है।
बिटकॉइन की कीमत पर तुरंत प्रभाव नहीं
जेफरीज़ ने स्पष्ट किया है कि वह यह जोखिम तुरंत बिटकॉइन की कीमत पर प्रभाव पड़ने वाला नहीं मानते, परंतु यह लंबी अवधि में एक अस्तित्व संबंधी खतरा बन सकता है। ऐसे खतरे को देखते हुए वुड के अनुसार बिटकॉइन अब ‘लंबे समय तक सुरक्षित मूल्य का भंडार’ (स्टोर ऑफ़ वैल्यू) नहीं रह पाया है, खासकर उन निवेशकों के लिए जिनका लक्ष्य पेंशन और दीर्घकालिक निवेश है।
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हालांकि रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि बिटकॉइन का प्रदर्शन अभी भी मजबूत रहा है। दिसंबर 2020 में जब जेफरीज ने बिटकॉइन को अपने पोर्टफोलियो में शामिल किया था तब से इस डिजिटल मुद्रा ने लगभग 325 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की है, जबकि उसी अवधि में सोने की कीमत करीब 145 प्रतिशत बढ़ी।
बिटकॉइन समुदाय में मतभेद
बिटकॉइन समुदाय में इस निर्णय को लेकर मतभेद भी हैं। कुछ ब्लॉकचैन डेवलपर्स और विशेषज्ञ मानते हैं कि क्वांटम कंप्यूटिंग तकनीक के वास्तविक खतरों का समय अभी बहुत दूर है और बिटकॉइन नेटवर्क को तुरंत इससे जोखिम में नहीं माना जाना चाहिए।
ब्लॉकस्ट्रीम के सीईओ और अन्य क्रिप्टो विशेषज्ञों का कहना है कि अगर भविष्य में क्वांटम कंप्यूटिंग अत्यंत प्रबल रूप से उपलब्ध हुआ तो बिटकॉइन नेटवर्क अपने क्रिप्टोग्राफ़िक प्रोटोकॉल को भी अपडेट कर सकता है।
इन बहसों के बीच जेफरीज़ ने यह कदम सोने की ओर निवेश को बढ़ावा देने के रूप में भी देखा है। सोना सदियों से मूल्य का सुरक्षित भंडार माना जाता रहा है और वुड का मानना है कि तकनीकी और वैश्विक जोखिम की बढ़ती अनिश्चितता के समय सोना अधिक भरोसेमंद विकल्प है।
गंभीर चर्चा और विचारशील दृष्टिकोण
विश्लेषकों का कहना है कि इस तरह के निर्णय से वैश्विक निवेश समुदाय में बिटकॉइन के भविष्य और उसकी सुरक्षा को लेकर गंभीर चर्चा और विचारशील दृष्टिकोण उभर रहे हैं। कुछ निवेशक मानते हैं कि क्वांटम कंप्यूटिंग के धीरे-धीरे विकास के बावजूद बिटकॉइन की लोकप्रियता और व्यापक उपयोग इसे दीर्घकालिक निवेश विकल्प के रूप में बनाए रखेगी। वहीं, अन्य अधिक सावधानी बरतते हुए ऐसे तकनीकी जोखिमों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
निष्कर्ष
जहां बिटकॉइन ने पिछले कुछ वर्षों में निवेशकों को मजबूत लाभ दिया है और डिजिटल वित्तीय प्रणाली में अपनी पहचान बनाई है, वहीं जेफरीज जैसे प्रमुख निवेश संस्थान का यह कदम यह दर्शाता है कि व्यापक निवेश निर्णय अब तकनीकी जोखिमों और सुरक्षा चिंताओं को गंभीरता से ले रहे हैं।
क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे उभरते जोखिम ने बिटकॉइन के दीर्घकालिक निवेश के स्वरूप पर प्रश्नचिह्न लगाया है और यह संकेत दिया है कि निवेशक अपने पोर्टफोलियो में विविधता और सुरक्षा के महत्व को पुनः समझ रहे हैं। भविष्य में बिटकॉइन की तकनीकी तैयारी और सुरक्षा सुधार इस डिजिटल मुद्रा की स्थिरता और विश्वसनीयता तय करेंगे।
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