दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल मुद्रा विनिमय मंचों में शामिल बाइनेंस एक नए विवाद के केंद्र में आ गया है। अंतरराष्ट्रीय पत्रिका फॉर्च्यून की एक खोजी रिपोर्ट में दावा किया गया है कि बाइनेंस के मंच के माध्यम से ईरान से जुड़े $1 Bn से अधिक के लेनदेन हुए और इस पर सवाल उठाने वाले जांचकर्ताओं को हटा दिया गया।
हालांकि बाइनेंस ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि न तो किसी प्रतिबंध का उल्लंघन हुआ है और न ही किसी कर्मचारी को इस कारण हटाया गया है।
कथित लेनदेन मार्च 2024 से अगस्त 2025 के बीच
रिपोर्ट के अनुसार, कथित लेनदेन मार्च 2024 से अगस्त 2025 के बीच हुआ और इनमें मुख्य रूप से एक स्थिर डिजिटल मुद्रा का उपयोग किया गया, जिसे एक सार्वजनिक डिजिटल श्रृंखला के माध्यम से स्थानांतरित किया गया था। आरोप था कि आंतरिक जांच टीम ने इन गतिविधियों पर चिंता जताई थी।
फॉर्च्यून की रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि अनुपालन विभाग के कम से कम पांच सदस्यों को कथित रूप से हटाया गया और कंपनी के भीतर अनुपालन ढांचे में बदलाव किया गया। इन घटनाओं ने नियामकीय निगरानी और प्रतिबंध कानूनों के पालन को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी है।
बाइनेंस के शीर्ष नेतृत्व ने इन दावों को “भ्रामक” बताया
हालांकि बाइनेंस के शीर्ष नेतृत्व ने इन दावों को “भ्रामक” बताते हुए कहा कि कंपनी ने बाहरी विधि विशेषज्ञों की सहायता से आंतरिक समीक्षा कराई और उसमें किसी भी प्रतिबंध उल्लंघन का प्रमाण नहीं मिला। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी जांचकर्ता को चिंता व्यक्त करने के कारण नहीं हटाया गया और वह सभी अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन कर रही है।
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बाइनेंस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने सार्वजनिक बयान में कहा कि कंपनी अपने अनुपालन दायित्वों को गंभीरता से निभाती है और नियामकों के साथ सहयोग करती है। उन्होंने फॉर्च्यून से अपनी रिपोर्ट में सुधार करने की मांग भी की है।
बाइनेंस पहले से ही वैश्विक नियामकीय निगरानी में
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब बाइनेंस पहले से ही वैश्विक नियामकीय निगरानी में है। वर्ष 2023 में कंपनी ने धन शोधन विरोधी नियमों और प्रतिबंध कानूनों से जुड़े मामलों में भारी जुर्माना भरने और अपने ढांचे में सुधार करने पर सहमति जताई थी। इस कारण अब उसके हर कदम पर अधिक बारीकी से नजर रखी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल मुद्राओं के माध्यम से सीमा पार लेनदेन तेजी से बढ़ रहे हैं और प्रतिबंधित देशों से जुड़े वित्तीय प्रवाह पर वैश्विक एजेंसियां विशेष ध्यान दे रही हैं। ऐसे में इस प्रकार के आरोपों का प्रभाव पूरे डिजिटल मुद्रा उद्योग पर पड़ सकता है।
निष्कर्ष
ईरान से जुड़े कथित लेनदेन को लेकर उठे विवाद ने डिजिटल मुद्रा क्षेत्र में अनुपालन और पारदर्शिता को लेकर नई बहस छेड़ दी है। जहां बाइनेंस ने सभी आरोपों को खारिज कर अपना रिकॉर्ड साफ बताया है, वहीं इस मामले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वैश्विक स्तर पर डिजिटल वित्तीय मंचों की निगरानी और जवाबदेही पहले से कहीं अधिक कड़ी हो चुकी है। आने वाले समय में नियामकीय जांच और सख्त हो सकती है, जिससे पूरे डिजिटल मुद्रा बाजार की दिशा प्रभावित होगी।
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