संयुक्त राज्य अमेरिका स्थित प्रमुख क्रिप्टो एक्सचेंज कॉइनबेस ने ब्लॉकचेन सुरक्षा पर क्वांटम कंप्यूटिंग के संभावित प्रभावों का मूल्यांकन करने के उद्देश्य से एक स्वतंत्र सलाहकार बोर्ड का गठन किया है। यह कदम डिजिटल मुद्रा बाजार की दीर्घकालिक सुरक्षा को सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया एक अग्रणी प्रयास माना जा रहा है।
उभरते जोखिमों का अध्ययन
बोर्ड में विश्वविद्यालयों, उद्योग विशेषज्ञों, क्रिप्टोग्राफी तथा ब्लॉकचेन सुरक्षा अनुसंधानकर्ताओं को शामिल किया गया है, जो क्वांटम तकनीक के उभरते जोखिमों का गहन अध्ययन करेंगे और ब्लॉकचेन नेटवर्कों के लिए संभावित समाधान सुझाएंगे। यह पहल स्वतंत्र रूप से संचालित होगी तथा नियामक या कॉइनबेस प्रबंधन से अलग स्थिति में काम करेगी।
कॉइनबेस के ब्लॉग पोस्ट के अनुसार, इस सलाहकार बोर्ड का पहला स्थानिक पेपर 2027 की शुरुआत में प्रकाशित होने की उम्मीद है, जिसमें क्वांटम से संबंधित जोखिमों का एक मूल आंकलन और ब्लॉकचेन नेटवर्कों के लिए तैयार उपायों का खाका पेश किया जाएगा।
तकनीकी रूप से, कंपनी आंतरिक रूप से पोस्ट-बिटकॉइन एड्रेस हैंडलिंग और कुंजी प्रबंधन प्रणाली को अपडेट करने तथा पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफिक मानकों पर अनुसंधान जारी रखे हुए है।
क्वांटम कंप्यूटिंग ब्लॉकचेन क्यों खतरा?
ब्लॉकचेन नेटवर्क जैसे बिटकॉइन और एथेरियम की सुरक्षा पारंपरिक क्रिप्टोग्राफिक तरीकों पर आधारित है। इन तकनीकों के अंतर्गत डिजिटल हस्ताक्षरों तथा निजी कुंजियों की सुरक्षा शामिल है, जो आज तक क्लासिकल कम्प्यूटिंग द्वारा सुरक्षित मानी जाती हैं।
परंतु क्वांटम कंप्यूटर अत्यंत उन्नत गणनात्मक शक्ति रखते हैं और भविष्य में ऐसे क्रिप्टोग्राफिक सुरक्षा तंत्रों को तोड़ने में सक्षम हो सकते हैं, जिससे वे निजी कुंजियों तक पहुंच प्राप्त कर सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि क्वांटम कंप्यूटिंग पर्याप्त परिपक्वता प्राप्त कर लेती है, तो यह न केवल निजी कुंजियों की सुरक्षा को कमजोर कर सकती है बल्कि नेटवर्क की माइनिंग प्रक्रिया को भी प्रभावित कर सकती है, जिससे ब्लॉकचेन की अखंडता में दरार आ सकती है।
चिंताएँ और विवाद
क्रिप्टो उद्योग में इस खतरे का समय कितना निकट है, इस पर मतभेद मौजूद हैं। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि क्वांटम कंप्यूटिंग आज की तकनीकों की तुलना में बहुत आगे नहीं पहुँची है और हालांकि यह एक लंबी अवधि का जोखिम है, परंतु ब्लॉकचेन नेटवर्कों को इससे पहले ही तैयारी करनी चाहिए।
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दूसरी ओर, कुछ विशेषज्ञ इस बात पर जोर देते हैं कि क्रिप्टोग्राफिक प्रणालियों से इतर ब्लॉकचेन की संरचना विद्यमान सुरक्षा प्रदान करती है और खतरे का औसत अनुमान अगले एक दशक से अधिक का है।
वैश्विक दृष्टिकोण
अन्य वित्तीय और तकनीकी संस्थाएं भी क्वांटम कंप्यूटिंग सुरक्षा के लिए तैयारी कर रही हैं। उदाहरण के लिए, भारत में सेबी ने ‘क्वांटम सेफ कंप्यूटिंग’ की रूपरेखा विकसित की है एवं 2028-29 तक इसके कार्यान्वयन का लक्ष्य रखा है, जिससे वित्तीय प्रणाली को क्वांटम-आधारित खतरों से सुरक्षित रखा जा सके।
नवीन उपाय और ब्लॉकचेन की तैयारी
ब्लॉकचेन समुदाय में पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी और क्वांटम-प्रतिरोधी लेजर जैसे मंचों पर भी शोध और विकास कार्य तेज़ी से हो रहा है। इन तकनीकों का लक्ष्य ऐसी प्रणालियाँ विकसित करना है जो क्वांटम हमलों के खिलाफ अधिक सुरक्षित हों।
निष्कर्ष
कॉइनबेस का यह कदम ब्लॉकचेन सुरक्षा के लिए एक ऐतिहासिक पहल है, जो केवल एक कंपनी का प्रबंध नहीं बल्कि पूरे क्रिप्टो उद्योग के लिए एक चेतावनी और तैयारी का संकेत है। क्वांटम कंप्यूटिंग के उभरते जोखिमों को समय रहते समझना और उनका समाधान खोजना, डिजिटल संपत्तियों की सुरक्षा और निवेशकों के विश्वास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह पहल आगे चलकर ब्लॉकचेन नेटवर्कों की मजबूती और तकनीकी अनुकूलन क्षमता को बढ़ाने में सहायता करेगी।
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