क्रिप्टो समुदाय हाल ही में बिटकॉइन के संभावित क्वांटम कंप्यूटिंग जोखिम को लेकर चर्चा में है। स्ट्रेटेजी इंक के सह-संस्थापक माइकल सेलर ने कहा है कि क्वांटम कंप्यूटिंग बिटकॉइन के लिए तत्काल खतरा नहीं है और यह नेटवर्क को अधिक मजबूत बनाएगा।
सेलर ने एक इंटरव्यू और सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि यदि भविष्य में क्वांटम कंप्यूटिंग विकास इतना उन्नत हो जाता है कि वह बिटकॉइन की सुरक्षा को चुनौती दे, तो नेटवर्क एक क्वांटम प्रतिरोधी अपग्रेड अपना लेगा।
उनके अनुसार, सक्रिय कोइन्स सुरक्षित एड्रसेज़ में माइग्रेट होंगे, जबकि खोए हुए या अज्ञात प्राइवेट वाले बिटकॉइन स्थिर रहेंगे। इससे नेटवर्क की सुरक्षा बढ़ेगी और आम सप्लाई कम होगी, जो बिटकॉइन को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।
सेलर का यह दृष्टिकोण उन भविष्यवाणियों से बिल्कुल अलग है जो क्वांटम कंप्यूटिंग को बिटकॉइन के लिए एक विनाशकारी खतरा मानती है। उन्होंने इसे ‘FUD’ (भय, अनिश्चितता और संदेह) कहा, जो अक्सर क्वांटम विषय वाली टोकन बिक्री को बढ़ावा देने के लिए फैलाया जाता है।
सेलर का दृष्टिकोण
सेलर का मानना है कि बिटकॉइन नेटवर्क तकनीकी रूप से पर्याप्त लचीलापन रखता है। यदि क्वांटम कंप्यूटिंग की क्षमता इतनी बढ़ती है कि वह पारंपरिक इलिप्टिक कर्व क्रिप्टोग्राफी (ECC) को चुनौती दे, तो डेवलपर्स एक सॉफ्ट-फोर्क या अन्य प्रोटोकॉल अपग्रेड के ज़रिये सुरक्षा का स्तर बढ़ा देंगे।
उनका कहना है कि इस प्रकार के अपग्रेड्स तकनीक जगत में सामान्य है, जैसे माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और सरकारी प्रणालियाँ सुरक्षा प्रोटोकॉल को नियमित रूप से अपडेट करती हैं।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि वास्तविक क्वांटम मशीनें इतनी जल्दी हक़ीक़त में नहीं आएँगी और यदि कभी आएँगी भी, तो वह पहले से ही व्यापक सुरक्षा उपायों के साथ सामने आएँगी।
समुदाय की प्रतिक्रिया
क्रिप्टो उद्योग के अन्य प्रमुख नाम, जैसे एडम बैक ने भी क्वांटम जोखिम को निकट भविष्य का बड़ा खतरा नहीं माना है। बैक ने कहा कि क्वांटम कंप्यूटिंग के कारण बिटकॉइन को तत्काल खतरा नहीं है और यह दशकों दूर की बात है।
फिर भी, कुछ विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि बिटकॉइन डेवलपर्स इस जोखिम को कम आंक रहे हैं। वैंचर कैपिटलिस्ट निक कार्टर ने कहा कि 2025 में क्वांटम कंप्यूटिंग का विकास पहले से अधिक सक्रिय है और अगर क्रिप्टोग्राफ़िक रूप से प्रासंगिक क्वांटम कंप्यूटर बनते हैं, तो बिटकॉइन नेटवर्क असुरक्षित सार्वजनिक कुंजी वाले पते और निजी कुंजी सुरक्षा पर जोखिम में पड़ सकता है।
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कई क्रिप्टो विश्लेषकों का मानना है कि यदि वैध क्वांटम कंप्यूटर विकसित हो जाता है, तो यह न सिर्फ बिटकॉइन बल्कि अन्य क्रिप्टो परिसंपत्तियों के लिए भी सुरक्षा चुनौतियाँ पैदा कर सकता है। डिजिटल सुरक्षा विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि प्रोटोकॉल को पहले से क्वांटम-रोधी तकनीकों के लिए तैयार करना चाहिए ताकि संभावित खतरों से निपटा जा सके।
बाजार और तकनीकी परिप्रेक्ष्य
हालांकि बिटकॉइन की कीमत और बाजार भावना पर क्वांटम कंप्यूटिंग की चर्चा का तत्काल प्रभाव सीमित रहा है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी जोखिम से निष्कर्षों को जल्दबाज़ी में जोड़ने से बाज़ार में अनावश्यक अस्थिरता हो सकती है।
बाजार विश्लेषण बताते हैं कि मौजूदा क्वांटम कंप्यूटिंग तकनीक अभी तक बिटकॉइन की सुरक्षा को तोड़ने के लिये सक्षम नहीं है, लेकिन यह भविष्य में एक महत्वपूर्ण विषय बन सकता है।
कुल मिलाकर, बिटकॉइन समुदाय में क्वांटम कंप्यूटिंग को लेकर दो स्पष्ट धाराएँ दिखती हैं, एक जहां इसे भविष्य की चुनौती के रूप में देखा जाता है और दूसरी जहाँ इसे तकनीकी विकास का अवसर माना जाता है।
निष्कर्ष
माइकल सेलर का ताज़ा बयान बिटकॉइन के क्वांटम जोखिम पर बहस को एक नया आयाम देता है। उनके अनुसार, क्वांटम कंप्यूटिंग बिटकॉइन के अस्तित्व के लिए किसी ख़तरे से ज़्यादा इसे और सशक्त बनाएगा, बशर्ते नेटवर्क समय रहते कोड और सुरक्षा मानकों को अपडेट करे।
दूसरी ओर, विशेषज्ञ इस जोखिम को पूरी तरह नजरअंदाज नहीं करना चाहते और भविष्य की सुरक्षा तैयारियों की आवश्यकता पर ज़ोर देते हैं। अंततः, चाहे क्वांटम कंप्यूटिंग चिंता का विषय हो या अवसर, यह स्पष्ट है कि बिटकॉइन और व्यापक क्रिप्टो पारिस्थितिकी को तकनीकी प्रगति के साथ तालमेल रखने के लिये निरंतर विकसित होना होगा।
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