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Rajeev Ranjan Roy
लेखक: Rajeev Ranjan Royस्टाफ लेखक
Pratik Bhuyan
Pratik Bhuyan द्वारा समीक्षितस्टाफ संपादक

पाकिस्तान 2030 तक विश्व का क्रिप्टो नेतृत्व कर सकता है: पूर्व बाइनेंस सीईओ चांगपेंग झाओ

पूर्व बाइनेंस सीईओ चांगपेंग झाओ (सीजेड) ने कहा है कि अगर पाकिस्तान अपनी डिजिटल संपत्ति नीति व क्रिप्टो अपनाने की गति बनाए रखता है तो 2030 तक यह दुनिया के अग्रणी क्रिप्टो राष्ट्रों में शामिल हो सकता है।

पाकिस्तान 2030 तक विश्व का क्रिप्टो नेतृत्व कर सकता है: पूर्व बाइनेंस सीईओ चांगपेंग झाओ
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डिजिटल संपत्ति और क्रिप्टोकरेंसी के वैश्विक परिदृश्य में पाकिस्तान तेजी से उभरता हुआ नाम बन रहा है। पूर्व बाइनेंस प्रमुख चांगपेंग झाओ (सीजेड) ने यह कहते हुए वैश्विक ध्यान खींचा है कि अगर पाकिस्तान अपनी मौजूदा गति से क्रिप्टो अपनाने और नियमन की दिशा में प्रगति करता रहा, तो वह 2030 तक विश्व के क्रिप्टो नेतृत्व में अपना स्थान बना सकता है।

सीजेड ने पाकिस्तान की सरकार और नियामक संगठनों की सराहना करते हुए कहा है कि देश ने युवा, तकनीकी रूप से समझदार आबादी की मांग को पहचान कर डिजिटल संपत्ति नीति और नियमन को जल्दी से लागू किया है।

वर्तमान में पाकिस्तान में पाकिस्तान वर्चुअल एसेट्स रेगुलेटरी अथॉरिटी (PVARA) जैसी संस्थाओं की स्थापना की जा चुकी है, जिसने बायनेंस और HTX जैसे प्रमुख क्रिप्टो एक्सचेंजों को देश में स्थानीय रूप से लाइसेंस लेने की अनुमति दी है।

पाकिस्तान में क्रिप्टो के तेजी से अपनाने के कई कारण

पाकिस्तान में क्रिप्टो के तेजी से अपनाने के पीछे कई कारण हैं। सबसे बड़ा कारण देश की युवा और तकनीकी रूप से जागरूक आबादी है, जो पारंपरिक वित्तीय सेवाओं के बजाय डिजिटल समाधान को अपनाने में अधिक तत्पर दिखती है। इससे न केवल घरेलू निवेशकों का ध्यान आकर्षित हो रहा है बल्कि विदेशी निवेशक और वैश्विक क्रिप्टो परियोजनाएं भी पाकिस्तान की तरफ रुख कर रही हैं।

क्रिप्टो अपनाने की गति बढ़ाने के लिए सरकार ने कई महत्त्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इनमें से एक है क्रिप्टो एक्सचेंजों के लिए अनुमति प्रदान करना, जिससे बाइनेंस और HTX जैसे वैश्विक मंच पाकिस्तान में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। इन कदमों से न सिर्फ नियम स्पष्ट हुए हैं बल्कि वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षण भी बढ़ा है।

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एक और महत्वपूर्ण पहल है टोकनकरण। पाकिस्तान ने टोकनकरण के माध्यम से अपने शेयर बाजार, सरकारी प्रतिभूतियों और वाणिज्यिक भंडारों को डिजिटल रूप में बदलने की योजना बनाई है। इसका उद्देश्य वैश्विक निवेशकों को सीधे निवेश के अवसर प्रदान करना और तरलता बढ़ाना है। सीजेड ने जोर देकर कहा है कि जो देश पहले टोकनकरण जैसे क्षेत्रों में कदम रखते हैं, उन्हें सबसे अधिक लाभ होगा।

स्टेबलकॉइन और केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (CBDC) की दिशा में भी पाकिस्तान ने सक्रियता दिखाई है। पाकिस्तान वर्चुअल एसेट रेगुलेटरी अथॉरिटी के अध्यक्ष बिलाल बिन साकिब ने घोषणा की है कि देश अपनी खुद की स्टेबलकॉइन लांच करने पर विचार कर रहा है, ताकि डिजिटल वित्तीय नवाचार को और मजबूती मिल सके।

कम नहीं है चुनौतियाँ

इन प्रगतियों के बावजूद चुनौतियाँ भी कम नहीं हैं। ऊर्जा संसाधन सीमितता, अविकसित बुनियादी ढांचे और वित्तीय समावेशन जैसी वास्तविक आर्थिक चुनौतियाँ देश को अभी भी प्रभावित कर रही हैं। उदाहरण के तौर पर, पाकिस्तान में बिटकॉइन माइनिंग और एआई डेटा केंद्रों के लिए बिजली आवंटन जैसी पहलों के कारण अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने चिंता भी जताई है कि क्या यह नीति ऊर्जा संकट के बीच उचित है।

इसके अलावा, क्रिप्टो क्षेत्र की नियमन और कराधान संबंधी स्पष्टता अभी भी अपेक्षित है। जब PVARA जैसे नियामक ढांचे ने प्रारंभिक रूप से विदेशी एक्सचेंजों को लाइसेंस देने की प्रक्रिया शुरू की है, यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि ये नियम उपभोक्ता संरक्षण, वित्तीय स्थिरता और धोखाधड़ी रोकथाम के लिए पर्याप्त हों।

इसके अलावा, सतर्कता और शिक्षा भी आवश्यक है। सीजेड ने स्पष्ट किया है कि यह टेक्नोलॉजी युवा उद्यमियों और छोटे व्यवसायों के लिए बैंकिंग या एआई की तुलना में अधिक अवसर प्रदान करती है, लेकिन इसके साथ ही शैक्षिक कार्यक्रमों, विश्वविद्यालय पाठ्यक्रमों और इनक्यूबेटर नेटवर्कों का विकास आवश्यक है ताकि नवाचार और विशेषज्ञता को आगे बढ़ाया जा सके।

पाकिस्तान की प्रगति से यह स्पष्ट होता है कि देश डिजिटल वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। हालांकि जोखिम और चुनौतियाँ बनी हुई हैं, सरकार, नियामक संस्थाओं और निजी क्षेत्र की संयुक्त पहल ने पाकिस्तान को क्रिप्टो के वैश्विक मानचित्र पर एक महत्त्वपूर्ण उभरता हुआ केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ा दिया है।

निष्कर्ष

पाकिस्तान का डिजिटल संपत्ति और क्रिप्टो क्षेत्र में प्रगति की गति दर्शाती है कि यदि यह रणनीति निरंतरता के साथ लागू होती है, तो देश पांच वर्ष के भीतर वैश्विक क्रिप्टो नेतृत्व स्थापित कर सकता है। युवा शक्ति, नियामक सुधार और वैश्विक साझेदारियों के संयोजन से यह न केवल निवेशकों के लिए आकर्षक जगह बन रहा है बल्कि आर्थिक विकास और नवाचार के नए आयाम भी खोल रहा है।

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