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लेखक: Pratik Bhuyanस्टाफ संपादक
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BTC और ETH के बाद क्या LINK अगला ETF बनने जा रहा है?

Bitwise द्वारा प्रस्तावित Chainlink स्पॉट ETF को DTCC की “pre-launch” सूची में शामिल किया गया है। इससे इसकी लॉन्च की संभावना बढ़ गई है, हालांकि SEC की अंतिम मंजूरी अभी बाकी है।

BTC और ETH के बाद क्या LINK अगला ETF बनने जा रहा है?
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संयुक्त राज्य अमेरिका-आधारित डिजिटल एसेट मैनेजर Bitwise Asset Management ने अपनी प्रस्तावित स्पॉट ETF जिसे Chainlink के पूल से जोड़ा गया है, उसे DTCC की रजिस्ट्री में शामिल कराया है। यह ETF टिकर “CLNK” के नाम से DTCC की “active” तथा “pre-launch” श्रेणियों में सूचीबद्ध हुआ है।

इस कदम को क्रिप्टो निवेश और संस्थागत प्रवेश के लिए एक संकेत के रूप में देखा जा रहा है क्योंकि DTCC में नाम दर्ज होना साधारणतः यह दर्शाता है कि लॉन्च की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

क्रमशः आगे क्या रह गया है?

हालाँकि DTCC में रजिस्ट्री एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, लेकिन यह किसी भी रूप में SEC द्वारा स्वीकृति का प्रमाण नहीं है। Bitwise ने अगस्त में S-1 नामक फॉर्म दाखिल किया था जो कि ETF के पंजीकरण के लिए आवश्यक प्रारंभिक दस्तावेज था।

फिर भी, कंपनी अब तक 8-A फॉर्म दाखिल नहीं कर पाई है। 8-A फॉर्म वह दस्तावेज है जिसे एक प्रतिभूति के रूप में ट्रेडिंग शुरू हो सकने से पहले देना अनिवार्य होता है।

इस तरह देखा जाए तो Bitwise का कदम ETF को बाजार में लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत है, मगर अभी अंतिम मंजूरी और सूचीकरण तक कुछ पड़ाव बाकी हैं।

क्यों है यह कदम मायने रखता?

Chainlink एक प्रमुख डीसेंट्रलाइज्ड ऑरैकल नेटवर्क है जो स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स को ऑन-चेन तथा ऑफ-चेन डेटा उपलब्ध कराता है। Bitwise द्वारा Chainlink पर आधारित ETF लाने का प्रस्ताव यह दर्शाता है कि अल्टकॉइन-क्षेत्र में संस्थागत निवेश का विस्तार हो सकता है।

विश्लेषकों का मानना है कि इस ETF की संभावित मंजूरी से LINK टोकन में निवेश का आकर्षण बढ़ सकता है, विशेषकर उन निवेशकों के बीच जो सीधे टोकन होल्ड करने की बजाय ETF के माध्यम से एक्सपोजर लेना चाहते हैं। 

इसके अलावा, जैसे-जैसे क्रिप्टो उत्पादों के लिए नियामक वातावरण विकसित हो रहा है, ETF की स्वीकृति क्रिप्टो बाजार के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

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चुनौतियाँ और आगे की राह

इस प्रस्तावित ETF के सामने अभी कई चुनौतियाँ हैं। सबसे बड़ी चुनौती है SEC की अंतिम मंजूरी। DTCC में सूचीबद्ध होना मंजूरी का संकेत हो सकता है लेकिन गारंटी नहीं है।

साथ ही, यू एस. सरकार की शटडाउन जैसी स्थिति ने ETF स्वीकृति प्रक्रिया को सुस्त कर दिया है। क्रिप्टो ETFs के पेंडिंग फाइलिंग्स में देरी का कारण इस बात को भी माना जा रहा है।

इसके अतिरिक्त, अन्य प्रस्तावित स्पॉट ETFs, विशेषकर उन पर जो स्टेकिंग जैसी अतिरिक्त सुविधाएँ देने की योजना रखते हैं, उन्हें नियामक दृष्टिकोण से और अधिक जटिल माना जा रहा है। उदाहरण के लिए Grayscale Investments ने भी Chainlink ETF के लिए आवेदन किया है लेकिन वह स्टेकिंग को शामिल करना चाहता है जिससे उसे अधिक नियामक रुकावटें झेलनी पड़ सकती हैं।

निष्कर्ष

Bitwise द्वारा Chainlink-आधारित स्पॉट ETF को DTCC रजिस्ट्री में शामिल कराना एक महत्वपूर्ण कदम है जो यह संकेत देता है कि लॉन्च संभवतः निकट है। यदि SEC द्वारा स्वीकृति मिल जाती है तो यह क्रिप्टो ETFs और विशेष रूप से अल्टकॉइन-फोकस्ड ETFs के लिए एक नए युग की शुरुआत हो सकती है।

फिर भी निवेशकों को यह समझना आवश्यक है कि यह अभी हिस्सा-हिस्सा मंजूरी की प्रक्रिया है और कोई भी निवेश निर्णय सावधानीपूर्वक नियामक स्थितियों तथा बाजार के संकेतों को देख-समझ कर लेना चाहिए। इस तरह के ETF के लॉन्च के बाद क्रिप्टो निवेश के रास्ते और व्यापक तथा व्यवस्थित रूप से खुल सकते हैं।


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