डिजिटल मुद्रा एक्सआरपी (XRP) का बाजार पिछले कुछ दिनों से दबाव में है क्योंकि अमेरिका के मुख्य बैंक और वित्तीय संस्थान क्रिप्टो-मित्र (क्रिप्टो-फ्रेंडली) कानूनों पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं और कुछ प्रस्तावों का विरोध कर रहे हैं। बैंक पारंपरिक जमा प्रतिस्पर्धा को बचाने के लिए स्टेबलकॉइन पर अधिक लाभ देने वाले प्रस्तावों के खिलाफ हैं, जिससे XRP और व्यापक क्रिप्टो बाजार पर असर पड़ा है।
विश्लेषकों के अनुसार एक्सआरपी पिछले चार दिनों से गिरावट में है और $2 के मनोवैज्ञानिक समर्थन स्तर के आसपास कारोबार कर रहा है, जबकि अमेरिकी बैंक स्थिरकोइन पर अधिक लाभ देने की संभावनाओं को रोकने में सक्रिय हैं। यदि स्टेबलकॉइन पर उच्च यील्ड की अनुमति मिलती है, तो बैंकिंग प्रणाली की जमा निधियाँ क्रिप्टो नेटवर्क की ओर शिफ्ट हो सकती हैं, जिससे बैंक की पारंपरिक आय में कमी आ सकती है।
प्रमुख वित्तीय संस्थानों की चेतावनी
बैंक ऑफ अमेरिका जैसे प्रमुख वित्तीय संस्थानों ने चेतावनी दी है कि यदि स्टेबलकॉइन पर उच्च ब्याज दिया जाता है, तो $6 ट्रिलियन से अधिक जमा बैंकिंग सिस्टम से बाहर निकल सकते हैं, जिससे बैंक की आय प्रभावित हो सकती है। इसी विरोध के चलते कुछ क्रिप्टो कंपनियों ने अपने समर्थन वापस ले लिया है, जिससे XRP पर दबाव और बढ़ा है।
हालाँकि, एक्सआरपी-स्पॉट ETFमें निवेशक रूचि मजबूत बनी हुई है। नवंबर 2025 में लॉन्च हुए स्पॉट ETF में अब तक अरबों डॉलर के निवेश दर्ज किए गए हैं, जो एक्सआरपी की उपयोगिताओं और संस्थागत माँग को दर्शाता है और गिरावट के बावजूद $2 का समर्थन बनाए रखने में मदद कर रहा है।
इसके अतिरिक्त, 2025 में रिपल द्वारा दीर्घकालिक सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) के साथ कानूनी विवाद का समाधान होना और कुछ नियामक स्पष्टता मिलने से बाजार में उत्साह का माहौल भी बना है, जिससे XRP को दीर्घकालिक समर्थन मिल सकता है।
कीमत में वापसी के संकेत
तकनीकी विश्लेषण बताता है कि यदि XRP $2.2 से ऊपर बंद होता है, तो कीमत में वापसी के संकेत मिल सकते हैं और संभावित रूप से $3 तक या उससे ऊपर की ओर रुझान बन सकता है। लेकिन अगर $2 का समर्थन टूट जाता है, तो और गिरावट का जोखिम बढ़ सकता है।
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क्रिप्टो निवेशकों के लिए यह समय विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि नियामक निर्णय, बैंकिंग प्रतिक्रिया और ETF प्रवाह से XRP की कीमत और भावी दिशा तय होगी। नियामक स्पष्टता और स्थिरकोइन नियमों पर आगे की प्रगति से XRP बाजार में नई गति पा सकता है।
एक्सआरपी (XRP) क्या है?
एक्सआरपी एक डिजिटल मुद्रा है, जिसे रिपल लैब्स नामक प्रौद्योगिकी कंपनी ने विकसित किया है। इसका मुख्य उद्देश्य वैश्विक स्तर पर तेज़, सुरक्षित और कम लागत वाले धन हस्तांतरण को संभव बनाना है। पारंपरिक बैंकिंग प्रणाली में अंतरराष्ट्रीय लेन-देन में कई दिन लग सकते हैं और शुल्क भी अधिक होता है, जबकि XRP की मदद से यह प्रक्रिया कुछ ही सेकंड में पूरी हो जाती है।
XRP रिपल नेटवर्क पर कार्य करता है, जिसे एक्सआरपी लेजर कहा जाता है। यह एक विकेन्द्रीकृत डिजिटल खाता-पुस्तिका है, जिसमें लेन-देन को सत्यापित करने के लिए खनन प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं होती। इसी कारण XRP ऊर्जा की दृष्टि से किफायती और पर्यावरण-अनुकूल माना जाता है। अन्य डिजिटल मुद्राओं की तुलना में इसकी लेन-देन क्षमता अधिक तेज़ और सस्ती है।
XRP का उपयोग मुख्य रूप से बैंकों, वित्तीय संस्थानों और भुगतान सेवा प्रदाताओं द्वारा सीमा-पार भुगतान के लिए किया जाता है। यह विभिन्न मुद्राओं के बीच एक “पुल मुद्रा” के रूप में कार्य करता है, जिससे मुद्रा रूपांतरण सरल और प्रभावी बनता है।
पिछले कुछ वर्षों में XRP को नियामकीय चुनौतियों का सामना करना पड़ा, विशेषकर अमेरिका में, लेकिन इसके बावजूद इसकी तकनीकी उपयोगिता और संस्थागत स्वीकार्यता बनी हुई है। आज XRP को वैश्विक भुगतान प्रणाली में सुधार लाने वाली एक महत्वपूर्ण डिजिटल संपत्ति के रूप में देखा जाता है, जो भविष्य की वित्तीय व्यवस्था में अहम भूमिका निभा सकती है।
निष्कर्ष
अमेरिकी बैंकिंग विरोध और नियामक अनिश्चितता के बावजूद, XRP में मजबूत संस्थागत निवेश और उपयोगिता की संभावनाएँ इस डिजिटल संपत्ति को सपोर्ट दे रही हैं। यदि नियामक ढाँचा स्पष्ट होता है और स्पॉट ETF प्रवाह जारी रहता है, तो XRP का दीर्घकालिक भविष्य सकारात्मक संकेत दे सकता है। लेकिन $2 के समर्थन स्तर के टूटने से कीमत में और गिरावट की आशंका बनी हुई है।
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