Cointelegraph
Rajeev Ranjan Roy
लेखक: Rajeev Ranjan Royस्टाफ लेखक
Pratik Bhuyan
Pratik Bhuyan द्वारा समीक्षितस्टाफ संपादक

भारत का क्रिप्टो बाजार 2025 में तेजी से बढ़ा, पर नियम अभी भी अस्पष्ट

साल 2025 में भारत का क्रिप्टोकरेंसी बाजार तेजी से विस्तृत हुआ, छोटे शहरों और विभिन्न निवेशक समूहों तक पहुंच बढ़ी है।

भारत का क्रिप्टो बाजार 2025 में तेजी से बढ़ा, पर नियम अभी भी अस्पष्ट
नववर्ष विशेष

साल 2025 भारत के डिजिटल संपत्ति बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार इस वर्ष क्रिप्टोकरेंसी बाजार में स्पष्ट वृद्धि दर्ज की गई, खासकर मेट्रो के बाहर के शहरों - टियर-2, टियर-3 और टियर-4 – में उपयोगकर्ता वृद्धि ने बाजार की जैविक मजबूती को दर्शाया है।

कोइनस्विच की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्य अब क्रिप्टो निवेश में अग्रणी बन गए हैं और छोटे शहरों का योगदान कुल उपयोगकर्ताओं का एक बड़ा हिस्सा बन चुका है। यह संकेत करता है कि क्रिप्टो केवल उच्च वर्ग या महानगरों तक सीमित नहीं रहा है।

मुद्रा निवेश शैली में भी बदलाव

मुद्रा निवेश शैली में भी बदलाव आया है। डेटा से पता चलता है कि निवेशक अब कई डिजिटल संपत्तियाँ रखते हैं और पोर्टफोलियो अधिक संतुलित कर रहे हैं। बिटकॉइन और प्रमुख लेयर-1 टोकन में हिस्सा बढ़ा है, जबकि मिमिकॉइन-शैली टोकन का हिस्सा तुलनात्मक रूप से कम रहा है। इसके साथ ही नियमित निवेश योजनाओं (SIP) की लोकप्रियता में भी भारी उछाल देखा गया है, जो दर्शाता है कि निवेशक अब क्रिप्टो को दीर्घकालिक संपत्ति के रूप में देख रहे हैं।

इसके विपरीत, भारत का नियामक परिदृश्य मिश्रित रहा है। 2025 में क्रिप्टो पर 30 प्रतिशत लाभ कर और एक प्रतिशत स्रोत पर कर (TDS) ने पारदर्शिता को बढ़ाया है, पर निवेशकों की सक्रियता और उच्च आवृत्ति व्यापार को कम किया है। कई उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि यह कर ढांचा व्यापार गतिविधियों को घटा सकता है और निवेशकों को ऑफशोर प्लेटफार्मों की ओर धकेल सकता है।

नियामकीय दृष्टिकोण भी स्पष्ट नहीं

नियामकीय दृष्टिकोण अभी भी स्पष्ट नहीं हुआ है। भारत में अभी तक एक समर्पित क्रिप्टो कानून नहीं बना है और ना ही एक विशेष नियामक संस्था जिसके तहत डिजिटल संपत्ति को व्यवस्थित रूप से नियंत्रित किया जा सके। विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान ढांचा नियमन की तुलना में नियंत्रण जैसा दिखता है, जिसमें अनुपालन, रिपोर्टिंग और कर नियम तो हैं, पर दीर्घकालिक कानूनी दिशा की कमी है।

कई उद्योग नेताओं का मानना है कि नियामक स्पष्टता में देरी नवाचार और प्रतिभा को भारत के बाहर ले जा सकती है। एसईबीआई या भारतीय रिज़र्व बैंक जैसे निकाय यदि स्पष्ट नियम और पथ प्रदान करें तो घरेलू प्रतिभाओं और स्टार्टअप्स को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ने में मदद मिल सकती है।

क्या आप जानते हैं: भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, जर्मनी को पछाड़ने की तैयारी

दूसरी ओर, कुछ विश्लेषण यह भी दर्शाते हैं कि बाजार की वृद्धि के साथ जोखिम भी बढ़ रहे हैं। बिना स्पष्ट फ्रेमवर्क के, अवैध धन और धोखाधड़ी की प्रवृतियाँ भी उभर सकती हैं, जैसा कि लेनदेन निगरानी रिपोर्टों में दिखा है। ऐसे परिदृश्य में मजबूत अनुपालन मानकों और एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग (एएमएल) उपायों की आवश्यकता अधिक महसूस होती है।

वैश्विक संदर्भ में भी भारत की प्रगति उल्लेखनीय है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार भारत क्रिप्टो लेनदेन के उपयोग में विश्व के शीर्ष १० देशों में शामिल हो गया है, जिसमें स्थिरकॉइन का उपयोग बढ़ा है और यह भुगतान तथा वास्तविक उपयोग के मामलों में अपना स्थान बना रहा है।

इन सभी संकेतों को मिलाकर देखा जाए तो भारत का क्रिप्टो परिदृश्य 2025 में स्पष्ट रूप से परिपक्वता की ओर बढ़ा है और वह भी विविध निवेश शैली और तकनीकी नवाचार के साथ। हालांकि, विधिक अस्पष्टता और कर ढांचे के प्रभाव ने घरेलू निवेशकों को सतर्क रखा है।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर साल 2025 भारत के क्रिप्टो बाजार के लिए विस्तार की कहानी रहा है, लेकिन यह भी स्पष्ट है कि स्ट्रक्चर्ड नियमों की कमी भविष्य की वृद्धि को सीमित कर सकती है। यदि नियामक स्पष्टता, कर ढांचे का संतुलन और व्यापक विधिक मानक विकसित किए जाएं, तो भारत वैश्विक डिजिटल संपत्ति परिदृश्य में अग्रणी भूमिका निभा सकता है। निवेशकों और उद्योग दोनों को चाहिए कि वे संतुलित दृष्टिकोण रखें और दीर्घकालिक संभावनाओं के साथ जोखिम प्रबंधन पर ध्यान दें।

ऐसी ही और ख़बरों और क्रिप्टो विश्लेषण के लिए हमें X पर फ़ॉलो करें, ताकि कोई भी अपडेट आपसे न छूटे!


Cointelegraph स्वतंत्र और पारदर्शी पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्ध है। यह समाचार लेख Cointelegraph की संपादकीय नीति के अनुरूप तैयार किया गया है और इसका उद्देश्य सटीक तथा समय पर जानकारी प्रदान करना है। पाठकों को जानकारी की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। हमारी संपादकीय नीति पढ़ें https://in.cointelegraph.com/editorial-policy