क्रिप्टोकरेंसी बाजार में रिपल की प्रमुख डिजिटल मुद्रा एक्सआरपी की कीमत हाल के दिनों में 2 डॉलर से नीचे गिर गई। इसके बुनियादी संकेतक जैसे स्पॉट ईटीएफ में सकारात्मक निवेश प्रवाह और नेटवर्क पर तेज़ लेन-देन गतिविधि कीमत को अपेक्षित सहारा देने में असफल रहे।
यह गिरावट स्पष्ट संकेत देती है कि केवल तकनीकी और संस्थागत संकेतकों के आधार पर ही निवेशकों का भरोसा कायम नहीं रखा जा सकता, बल्कि व्यापक बाजार धारणा इसकी दिशा तय करने में कहीं अधिक प्रभावशाली भूमिका निभा रही है।
नेटवर्क के बढ़ते उपयोग और सक्रियता
बीते सप्ताह के दौरान स्पॉट एक्सआरपी आधारित ईटीएफ में लगातार दैनिक पूंजी प्रवाह दर्ज किया गया, जो अब तक लगभग 1.28 अरब डॉलर तक पहुँच चुका है। इसके साथ ही, प्रबंधनाधीन कुल संपत्ति बढ़कर 1.52 अरब डॉलर से अधिक हो गई है। समानांतर रूप से, एक्सआरपी लेजर पर लेन-देन की संख्या भी पिछले छह महीनों के सर्वोच्च स्तर पर पहुँच गई है, जो नेटवर्क के बढ़ते उपयोग और सक्रियता का संकेत देती है।
इन मजबूत संकेतकों के बावजूद, एक्सआरपी की कीमत को 2 डॉलर के मनोवैज्ञानिक और तकनीकी समर्थन स्तर पर बनाए रखना कठिन सिद्ध हुआ। यह गिरावट व्यापक क्रिप्टोकरेंसी बाजार में आई तेज़ बिकवाली का हिस्सा रही, जिसमें बिटकॉइन और एथेरियम जैसी अग्रणी डिजिटल मुद्राओं की कीमतों में भी कमजोरी देखी गई। कई विश्लेषकों का मानना है कि इसके पीछे वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक अस्थिरता, विशेष रूप से संभावित व्यापार युद्ध जैसी आशंकाएँ, प्रमुख कारण रही हैं।
परिसमापन का दबाव
एक्सआरपी की कीमत पर जबरन पोज़ीशन बंद होने (परिसमापन) का दबाव भी उल्लेखनीय रहा। जैसे ही मूल्य 2.05 डॉलर के समर्थन स्तर से नीचे फिसला, बड़ी संख्या में खरीद आधारित पोज़ीशन स्वतः बंद हो गईं, जिससे परिसमापन की एक श्रृंखला बनी और गिरावट और गहरी हो गई। इस प्रकार का दबाव आमतौर पर तकनीकी स्तरों के टूटने और निवेशकों की भावनात्मक प्रतिक्रिया के संयुक्त प्रभाव से उत्पन्न होता है।
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तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, यदि एक्सआरपी 1.80 से 1.85 डॉलर के समर्थन क्षेत्र को भी गंवा देता है, तो कीमत में और गिरावट आ सकती है और यह 1.60 डॉलर या उससे नीचे तक पहुँच सकता है। यह स्तर बीते कई महीनों से एक मजबूत आधार के रूप में कार्य करता रहा है, और इसके टूटने से बाजार में नकारात्मक धारणा और तीव्र हो सकती है।
बड़े निवेशक पूरी तरह विमुख नहीं हुए हैं
हालाँकि, दूसरी ओर संस्थागत निवेशकों की निरंतर भागीदारी और ईटीएफ में जारी पूंजी प्रवाह यह संकेत देते हैं कि बड़े निवेशक एक्सआरपी से पूरी तरह विमुख नहीं हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ईटीएफ निवेश में बनी यह निरंतरता एक्सआरपी के दीर्घकालिक उपयोग-आधारित दृष्टिकोण में विश्वास को दर्शाती है, भले ही अल्पकालिक मूल्य प्रतिक्रिया नकारात्मक बनी हुई हो।
इसके बावजूद, कुछ आँकड़े यह भी दर्शाते हैं कि कीमत और वास्तविक उपयोग के बीच अंतर मौजूद है। कई विश्लेषणों में यह सामने आया है कि बड़े निवेशकों द्वारा बड़े पैमाने पर बिक्री और डिजिटल विनिमयों पर टोकनों का तेज प्रवाह अल्पकालिक आपूर्ति बढ़ा रहा है, जिससे कीमत पर अतिरिक्त दबाव बन रहा है।
बाजार विशेषज्ञों का निष्कर्ष है कि एक्सआरपी की मौजूदा कमजोरी केवल तकनीकी कारणों का परिणाम नहीं है, बल्कि यह निवेशक मनोभाव, वैश्विक आर्थिक संकेतकों और क्रिप्टो बाजार से जुड़े जोखिमों का संयुक्त प्रभाव है। कई निवेशक वर्तमान स्तरों पर मजबूत आधार बनने की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जबकि कुछ भविष्य में संभावित तेज वापसी की संभावना देख रहे हैं, बशर्ते बाजार धारणा में सुधार हो।
निष्कर्ष
एक्सआरपी का 2 डॉलर से नीचे आना यह स्पष्ट करता है कि केवल ईटीएफ निवेश या ऊँची नेटवर्क गतिविधि ही कीमत को सहारा देने के लिए पर्याप्त नहीं होती, यदि समग्र बाजार धारणा और जोखिम लेने की प्रवृत्ति नकारात्मक हो। दीर्घकालिक परिदृश्य में, यदि स्पॉट एक्सआरपी ईटीएफ में निवेश प्रवाह बना रहता है और प्रमुख तकनीकी समर्थन स्तर सुरक्षित रहते हैं, तो कीमत में सुधार संभव है। हालांकि अल्पकालिक अवधि में मजबूत समर्थन की रक्षा और प्रभावी जोखिम प्रबंधन निवेशकों के लिए निर्णायक कारक बने रहेंगे।
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