बिटकॉइन केंद्रित निवेश नीति अपनाने वाली स्ट्रैटेजी ने महज एक सप्ताह के भीतर बाइस हजार तीन सौ पांच बिटकॉइन की खरीद की। इस आक्रामक खरीद से कंपनी की कुल बिटकॉइन होल्डिंग सात लाख के पार पहुंच गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम बिटकॉइन को मिल रही बढ़ती वैश्विक स्वीकृति और संस्थागत रुचि को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
12 जनवरी से 19 जनवरी के बीच विशाल खरीदारी
माइकल सेलर, जिन्होंने अपनी पारंपरिक सॉफ्टवेयर कंपनी माइक्रोस्ट्रैटेजी को पूरी तरह बिटकॉइन आधारित निवेश इकाई के रूप में पुनर्गठित कर स्ट्रैटेजी का रूप दिया, ने 12 जनवरी से 19 जनवरी के बीच यह विशाल खरीदारी की।
इस दौरान की गई खरीद की कुल लागत लगभग दो अरब तेरह करोड़ अमेरिकी डॉलर रही। यह अब तक की उनकी सबसे बड़ी साप्ताहिक खरीद मानी जा रही है। इस निवेश के साथ ही कंपनी के पास उपलब्ध कुल बिटकॉइन, वैश्विक परिसंचरण में मौजूद कुल आपूर्ति का लगभग तीन दशमलव सैंतीस प्रतिशत हो गया है।
पूंजी जुटाने की रणनीति
आर्थिक दृष्टि से देखें तो स्ट्रैटेजी ने यह खरीद बाजार दर पर शेयर जारी करने की योजना के तहत की। इसके अंतर्गत कंपनी ने साधारण और प्राथमिकता प्राप्त शेयर जारी कर लगभग दो अरब बारह करोड़ अमेरिकी डॉलर की पूंजी जुटाई। कंपनी का उद्देश्य अपने शेयरधारकों के लिए बिटकॉइन आधारित संपत्ति का विस्तार करना है, भले ही इससे अल्पकाल में शेयर मूल्य में कुछ उतार-चढ़ाव देखने को मिले।
हालांकि खरीद के समय बिटकॉइन की कीमत लगभग पंचानवे हजार दो सौ चौरासी अमेरिकी डॉलर प्रति सिक्का के आसपास थी, लेकिन बाजार में आई गिरावट के कारण यह निवेश फिलहाल कागजी नुकसान की स्थिति में दिखाई दे रहा है।
डिजिटल मुद्रा बाजार में जारी अस्थिरता का असर कंपनी के शेयर मूल्य पर भी पड़ा है, हालांकि दीर्घकालिक निवेशकों का ध्यान अभी भी भविष्य में संभावित लाभ पर केंद्रित है।
संस्थागत विश्वास का संकेत
स्ट्रैटेजी का यह कदम केवल कंपनी की परिसंपत्ति वृद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि यह डिजिटल मुद्रा बाजार में बढ़ती संस्थागत भागीदारी का भी मजबूत संकेत देता है। अब पारंपरिक निवेशक और बड़ी कंपनियां डिजिटल संपत्तियों को एक गंभीर और दीर्घकालिक निवेश विकल्प के रूप में स्वीकार करने लगी हैं, जिससे बिटकॉइन की मांग और मूल्य धारणा को मजबूती मिल रही है।
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रणनीति का बड़ा दांव
स्ट्रैटेजी की नीति पूरी तरह स्पष्ट है – बिटकॉइन को भविष्य की प्रमुख वित्तीय संपत्ति मानते हुए नियमित और बड़े पैमाने पर खरीद जारी रखना, ताकि कंपनी की प्रति शेयर बिटकॉइन हिस्सेदारी में निरंतर वृद्धि हो सके। यह रणनीति मौजूदा शेयरधारकों के लिए दीर्घकाल में अधिक लाभकारी सिद्ध हो सकती है, बशर्ते बाजार का रुख अनुकूल बना रहे।
माइकल सेलर लंबे समय से बिटकॉइन के प्रबल समर्थक रहे हैं और वे इसे डिजिटल सोना मानते हैं। उनका तर्क है कि सीमित आपूर्ति और बढ़ती वैश्विक मांग के कारण बिटकॉइन पारंपरिक मुद्राओं की तुलना में अधिक सुरक्षित और प्रभावी मूल्य भंडार बन सकता है। उनके विचार और वक्तव्य समय-समय पर बिटकॉइन के बाजार अनुमानों को भी दिशा देते रहे हैं।
बाजार पर प्रभाव
स्ट्रैटेजी की निरंतर खरीद न केवल उसकी अपनी डिजिटल संपत्ति को बढ़ा रही है, बल्कि यह अन्य संस्थागत निवेशकों को भी आकर्षित कर रही है। संकेत मिल रहे हैं कि बड़े वित्तीय संस्थान और निवेश कोष अपने निवेश पोर्टफोलियो में बिटकॉइन को शामिल कर रहे हैं, जिससे बाजार में तरलता और दीर्घकालिक स्थिरता बढ़ सकती है।
हालांकि कुछ विश्लेषकों का मानना है कि अत्यधिक खरीद और शेयरों के माध्यम से पूंजी जुटाने की यह नीति, भविष्य में बाजार में तेज गिरावट की स्थिति में जोखिम भी बढ़ा सकती है। इसके बावजूद स्ट्रैटेजी का यह कदम दर्शाता है कि कंपनी को बिटकॉइन की दीर्घकालिक स्वीकार्यता और प्रभावशाली भूमिका पर पूरा भरोसा है।
निष्कर्ष
माइकल सेलर के नेतृत्व में स्ट्रैटेजी द्वारा की गई यह विशाल बिटकॉइन खरीद न केवल कंपनी की परिसंपत्ति को ऐतिहासिक ऊंचाई पर ले गई है, बल्कि यह डिजिटल मुद्रा बाजार में बढ़ती संस्थागत वैधता और दीर्घकालिक निवेश सोच का भी प्रमाण है।
बाजार में जारी अस्थिरता के बावजूद कंपनी की रणनीति साफ है – हर अवसर पर बिटकॉइन संपत्ति को मजबूत करना। यह कदम न केवल बिटकॉइन को एक विश्वसनीय निवेश विकल्प के रूप में स्थापित करता है, बल्कि भविष्य में डिजिटल संपत्तियों की दिशा और स्वरूप को भी प्रभावित करने की क्षमता रखता है।
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