दिग्गज पेशेवर सेवाओं और लेखा परीक्षक कंपनी प्राइसवाटरहाउसकूपर्स (PwC) ने हाल ही में अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव करते हुए क्रिप्टोकरेंसी और डिजिटल संपत्ति क्षेत्र में सक्रिय भागीदारी शुरू कर दी है। यह मुख्य रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका में क्रिप्टो विनियमन के बदलते माहौल और स्टेबलकॉइन के लिए साफ-सुथरे नियमों के लागू होने से प्रेरित है।
PwC, जो दुनिया की ‘बिग फोर’ में शामिल है और जिसका वैश्विक कारोबार अरबों डॉलर में है, ने पहले से ही क्रिप्टो को लेकर अपेक्षाकृत सतर्क रुख अपनाया था। अब कंपनी ने क्रिप्टो और डिजिटल एसेट से जुड़ी सेवाओं जैसे लेखा-जोखा, साइबर सुरक्षा, वॉलेट प्रबंधन और नियामक सलाह को अपने मुख्य व्यापार भाग के रूप में शामिल किया है।
अमेरिका में क्रिप्टो अनुकूल माहौल
प्राइसवाटरहाउसकूपर्स के यूएस सीनियर पार्टनर और सीईओ पॉल ग्रिग्स ने बताया कि नए नियामक नेतृत्व, विशेष रूप से यूएस सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) में प्रो-क्रिप्टो रुख और क्रिप्टो पर भरोसेमंद नियमों ने कंपनी को यह निर्णय लेने में सक्षम बनाया। उन्होंने GENIUS अधिनियम और स्टेबलकॉइन से जुड़ी नियम-निर्माण प्रक्रियाओं को इस बदलाव का बड़ा कारण बताया।
GENIUS अधिनियम 2025 में पारित हुआ और यह अमेरिका में स्टेबलकॉइन के लिए पहली बार स्पष्ट संवैधानिक ढांचा प्रदान करता है। इसके अंतर्गत सुरक्षित भंडारण, आरक्षित प्रावधान और नियमित प्रकटीकरण जैसे मानक तय किए गए हैं, जिससे बड़े वित्तीय संस्थानों को अपने डिजिटल टोकन लॉन्च करने और स्टेबलकॉइन को भुगतान प्रणाली में शामिल करने की राह मिली है।
इस बदलाव के कारण PwC ने केवल क्रिप्टो-नेटिव कंपनियों को ही नहीं बल्कि परंपरागत वित्तीय संस्थानों, बैंकों, सरकारी निकायों और नियामक संस्थाओं को भी डिजिटल संपत्ति से जुड़ी सलाह देने की दिशा में कदम बढ़ाया है। कंपनी ने पिछले 10-12 महीनों में अपनी संसाधन क्षमता भी मजबूत की है ताकि वह बढ़ती मांग को पूरा कर सके।
क्या आप जानते हैं: 2026 की शुरुआत में Strategy ने $116 मिलियन के बिटकॉइन खरीदे
पीडब्ल्यूसी (PwC) ही अकेली नहीं है
पीडब्ल्यूसी (PwC) ही अकेली नहीं है। “बिग फोर” के अन्य सदस्य - डेलॉइट, अर्न्स्ट एंड यंग और केपीएमजी (KPMG) भी क्रिप्टो क्षेत्र में अपनी सेवाओं का विस्तार कर रहे हैं। उदाहरण के लिए, डेलॉइट ब्लॉकचेन रणनीति और परामर्श में सक्रिय है, जबकि अर्न्स्ट एंड यंग क्रिप्टो रणनीति और कर सहायता प्रदान करता है और केपीएमजी क्रिप्टो ऑडिट एवं साइबर सुरक्षा सेवाएं देता है।
यह बदलाव बिटकॉइन और अन्य डिजिटल संपत्तियों के लिए संस्थागत अपनापन को भी प्रबल कर रहा है। बाजार विश्लेषण के अनुसार, जब बड़े संस्थागत खिलाड़ी और वैश्विक कंपनियाँ क्रिप्टो को मुख्यधारा में ले आती हैं, तो निवेशकों में भरोसा बढ़ता है और परिसंपत्ति वर्ग की स्थिरता की धारणा मजबूत होती है।
स्टेबलकॉइन का प्रभाव
इसके अलावा, स्टेबलकॉइन का प्रभाव केवल वित्तीय सेवाओं तक सीमित नहीं है। इसके उपयोग से भुगतान प्रणालियों की दक्षता, तरलता प्रबंधन और नई वित्तीय सेवाओं की स्थापना को बढ़ावा मिलता है। टोकनीकरण (संपत्तियों को डिजिटल टोकन में बदलना) जैसी तकनीकें बाजार ढांचे को भी बदल रही हैं, जिससे परंपरागत परिसंपत्तियों का डिजिटलकरण संभव हो रहा है।
नियामक स्पष्टता और PwC जैसे बड़े संगठनों की भागीदारी से क्रिप्टो क्षेत्र को स्थापित वित्तीय प्रणाली का हिस्सा बनने का मार्ग मिला है। इससे वैश्विक निवेशकों के लिए जोखिम कम होता है तथा क्रिप्टो परियोजनाओं को मुख्यधारा में अपनाने का अवसर बढ़ता है।
निष्कर्ष
अमेरिका में क्रिप्टो नियमन की स्पष्टता और स्टेबलकॉइन के लिए नियमों के लागू होने के साथ, PwC जैसे वैश्विक पेशेवर सेवाओं के दिग्गज ने क्रिप्टो और डिजिटल संपत्तियों के क्षेत्र में सक्रिय रूप से प्रवेश किया है। इसका प्रभाव न केवल तकनीकी और वित्तीय क्षेत्र पर पड़ेगा, बल्कि यह पारंपरिक वित्त और डिजिटल संपत्ति के बीच दूरी को भी पाटेगा, जिससे क्रिप्टो अपनाने और निवेश के नए अवसर खुलेंगे।
ऐसी ही और ख़बरों और क्रिप्टो विश्लेषण के लिए हमें X पर फ़ॉलो करें, ताकि कोई भी अपडेट आपसे न छूटे!
