DeFi में वर्ष 2025 एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो रहा है। DeFi के पारंपरिक हिस्से डीसेंट्रलाइज़्ड एक्सचेंज (DEXs) की तुलना में रियल-वर्ल्ड एसेट (RWA) प्रोटोकॉल ने कुल लॉक्ड वैल्यू के मामले में बड़ा उछाल लगाया है और अब DeFi की पाँचवीं सबसे बड़ी श्रेणी बन गया है। यह बदलाव ब्लॉकचेन आधारित वित्तीय प्रणाली में संगठित पूंजी के प्रवाह और संस्थागत भागीदारी के नए युग की ओर संकेत करता है।
टोटल लॉक्ड वैल्यू (TVL) क्या है?
टोटल लॉक्ड वैल्यू (TVL) एक ऐसा संकेतक है जो DeFi प्लेटफॉर्म पर जमा किए गए कुल परिसंपत्ति मूल्य को दर्शाता है। अधिक TVL का अर्थ यह है कि उस क्षेत्र में अधिक पूंजी उपयोग की जा रही है और निवेशक उसे भरोसेमंद समझते हैं। पहले DEXs अक्सर इस सूचक में ऊँची रैंक रखते थे, क्योंकि उपयोगकर्ता ब्लॉकचेन पर डेटा-केंद्रित ट्रेडिंग और तरलता प्रदान करते थे।
लेकिन 2025 में रियल-वर्ल्ड एसेट की धारणा ने DeFi की परिभाषा को विस्तृत किया है। RWA वे पारंपरिक वित्तीय वस्तुएँ हैं, जैसे कि सरकारी बॉन्ड, निजी ऋण, सोना, रियल एस्टेट आदि, जिन्हें ब्लॉकचेन पर डिजिटल टोकन के रूप में बदला जाता है।
इस प्रक्रिया को टोकनाइजेशन कहा जाता है, जहाँ वास्तविक-दुनिया एसेट्स को ब्लॉकचेन नेटवर्क पर रिकॉर्ड और व्यापार योग्य बनाया जाता है। इससे इन पर पारदर्शिता, तरलता और वैश्विक पहुंच मिलती है।
RWA प्रोटोकॉल का टोटल लॉक्ड वैल्यू (TVL)
हाल के आँकड़ों के अनुसार, RWA प्रोटोकॉल का TVL लगभग $17 अरब तक पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष के चौथे तिमाही में लगभग $12 अरब रहा था। यह प्रगति दर्शाती है कि केवल कुछ महीनों में ही RWA ने DeFi की प्रमुख श्रेणियों में अपनी जगह बना ली है, जबकि वर्ष की शुरुआत में यह शीर्ष दस में भी शामिल नहीं था।
रियल-वर्ल्ड एसेट में वृद्धि का एक मुख्य कारण यह है कि स्थिर और अनुमानित प्रतिफल प्रदान करने वाले टोकनाइज्ड सरकारी बॉन्ड और निजी ऋण जैसे उत्पाद, पारंपरिक निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प बन गए हैं।
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खासकर जब वैश्विक ब्याज दरें लंबे समय तक उच्च स्तर पर बनी हुई है, तब निवेशक केवल उच्च-जोखिम वाले क्रिप्टो टोकन से आगे बढ़ कर ऐसे ऑन-चेन उत्पादों की ओर रुख कर रहे हैं, जो पारंपरिक वित्त के यील्ड-प्रोडक्ट्स की तरह प्रतिफल दे सकते हैं। साथ ही, नियम में स्पष्टता भी निवेशकों को ब्लॉकचेन आधारित वित्तीय उत्पादों में भाग लेने के लिए प्रेरित कर रही है।
ब्लॉकचेन नेटवर्क की भूमिका
रियल-वर्ल्ड एसेट के इस विकास ने एथेरेयम (ETH) जैसे प्रमुख ब्लॉकचेन नेटवर्क की भूमिका को भी मजबूत किया है। एथेरेयम अब भी RWA प्रोटोकॉल के लिए प्रमुख निपटान परत के रूप में कार्य कर रहा है, जहाँ अधिकांश ऑन-चेन डेट उत्पादों और फंड संरचनाओं का संचालन होता है। इसके अलावा बीएनबी चेन, एवलांच, सोलाना, पॉलीगॉन और आर्बिट्रम जैसे अन्य नेटवर्क भी RWA के विस्तार में भाग ले रहे हैं, हालांकि इनका हिस्सा एथेरेयम की तुलना में छोटा है।
इस बदलाव का अर्थ यह भी है कि DeFi पारंपरिक धन और वैश्विक पूंजी को ब्लॉकचेन पर लाने में सफल हो रहा है। RWA के माध्यम से, अब संस्थागत निवेशक और परंपरागत वित्तीय संस्थान ब्लॉकचेन-आधारित उत्पादों में भाग ले सकते हैं, जो पूर्व में केवल क्रिप्टो-विशेष निवेशकों के लिए सीमित थे। यह एक महत्वपूर्ण संकेत है कि DeFi अब केवल एक क्रिप्टो-ट्रेडिंग क्षेत्र नहीं रह गया है, बल्कि वित्तीय सिस्टम के एकीकृत भाग में बदल रहा है, जहाँ ब्लॉकचेन तकनीक पारंपरिक और डिजिटल पूंजी को जोड़ती है।
हालांकि RWA के विस्तार के साथ चुनौतियाँ भी जुड़ी हैं। जैसे कि लिक्विडिटी, व्यवस्थागत उपयोग और नियम/अनुपालन के मानक, जो आगे के विकास के लिए महत्वपूर्ण कारक बन सकते हैं। DeFi के वित्तीय ढाँचे में इन चुनौतियों का समाधान निकालना और RWA को सुरक्षित, पारदर्शी तथा अधिक वैश्विक रूप से स्वीकार्य बनाना भविष्य में इस क्षेत्र की सफलता के लिए आवश्यक होगा।
निष्कर्ष
DeFi क्षेत्र में रियल-वर्ल्ड एसेट का उभरना एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव दर्शाता है, जहाँ वास्तविक-दुनिया की संपत्तियाँ ब्लॉकचेन पर आर्थिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रही हैं। DEXs की पारंपरिक भूमिका अब चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रही है, जबकि RWA ने DeFi को अधिक स्थिर, विविध और वैश्विक निवेश अवसरों के साथ उन्नत बनाया है।
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