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Rajeev Ranjan Roy
लेखक: Rajeev Ranjan Royस्टाफ लेखक
Pratik Bhuyan
Pratik Bhuyan द्वारा समीक्षितस्टाफ संपादक

क्रिप्टो मनी लॉन्ड्रिंग का खुलासा, चीनी नेटवर्कों ने $16.1B अवैध धन खपाया

2025 में चेनालिसिस की रिपोर्ट से पता चला कि चीनी भाषा आधारित नेटवर्कों ने 16.1 अरब डॉलर की अवैध क्रिप्टो को मनी लॉन्ड्रिंग के लिए इस्तेमाल किया, जो वैश्विक क्रिप्टो अपराध का 20% है।

क्रिप्टो मनी लॉन्ड्रिंग का खुलासा, चीनी नेटवर्कों ने $16.1B अवैध धन खपाया
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डिजिटल मुद्रा के बढ़ते प्रचलन के साथ-साथ अवैध आर्थिक गतिविधियाँ भी नई तकनीकों का सहारा लेकर अभूतपूर्व गति से फैल रही है। वर्ष 2025 में प्रकाशित चेनालिसिस, एक अंतरराष्ट्रीय ब्लॉकचेन विश्लेषण संस्था, की विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार चीनी भाषा-आधारित डिजिटल मुद्रा मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्कों ने लगभग 16.1 अरब डॉलर के अवैध धन को क्रिप्टो लेन-देन के माध्यम से वैध स्वरूप देने का प्रयास किया। यह राशि वैश्विक स्तर पर दर्ज कुल अवैध क्रिप्टो गतिविधियों का लगभग 20 प्रतिशत है।

फर्जी निवेश योजना

रिपोर्ट में बताया गया है कि ये नेटवर्क विश्वभर में सक्रिय आपराधिक गिरोहों द्वारा चोरी, फर्जी निवेश योजनाओं और अन्य गैर-कानूनी तरीकों से अर्जित धन को डिजिटल मुद्रा में बदलने की सुविधा प्रदान करते हैं।

इन नेटवर्कों का संचालन प्रायः एन्क्रिप्टेड संदेशवाहक मंचों, विशेषकर टेलीग्राम, के माध्यम से किया जाता है। इन मंचों पर “गारंटी” जैसे चैनल खुले बाजार की तरह कार्य करते हैं, जहाँ अवैध धन के हस्तांतरण के लिए खरीदार और विक्रेता बिना किसी औपचारिक पहचान के आपस में संपर्क स्थापित कर लेते हैं।

वर्ष 2025 में क्रिप्टो माध्यम से किए गए कुल अवैध लेन-देन का अनुमान लगभग 82 अरब डॉलर लगाया गया है, जो वर्ष 2020 के लगभग 10 अरब डॉलर की तुलना में कई गुना अधिक है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह तीव्र वृद्धि इन नेटवर्कों के संगठित विस्तार, तकनीकी दक्षता और वैश्विक स्तर पर फैले संपर्क तंत्र का परिणाम है।

अवैध नेटवर्कों के तेजी से फैलने के पीछे प्रमुख कारण

विशेषज्ञों के अनुसार, इन नेटवर्कों के तेजी से फैलने के पीछे दो प्रमुख कारण हैं। पहला, डिजिटल मुद्राओं के जरिए सीमाओं के पार धन भेजने की सहजता, और दूसरा, पारंपरिक बैंकिंग एवं वित्तीय प्रणालियों की तुलना में ब्लॉकचेन आधारित लेन-देन पर तत्काल निगरानी की कमी। इस स्थिति का लाभ उठाकर अपराधी धन को अनेक डिजिटल बटुओं और खातों में घुमाकर उसे वैध रूप में प्रस्तुत कर देते हैं।

इन अवैध नेटवर्कों का बड़ा हिस्सा दक्षिण-पूर्व एशिया में सक्रिय पाया गया है, विशेषकर कंबोडिया जैसे देशों में, जहाँ तथाकथित धोखाधड़ी केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों में न केवल अत्याधुनिक तकनीकी ढाँचा मौजूद होता है, बल्कि मानव तस्करी के शिकार बनाए गए लोगों को भी जबरन धोखाधड़ी गतिविधियों में शामिल किया जाता है।

प्रिंस समूह पर भी प्रतिबंध लगाए

कंबोडिया में चीनी कारोबारी चेन झी के नेतृत्व वाले प्रिंस समूह पर भी वर्ष 2025 में अमेरिका और ब्रिटेन की सरकारों ने प्रतिबंध लगाए। इस समूह पर क्रिप्टो धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े गंभीर आरोप हैं। जांच एजेंसियों ने इस नेटवर्क से जुड़े 14 अरब डॉलर से अधिक मूल्य की बिटकॉइन राशि जब्त की, जिसे अब तक की सबसे बड़ी डिजिटल मुद्रा जब्ती माना जा रहा है।

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संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के आकलन के अनुसार, कंबोडिया और उसके पड़ोसी देशों में सक्रिय इन धोखाधड़ी नेटवर्कों से प्रतिवर्ष लगभग 12.5 से 19 अरब डॉलर तक की अवैध आय उत्पन्न होती है। इसका स्थानीय अर्थव्यवस्था पर गहरा नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है और संगठित अपराध को बढ़ावा मिल रहा है।

मानव तस्करी और जबरन श्रम

इन अवैध गतिविधियों ने न केवल वित्तीय अपराधों को बढ़ाया है, बल्कि मानव तस्करी और जबरन श्रम जैसी गंभीर सामाजिक समस्याओं को भी जन्म दिया है। पीड़ितों को झूठे रोजगार के वादों के साथ इन केंद्रों तक लाया जाता है और फिर अमानवीय परिस्थितियों में काम करने के लिए मजबूर किया जाता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि क्रिप्टो मनी लॉन्ड्रिंग पर अंकुश लगाने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग, सख्त नियामक ढाँचा और उन्नत ब्लॉकचेन निगरानी तकनीकों का संयुक्त उपयोग अनिवार्य है। संयुक्त राष्ट्र, अमेरिका, ब्रिटेन और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के बीच बढ़ता सहयोग इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

निष्कर्ष

वर्ष 2025 डिजिटल अपराधों, विशेषकर क्रिप्टो मनी लॉन्ड्रिंग, के लिहाज से एक गंभीर चेतावनी के रूप में सामने आया है। 16.1 अरब डॉलर से अधिक की अवैध राशि का डिजिटल मुद्रा के माध्यम से प्रवाह यह दर्शाता है कि तकनीक का दुरुपयोग वैश्विक वित्तीय प्रणाली के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुका है।

इस खतरे से निपटने के लिए कठोर अंतरराष्ट्रीय कानून, साझा निगरानी व्यवस्था और ब्लॉकचेन आधारित निगरानी प्रणालियों को और अधिक सुदृढ़ करना समय की आवश्यकता है, ताकि अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके और आम नागरिकों की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

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