ब्लॉकचेन तकनीक की दुनिया में एथेरियम एक अग्रणी नेटवर्क है, जो स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट और विकेंद्रीकृत अनुप्रयोगों (डीएप्स) को सुचारु रूप से चलाता है। परंतु जैसे-जैसे क्वांटम कंप्यूटर का विकास हो रहा है, आधुनिक क्रिप्टोग्राफ़िक सुरक्षा तंत्रों पर भी खतरा बढ़ता जा रहा है। इस चुनौती का सामना करने के लिए एथेरियम फाउंडेशन ने एक समर्पित पोस्ट-क्वांटम (पोस्ट-क्वांटम) सुरक्षा टीम का गठन किया है जो नेटवर्क को भविष्य के जोखिमों से सुरक्षित करने में जुटी है।
लगभग 20 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है
एथेरियम फाउंडेशन के शोधकर्ताओं के अनुसार, नेटवर्क को क्वांटम प्रतिरोधी (पोस्ट-क्वांटम) बनाने की दिशा में अब तक लगभग 20 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। शोधकर्ता एंथोनी सैंसो ने बताया कि शोध और तैयारियों का चरण बहुत हद तक पूरा हो चुका है और अब कार्यान्वयन चरण शुरू हो चुका है। इस कार्य में नेटवर्क की कार्यान्वयन (एक्जीक्यूशन), कंसेंसस और डेटा उपलब्धता जैसे प्रमुख घटकों को क्वांटम-सुरक्षा की ओर उन्नत करना शामिल है।
क्वांटम कंप्यूटर की क्षमता
क्वांटम कंप्यूटर पारंपरिक क्रिप्टोग्राफ़िक प्रणालियों को तोड़ने की क्षमता रखते हैं। वर्तमान ब्लॉकचेन सुरक्षा एल्गोरिद्म जैसे ईसीडीएसए (एलिप्टिक कर्व डिजिटल सिग्नेचर एल्गोरिदम) पारंपरिक कंप्यूटरों के सामने सुरक्षित माने जाते हैं, लेकिन क्वांटम कंप्यूटर उन्हें तोड़ सकते हैं और उपयोगकर्ताओं की कुंजी और धन की सुरक्षा को खतरे में डाल सकते हैं। ऐसे खतरे को देखते हुए एथेरियम समुदाय ने पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी को अपनाने का निर्णय लिया है।
पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी का लक्ष्य ऐसे ऐसे एल्गोरिद्म विकसित करना है जो क्वांटम कंप्यूटरों के ख़िलाफ़ भी सुरक्षित रहें। इनमें लैटिस-आधारित क्रिप्टोग्राफी, हैश आधारित सिग्नेचर स्कीम और ज़ीके-स्टार्क जैसे समाधानों पर शोध चल रहा है। ग्राम-आधारित और हैश-आधारित सिग्नेचर योजनाएँ क्वांटम हमलों को झेलने में सक्षम मानी जाती हैं और इन्हें नेटवर्क में धीरे-धीरे शामिल किया जा रहा है।
दो मिलियन डॉलर धनराशि आवंटित
एथेरियम फाउंडेशन ने इस पहल के लिए कुल दो मिलियन डॉलर तक की धनराशि भी आवंटित की है, जिसमें पोसाइडन प्राइज जैसे पुरस्कार शामिल हैं ताकि क्वांटम-सुरक्षित तकनीकों का विकास तेज हो सके। यह निवेश शोध और वास्तविक नेटवर्क परीक्षणों को समर्थन देता है और विकासकों को नई तकनीकों के अन्वेषण के लिए प्रोत्साहित करता है।
क्या आप जानते हैं: क्वांटम कंप्यूटिंग के बढ़ते खतरे से बिटकॉइन की सुरक्षा पर सवाल
सिर्फ तकनीकी बदलाव ही नहीं, बल्कि नेटवर्क में उपयोगकर्ताओं के धन की सुरक्षा पर भी ध्यान दिया जा रहा है। भविष्य में यदि कोई क्वांटम कंप्यूटर समय से पहले तैयार हो जाता है, तो इसके लिए एक आपात स्थिति योजना भी तैयार की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत ब्लॉकचेन को हार्ड फोर्क के माध्यम से आधुनिक क्रिप्टोग्राफ़िक मानकों पर सुरक्षित रूप से स्विच किया जा सकेगा, जिससे उपयोगकर्ताओं के धन की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।
नेटवर्क की भविष्य-सुरक्षा योग्यता को बढ़ाएगा
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम न केवल एथेरियम के तकनीकी प्रबंधन को मज़बूत करेगा बल्कि निवेशकों और संस्थागत भागीदारों के लिए भी नेटवर्क की भविष्य-सुरक्षा योग्यता को बढ़ाएगा। ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित वित्तीय सेवाओं और डीएप्स के लिए लंबी अवधि की सुरक्षा अलग से महत्वपूर्ण है, क्योंकि क्वांटम कंप्यूटरों के आगमन से पहले ही संभावित खतरों का सामना करने की योजना बनाना आवश्यक है।
इसके अतिरिक्त, यह प्रयास केवल एथेरियम तक सीमित नहीं है। वैश्विक तकनीकी समुदाय भी क्वांटम-सुरक्षित उपायों पर काम कर रहा है और कई कंपनियाँ तथा शोध संस्थाएँ क्वांटम-प्रतिरोधी सुरक्षा समाधान विकसित कर रही हैं। ऐसे में एथेरियम नेटवर्क की यह पहल समय पर उठाया गया सकारात्मक कदम मानी जा रही है।
निष्कर्ष
एथेरियम का क्वांटम-सुरक्षा की ओर बढ़ना ब्लॉकचेन तकनीक को भविष्य के तकनीकी परिवर्तन के लिए तैयार करने में एक महत्वपूर्ण कदम है। हाल के शोध और विकास कार्यों से यह स्पष्ट होता है कि नेटवर्क को क्वांटम कंप्यूटर खतरों के खिलाफ मजबूत बनाने के लिए एक विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया है।
अब तक की प्रगति इसके लागू होने की दिशा में सकारात्मक संकेत देती है। यह न केवल उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा बढ़ाएगा बल्कि ब्लॉकचेन तकनीक की लंबी अवधि में स्वीकार्यता और स्थिरता को भी सुनिश्चित करेगा।
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