संयुक्त राज्य अमेरिका के वित्त सचिव स्कॉट बॅसेंट ने बुधवार को अमेरिकी कांग्रेस के समक्ष अपनी गवाही के दौरान स्पष्ट किया कि अमेरिकी सरकार के पास बिटकॉइन बाजार का ‘बेलआउट’ करने का कोई अधिकार या योजना नहीं है। उन्होंने बताया कि न तो वित्त विभाग के पास और न ही वित्तीय स्थिरता निरीक्षण परिषद (एफएसओसी) के अध्यक्ष के रूप में उन्हें ऐसे किसी उपाय को लागू करने का अधिराज्य प्राप्त है जो बिटकॉइन के मूल्य को स्थिर रखे या निजी बैंकों को इसे खरीदने के लिए प्रेरित करे।
बिटकॉइन को संकट के दौरान बचाने का अधिकार
कांग्रेस के सदस्य ब्रैड शेरमैन ने बॅसेंट से पूछा कि क्या वित्त विभाग या संघीय खुला बाजार समिति (एफओएमसी) के घटक बिटकॉइन को संकट के दौरान बचाने का अधिकार रखते हैं। इसके साथ ही शेरमैन ने यह भी पूछा कि क्या बॅसेंट बैंकों को बिटकॉइन या ‘ट्रम्प कॉइन’ जैसे क्रिप्टो टोकन खरीदने के लिए निर्देशित कर सकते हैं, उदाहरण के लिए बैंक आरक्षित आवश्यकताओं में बदलाव करके। बॅसेंट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि न तो उनके पास ऐसा अधिकार है और न ही एफएसओसी के अध्यक्ष के रूप में उन्हें इस तरह के निर्देश देने का कोई अधिकार प्राप्त है।
वित्त विभाग के कब्जे में बिटकॉइन
बॅसेंट ने यह भी बताया कि संयुक्त राज्य सरकार ने जब्त किए गए बिटकॉइन को अपनी संपत्ति के रूप में रखा हुआ है और उसने इसे बाजार में बेचा नहीं है। वित्त विभाग के कब्जे में रखा गया लगभग 500 मिलियन डॉलर का बिटकॉइन जब्त होने के समय की तुलना में वर्तमान में लगभग 15 बिलियन डॉलर से अधिक का हो चुका है। यह बिटकॉइन अमेरिकी सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘रणनीतिक बिटकॉइन रिजर्व’ का हिस्सा है, जिसे मार्च 2025 में एक कार्यकारी आदेश के तहत स्थापित किया गया था।
रणनीतिक बिटकॉइन रिजर्व
इस रणनीतिक बिटकॉइन रिजर्व का उद्देश्य सरकारी स्तर पर डिजिटल संपत्ति को एक समेकित भंडार के रूप में रखना है, जिसमें अतिरिक्त बिटकॉइन केवल जब्ती, जबरन जब्ती या बजट-न्यूट्रल विधियों के माध्यम से जोड़े जा सकते हैं और खुले बाजार से खरीद नहीं किए जा सकते हैं। बजट-न्यूट्रल विधियों में ऐसी संपत्तियों को बिटकॉइन में बदलना शामिल है, जो पहले से ही सरकारी भंडार में मौजूद हैं, जैसे कच्चा तेल या महत्वपूर्ण धातुएँ। इस तरह के परिवर्तन से नए सरकारी खर्च की आवश्यकता नहीं होती है।
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नीति का सीधा प्रभाव
विशेषज्ञों के अनुसार, इस नीति का सीधा प्रभाव यह है कि बिटकॉइन के मूल्य में अचानक गिरावट के समय अमेरिकी सरकार बाजार में हस्तक्षेप नहीं करेगी और न ही बैंकों को इसे खरीदने के लिए प्रेरित करेगी। यह धारणा उन निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण है जो उम्मीद करते थे कि सरकार कभी-कभी डिजिटल मुद्रा के पक्ष में कदम उठा सकती है ताकि व्यापक वित्तीय प्रणाली को सुरक्षित रखा जा सके। बॅसेंट की गवाही ने स्पष्ट कर दिया कि ऐसी कोई कदम योजना में नहीं है और न ही इसे लागू करने का कोई कानूनी ढांचा मौजूद है।
बिटकॉइन समुदाय में बॅसेंट के बयान पर मिश्रित प्रतिक्रिया आई है। कुछ विशेषज्ञों ने इसे सकारात्मक संकेत माना है कि सरकार खुली बाजार में हस्तक्षेप नहीं करेगी और बिटकॉइन को एक मुक्त बाजार संपत्ति के रूप में रहने देगा। वहीं अन्य आलोचकों का मानना है कि सरकार का केवल जब्ती के माध्यम से बिटकॉइन रखने का निर्णय अपर्याप्त है और इससे बिटकॉइन की व्यापक स्वीकार्यता या स्थिरता को बढ़ावा नहीं मिलेगा।
बिटकॉइन का मूल्य बयान के बाद गिरावट का सामना करता दिखाई दिया और कुछ रिपोर्टों के अनुसार यह 67,000 डॉलर के स्तर से नीचे पहुँच गया, जो 2024 के बाद का सबसे निचला स्तर था। निवेशकों ने इस गिरावट को बॅसेंट के स्पष्ट “कोई सरकारी बचाव नहीं” बयान से जोड़ा है, जिसपर बाजार में बेचने का दबाव भी बना हुआ है।
निष्कर्ष
अमेरिका के वित्त सचिव स्कॉट बॅसेंट का बयान स्पष्ट संकेत देता है कि बिटकॉइन पर सरकारी समर्थन या बाजार बचाव की कोई व्यवस्था नहीं है और डिजिटल मुद्रा के निवेशक पूरी तरह बाजार-आधारित जोखिमों के प्रति उत्तरदायी होंगे।
अमेरिकी सरकार बिटकॉइन को एक केंद्रीय बैंक जैसी संपत्ति नहीं मानती और इसका उपयोग केवल जब्ती से प्राप्त संपत्ति के रूप में ही अपनी रणनीतिक भंडार नीति के तहत करेगी। यह निर्णय बाजार के लिए स्पष्टता और जोखिम प्रबंधन का संकेत देता है, लेकिन उन निवेशकों के लिए चुनौती भी है जो स्पलैश या सरकारी सहायता की उम्मीद कर रहे थे।
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