विश्वभर में क्रिप्टो निवेशकों और बाजार विश्लेषकों के बीच मंन्त्रा प्रोजेक्ट (Mantra) की रणनीति और नेतृत्व कौशल फिर से चर्चा का विषय बन गई है। स्विट्ज़रलैंड स्थित मंन्त्रा, जो वास्तविक दुनिया की संपत्तियों (RWA) के टोकनाइजेशन पर केंद्रित एक ब्लॉकचेन परियोजना है, ने OM टोकन के मूल्य में भयंकर गिरावट और बाजार की लगातार नकारात्मक परिस्थितियों के चलते अपने संचालन का व्यापक पुनर्गठन करने का निर्णय लिया है।
रणनीतिक पुनर्गठन केवल लागत कटौती नहीं
मंन्त्रा के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी जॉन पैट्रिक मुलिन ने 14 जनवरी 2026 को घोषणा की कि कंपनी अब अधिक कुशल, संसाधन-संयुक्त और पूंजी-कार्यों में दक्ष तरीके से आगे बढ़ेगी। इसके तहत संगठन को कॉम्पैक्ट ढांचे में बदलने के लिए कर्मचारियों की संख्या कम करने और कुछ टीमों में छँटाई करने का निर्णय लिया गया है।
कंपनी के बयान के मुताबिक, यह रणनीतिक पुनर्गठन केवल लागत कटौती ही नहीं, बल्कि दीर्घकालिक सफलता के लिए संसाधनों को फिर से व्यवस्थित करने का एक बड़ा कदम है। मुलिन ने यह भी कहा कि इस कठिन समय के निर्णयों की जिम्मेदारी वह स्वयं लेते हैं और हटाए जा रहे कर्मचारियों के लिए कंपनी का आभार जताया।
OM टोकन का पतन
OM टोकन 2025 की शुरुआत में जोरदार आगमन हुआ था और फरवरी 2025 में इसके मूल्य ने लगभग $8.99 तक पहुंचकर नया उच्चतम स्तर बनाया। लेकिन अप्रैल 2025 में अचानक यह टोकन गिरकर लगभग $0.59 पर आ गिरा, जिससे इसके कुल बाजार मूल्य में लगभग 99 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज हुई।
विश्लेषकों के अनुसार, इस तेज गिरावट का मुख्य कारण केंद्रित विनिमय पर बड़े पैमाने पर जबरन परिसमापन था, जिससे टोकन की कीमत में अचानक भारी दबाव पड़ा। यह घटना कुछ ही घंटों के भीतर लगभग 90 प्रतिशत गिरावट के रूप में सामने आई, जिसने निवेशकों और बाजार में चिंता को बढ़ाया।
मंन्त्रा ने इस गिरावट को अपनी आंतरिक कमजोरी के बजाय बाजार की दबावपूर्ण स्थितियों और विनिमय प्रक्रियाओं के लिए जिम्मेदार बताया। इस घटना के बाद, कंपनी ने प्रशासनिक पारदर्शिता, वैलिडेटर विकेंद्रीकरण, टोकनोमिक्स डैशबोर्ड लॉन्च जैसे उपाय भी लागू किए और लगभग 150 मिलियन OM टोकन को जला कर आपूर्ति को कम करने की कोशिश की।
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दबाव और वित्तीय चुनौतियाँ
टोकन की गिरावट के बावजूद, मंन्त्रा ने RWA ब्लॉकचेन रणनीति पर अपने विश्वास को दोहराया है। हालांकि बढ़ती प्रतिस्पर्धा, बाजार की मंदी और वित्तीय बोझ ने कंपनी के खर्च को अतिशय बनाकर रख दिया, जिससे प्रतिफल और निवेश पर दबाव बढ़ा। इन कठिनाइयों के चलते संगठन ने व्यावसायिक विकास, विपणन, मानव संसाधन और समर्थन टीमों में प्रमुख छाँटनी का निर्णय लिया है।
कुछ बाजार विश्लेषकों का मानना है कि OM टोकन के पतन ने व्यापक क्रिप्टो निवेशकों को RWA टोकनाइजेशन के जोखिमों पर पुनर्विचार करने के लिए प्रेरित किया है। हालांकि मंन्त्रा ने दावा किया कि टीम और संस्थापक सदस्यों ने अपने टोकन नहीं बेचे, बाजार में व्यापक संदेह और आलोचना का माहौल बना रहा है।
आगे क्या?
पुनर्गठन के बाद मंन्त्रा अब मुख्य कार्यों पर ध्यान केंद्रित करने का प्रयास करेगा और अपनी तकनीकी क्षमताओं को और अधिक सशक्त बनाने का लक्ष्य रखेगा। OM टोकन के परिवर्तित चरण के लिए एक अंतिम तिथि भी निर्धारित की गई है, जो निवेशकों को अपने टोकन को मूल मंन्त्रा चेन पर स्थानांतरित करने के लिए मार्गदर्शित करती है।
कुल मिलाकर, मंन्त्रा का यह कदम एक कम लागत, अधिक फोकस्ड और टिकाऊ भविष्य की ओर बढ़ने का संकेत है, हालांकि इसके लिए बाजार की परिस्थितियों और निवेशक विश्वास में सुधार अत्यंत आवश्यक है।
निष्कर्ष
OM टोकन की भारी गिरावट और बाजार की मंदी के बीच मंन्त्रा का पुनर्गठन एक महत्वपूर्ण रणनीतिक निर्णय है। छंटनी और संगठनात्मक पुनर्संरचना से कंपनी को वर्तमान चुनौतियों से उबरने और अपने दीर्घकालिक लक्ष्यों को पुनः प्राप्त करने में मदद मिल सकती है। निवेशकों की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए मंन्त्रा को पारदर्शिता, स्थिरता और विश्वास-निर्माण पर अधिक जोर देना होगा।
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