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Rajeev Ranjan Roy
लेखक: Rajeev Ranjan Royस्टाफ लेखक
Pratik Bhuyan
Pratik Bhuyan द्वारा समीक्षितस्टाफ संपादक

मार्केट गिरावट के बीच Binance ने SAFU रिजर्व में $300M बिटकॉइन जोड़े

क्रिप्टो बाजार में हालिया गिरावट के बीच दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टो एक्सचेंज बाइनेंस ने अपने SAFU को मजबूत करने के लिए 4,225 बिटकॉइन खरीदे हैं।

मार्केट गिरावट के बीच Binance ने SAFU रिजर्व में $300M बिटकॉइन जोड़े
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क्रिप्टोकरेंसी बाजार में जारी अस्थिरता के बीच, वैश्विक क्रिप्टो एक्सचेंज बाइनेंस ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि वह न केवल बाजार की चाल पर नज़र रखती है, बल्कि उसे रणनीतिक रूप से अवसर में भी बदलना जानती है। हाल ही में बाइनेंस ने अपने SAFU के तहत लगभग 4,225 बिटकॉइन, यानी करीब 300 मिलियन डॉलर मूल्य के BTC खरीदे हैं। इस खरीद के बाद SAFU फंड की कुल बिटकॉइन होल्डिंग 10,455 BTC के पार पहुंच गई है।

SAFU फंड

SAFU फंड की स्थापना वर्ष 2018 में की गई थी, जिसका उद्देश्य किसी भी हैक, तकनीकी विफलता या अप्रत्याशित घटना की स्थिति में बाइनेंस के यूज़र्स की संपत्ति को सुरक्षित रखना है। लंबे समय तक यह फंड मुख्य रूप से स्टेबलकॉइन्स में रखा गया था, ताकि मूल्य में स्थिरता बनी रहे। हालांकि, हाल के महीनों में बाइनेंस ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव करते हुए एस ए एफ यू  SAFU फंड को धीरे-धीरे बिटकॉइन आधारित रिज़र्व में बदलने का फैसला किया।

दीर्घकालिक योजना का हिस्सा

जनवरी 2026 में बाइनेंस ने सार्वजनिक रूप से घोषणा की थी कि वह SAFU फंड के लिए $1 बिलियन मूल्य के बिटकॉइन रिज़र्व तैयार करना चाहती है। ताज़ा खरीद इसी दीर्घकालिक योजना का हिस्सा मानी जा रही है। ऑन-चेन डेटा के अनुसार, यह खरीद सीधे बाजार से नहीं, बल्कि नियंत्रित लेन-देन के माध्यम से की गई, ताकि अचानक खरीदारी से कीमतों पर असामान्य दबाव न पड़े।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम ‘डिप बायिंग स्ट्रैटेजी’ का एक स्पष्ट उदाहरण है। जब बिटकॉइन की कीमत हालिया उच्च स्तरों से नीचे आई और $60,000–$70,000 के दायरे में कारोबार करने लगी, तब बाइनेंस ने इस गिरावट को एक अवसर के रूप में देखा। इससे यह संकेत भी मिलता है कि एक्सचेंज को बिटकॉइन के दीर्घकालिक मूल्य और उसकी भूमिका पर गहरा भरोसा है।

अतिरिक्त बिटकॉइन खरीद

बाइनेंस ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि बाजार में और गिरावट आती है और SAFU फंड का कुल मूल्य $800 मिलियन से नीचे चला जाता है, तो वह अतिरिक्त बिटकॉइन खरीदकर फंड को दोबारा संतुलित करेगी। यह री-बैलेंसिंग मैकेनिज़्म SAFU को बाजार की तेज अस्थिरता के बावजूद प्रभावी बनाए रखने के लिए तैयार किया गया है।

हालांकि, इस रणनीति को लेकर कुछ सवाल और चिंताएं भी सामने आई हैं। आलोचकों का तर्क है कि SAFU जैसे सुरक्षा फंड के लिए बिटकॉइन जैसी अस्थिर परिसंपत्ति जोखिमपूर्ण हो सकती है, क्योंकि संकट के समय फंड के मूल्य में तेज गिरावट आ सकती है।

इसके विपरीत, समर्थकों का मानना है कि बिटकॉइन अब केवल एक सट्टा संपत्ति नहीं, बल्कि डिजिटल गोल्ड के रूप में उभर चुका है और लंबी अवधि में यह स्टेबलकॉइन्स से बेहतर सुरक्षा प्रदान कर सकता है।

इस पूरे घटनाक्रम का एक बड़ा संकेत यह भी है कि बाइनेंस अपनी तरलता, रिजर्व पारदर्शिता और यूजर ट्रस्ट को लेकर बेहद आक्रामक रणनीति अपना रही है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, बाइनेंस अभी भी वैश्विक स्तर पर सबसे बड़े एक्सचेंज रिज़र्व्स रखने वाले प्लेटफॉर्म्स में शामिल है, जिससे उसकी वित्तीय मजबूती और बाज़ार में पकड़ स्पष्ट होती है।

निष्कर्ष

SAFU फंड के लिए बिटकॉइन खरीदने का बाइनेंस का फैसला केवल एक निवेश रणनीति नहीं, बल्कि यूज़र सुरक्षा, बाजार नेतृत्व और बिटकॉइन पर दीर्घकालिक विश्वास का स्पष्ट संदेश है। हालांकि इस कदम में जोखिम निहित हैं, लेकिन यह दिखाता है कि बाइनेंस मौजूदा अस्थिरता को कमजोरी नहीं, बल्कि अवसर के रूप में देखती है।

आने वाले समय में, जब SAFU का $1 बिलियन बिटकॉइन लक्ष्य पूरा होगा, तब इसका प्रभाव न केवल बाइनेंस बल्कि पूरे क्रिप्टो इकोसिस्टम पर देखने लायक होगा।

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