Cointelegraph
Rajeev Ranjan Roy
लेखक: Rajeev Ranjan Royस्टाफ लेखक
Pratik Bhuyan
Pratik Bhuyan द्वारा समीक्षितस्टाफ संपादक

AI और Robotics की ओर पूंजी शिफ्ट, क्रिप्टो की सट्टा धार कमजोर: डेल्फी

दुनियाभर के निवेशक अब क्रिप्टोकरेंसी जैसे अत्यधिक उतार-चढ़ाव वाले क्षेत्रों से पूंजी निकालकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता और रोबोटिक्स जैसी उभरती तकनीकों में निवेश कर रहे हैं।

AI और Robotics की ओर पूंजी शिफ्ट, क्रिप्टो की सट्टा धार कमजोर: डेल्फी
विश्लेषण

वैश्विक वित्तीय बाजार में इस समय एक महत्वपूर्ण परिवर्तन देखने को मिल रहा है। लंबे समय तक तेज लाभ का माध्यम मानी जाने वाली क्रिप्टोकरेंसी से अब निवेशक धीरे-धीरे दूरी बना रहे हैं और अपनी जोखिम-प्रधान पूंजी को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), रोबोटिक्स तथा स्वचालित तकनीकों जैसे क्षेत्रों की ओर स्थानांतरित कर रहे हैं।

ब्लॉकचेन रिसर्च फर्म Delphi Digital के अनुसार यह बदलाव केवल बाजार की चाल नहीं, बल्कि भविष्य की अर्थव्यवस्था की दिशा को दर्शाता है।

हालिया विश्लेषणों के अनुसार, क्रिप्टो बाजार विशेषकर वैकल्पिक डिजिटल मुद्राओं ने निवेशकों की अपेक्षाओं पर खरा प्रदर्शन नहीं किया। बीते एक वर्ष में जहां प्रमुख डिजिटल मुद्रा बिटकॉइन के मूल्य में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई, वहीं छोटे और मध्यम टोकन कहीं अधिक नुकसान का कारण बने। इसके चलते जोखिम लेने वाली पूंजी ने इस क्षेत्र से बाहर निकलना शुरू कर दिया।

क्रिप्टो की सट्टा अपील कमजोर

डेल्फी के विश्लेषण में बताया गया है कि बीते एक वर्ष में क्रिप्टो बाजार, विशेषकर बिटकॉइन के बाहर के ऑल्टकॉइन, निवेशकों की अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर पाए।

शीर्ष डिजिटल संपत्तियों को छोड़कर अधिकांश क्रिप्टो टोकनों में 30 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। लगातार अस्थिरता, नियामकीय अनिश्चितता और स्पष्ट व्यावसायिक उपयोग के अभाव ने क्रिप्टो को एक उच्च-जोखिम, कम-विश्वसनीय परिसंपत्ति वर्ग बना दिया है।

विश्लेषकों का मानना है कि इस कारण क्रिप्टो की वह सट्टा धार कमजोर हुई है, जिसने पिछले चक्रों में पूंजी को तेजी से आकर्षित किया था।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और रोबोटिक्स की बढ़ती चमक

कृत्रिम बुद्धिमत्ता और रोबोटिक्स अब केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं हैं। स्वास्थ्य सेवाओं, उद्योग, शिक्षा, परिवहन और रक्षा जैसे क्षेत्रों में इन तकनीकों का तेजी से उपयोग बढ़ रहा है। यही कारण है कि निवेशक इन्हें दीर्घकालिक लाभ का विश्वसनीय माध्यम मानने लगे हैं।

क्या आप जानते हैं - Standard Chartered का बड़ा अनुमान: स्टेबलकॉइन से अमेरिकी बैंकों से $500B निकासी का खतरा

वर्ष 2025 में रोबोटिक्स क्षेत्र में स्टार्टअप कंपनियों ने रिकॉर्ड निवेश आकर्षित किया है। यह आंकड़ा पिछले वर्षों की तुलना में कहीं अधिक है और इस बात का संकेत देता है कि वैश्विक पूंजी अब ठोस तकनीकी समाधान देने वाले क्षेत्रों की ओर बढ़ रही है। निवेशकों को इसमें न केवल लाभ की संभावना दिख रही है, बल्कि भविष्य की सामाजिक-आर्थिक जरूरतों का समाधान भी नजर आ रहा है।

नियामकीय अस्पष्टता बनी क्रिप्टो की सबसे बड़ी चुनौती

विशेषज्ञों का कहना है कि क्रिप्टो बाजार के सामने सबसे बड़ी समस्या स्पष्ट नियमों की कमी है। अमेरिका और यूरोप जैसे प्रमुख बाजारों में डिजिटल मुद्राओं को लेकर लगातार बदलते नियम और राजनीतिक मतभेद निवेशकों को असमंजस में डाल रहे हैं।

इसके चलते दीर्घकालिक निवेश के बजाय अल्पकालिक सट्टेबाज़ी बढ़ी, जिसने बाजार को और अस्थिर बना दिया।

कंपनियों की रणनीति में भी बदलाव

दिलचस्प बात यह है कि क्रिप्टो से जुड़ी कई बड़ी कंपनियां भी अब अपनी दिशा बदल रही हैं। कुछ डिजिटल मुद्रा खनन से जुड़ी कंपनियां अपने ढांचे और ऊर्जा संसाधनों का उपयोग अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित संगणना केंद्रों के लिए कर रही हैं। इससे स्पष्ट है कि उद्योग जगत भी आने वाले समय में तकनीकी बदलाव को भांप चुका है।

इतना ही नहीं, कुछ प्रमुख डिजिटल मुद्रा संस्थान अब रोबोटिक्स और स्वचालित प्रणालियों में भारी निवेश की योजनाएं बना रहे हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि क्रिप्टो क्षेत्र की कंपनियां भी भविष्य की तकनीकों में अवसर तलाश रही हैं।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर वैश्विक निवेश परिदृश्य में एक स्पष्ट बदलाव दिखाई दे रहा है। जहां क्रिप्टोकरेंसी अब पहले जैसी आकर्षक नहीं रही, वहीं कृत्रिम बुद्धिमत्ता और रोबोटिक्स जैसे क्षेत्र निवेशकों के विश्वास का केंद्र बनते जा रहे हैं। ठोस उपयोग, दीर्घकालिक विकास और आर्थिक स्थिरता की संभावना ने इन तकनीकों को भविष्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बना दिया है। आने वाले वर्षों में यह रुझान और मजबूत होने की संभावना है।

ऐसी ही और ख़बरों और क्रिप्टो विश्लेषण के लिए हमें X पर फ़ॉलो करें, ताकि कोई भी अपडेट आपसे न छूटे!