डावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम) में क्रिप्टोकरेंसी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के संयोजन को लेकर वित्तीय दुनिया में नई चर्चा छिड़ गई है। उद्योग के दिग्गजों जैसे बिनेंस के संस्थापक चांगपैंग ज़ाओ (सीजेड), सर्कल के सीईओ जेरमी अल्लेयर और कॉइनबेस के प्रमुख शोधकर्ता डेविड डुओंग ने साझा किया कि एआई और क्रिप्टो का मेल भविष्य में वित्तीय प्रणाली में व्यापक असर डालेगा।
सीजेड ने कहा कि आने वाले समय में “एआई एजेंटों के लिए मूल मुद्रा क्रिप्टो होगी” और ये एजेंट सक्रिय रूप से स्वतंत्र निर्णय लेकर आर्थिक लेन-देन करेंगे। एआई एजेंटों का लक्ष्य विशेष कार्यों को स्वयं योजनाबद्ध तरीके से संपन्न करना होता है, जैसे टिकट बुकिंग, निवेश प्रबंध या भुगतान निष्पादन। इसीलिए, उनका मानना है कि क्रिप्टो आज की डिजिटल मुद्रा से आगे बढ़कर भविष्य की स्वतंत्र मूलधन प्रणाली बन सकती है।
करोड़ों एआई एजेंट आर्थिक लेन-देन करेंगे
सर्कल के सीईओ जेरमी अल्लेयर ने इस बात पर जोर दिया कि अगले तीन-पांच वर्षों में “करोड़ों एआई एजेंट आर्थिक लेन-देन करेंगे” और नई पीढ़ी के ब्लॉकचेन नेटवर्क विशेष रूप से ऐसे एजेंटिक कम्प्यूट कार्यों के लिये तैयार किये जा रहे हैं। यह तकनीकी ढांचा क्रिप्टो लेन-देन को अधिक प्रभावी और त्वरित बनाने में मदद करेगा।
कॉइनबेस के शोध प्रमुख डेविड डुओंग ने कहा कि एआई और क्रिप्टो का मिलन सिर्फ एक चलन नहीं है, बल्कि यह तकनीकी प्रगति का अगला चरण है। वे समझते हैं कि यह संयोजन वित्त, भुगतान प्रणालियों और वैश्विक डिजिटल बाजार के ढांचे को एक नई दिशा देगा।
भविष्यवाणी बाजारों में तेजी
विश्लेषकों का मानना है कि एआई एजेंटों और क्रिप्टो नेटवर्क के सम्मिलन से इंटरनेट भुगतान, बैंकों के काम करने का तरीका तथा भविष्यवाणी बाजारों में तेजी आयेगी। स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट तकनीक के जरिये वैश्विक भुगतान सेकंडों में पूरा हो सकते हैं और एजेंट एक-दूसरे से बिना किसी मध्यस्थ के डेटा, संसाधन या सेवाओं के लिये भुगतान कर सकेंगे।
इसके अलावा, निवेश प्रबंधन के क्षेत्र में भी इस तकनीक से बदलाव आयेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि पारंपरिक रोबो सलाहकारों से आगे बढ़कर, हर निवेशक सक्रिय पोर्टफोलियो प्रबंधन तक पहुँच सकेगा। इससे वित्तीय सेवाओं की पहुंच और पारदर्शिता दोनों में वृद्धि होगी।
प्रमुख क्रिप्टो में उतार-चढ़ाव
क्रिप्टो बाजार की मौजूदा दिशा को देखते हुए, यह बदलाव और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। पिछले कुछ महीनों में बिटकॉइन और अन्य प्रमुख क्रिप्टो में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है, जिसमें बिटकॉइन की कीमतें $86,000 से नीचे गिरने जैसी बड़ी हलचल भी शामिल है। इस गिरावट ने निवेशकों में चिंता पैदा की है और बाजार की अनिश्चितता को उजागर किया है।
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इसके बावजूद, निवेशक अब ब्लू-चिप क्रिप्टो और नए तकनीकी फोकस वाले प्रोजेक्टों की ओर रुख कर रहे हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार मीम कॉइन्स का बाजार 2025 में भारी गिरावट का सामना कर चुका है और निवेशकों की दिलचस्पी मुख्यधारा की क्रिप्टोकरेंसी तथा एआई-समर्थित टोकन में बढ़ रही है।
भारत में क्रिप्टो का विस्तार जारी
भारत जैसे बाजारों में भी क्रिप्टो का विस्तार जारी है। छोटे शहरों और टियर-3, टियर-4 क्षेत्रों से क्रिप्टो निवेश में वृद्धि देखने को मिल रही है, जो यह दर्शाता है कि डिजिटल संपत्ति को अब देश के विभिन्न हिस्सों में अपनाया जा रहा है।
हालांकि क्रिप्टो क्षेत्र में वृद्धि के साथ जोखिम भी जुड़े हैं। साइबर हमले और धोखाधड़ी के मामलों में भी इजाफा हुआ है। उदाहरण स्वरूप, भारत के प्रमुख क्रिप्टो एक्सचेंज की साइबर हमले में काफी धन निकला गया था, जिससे सुरक्षा चुनौतियाँ सामने आईं।
निष्कर्ष
जहाँ एक ओर कृत्रिम बुद्धिमत्ता और क्रिप्टोकरेंसी का एकीकृत भविष्य वित्तीय दुनिया में क्रांतिकारी बदलाव का संकेत देता है, वहीं दूसरी ओर मौजूदा बाजार की अनिश्चितताएँ और सुरक्षा चुनौतियाँ भी निवेशकों को सतर्क रहने की सीख देती हैं। यह संयोजन भविष्य के डिजिटल आर्थिक ढांचे को पुनर्परिभाषित कर सकता है, लेकिन इसके लिये तकनीकी सुधार, नियमन और सुरक्षा उपायों का समुचित विकास आवश्यक होगा।
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