हिमालय की गोद में बसा शांत देश भूटान अब डिजिटल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार ने अपनी दीर्घकालिक तकनीकी रणनीति को आगे बढ़ाते हुए सेई ब्लॉकचेन नेटवर्क पर सत्यापन केंद्र (वेलिडेटर नोड) संचालित करने की घोषणा की है। यह व्यवस्था वर्ष 2026 की पहली तिमाही में लागू की जाएगी। माना जा रहा है कि यह पहल भूटान की डिजिटल परिवर्तन यात्रा में एक ऐतिहासिक पड़ाव साबित होगी।
इस परियोजना का संचालन भूटान के संप्रभु धन कोष द्रुक होल्डिंग एंड इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड करेगा। यह कार्य इसके इनो-टेक विभाग के माध्यम से किया जाएगा। परियोजना में सेई विकास प्रतिष्ठान (फाउंडेशन) भी सहयोगी के रूप में शामिल है, जिसका उद्देश्य भूटान की राष्ट्रीय तकनीकी क्षमताओं को ब्लॉकचेन के माध्यम से सशक्त बनाना है।
भूटान की डिजिटल रूपांतरण नीति को नई दिशा
सत्यापन केंद्र नेटवर्क की सुरक्षा बनाए रखने, लेन-देन को प्रमाणित करने और नेटवर्क से होने वाली आय प्रक्रिया में योगदान देगा। तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भूटान की डिजिटल रूपांतरण नीति को नई दिशा देगा और देश को वैश्विक ब्लॉकचेन नवाचार मानचित्र पर मज़बूत पहचान दिलाएगा।
इस पहल के ज़रिये भूटान न केवल अपने ब्लॉकचेन नेटवर्क को सुरक्षित बनाएगा, बल्कि नए वित्तीय साधनों के विकास और आँकड़ा मूल्यांकन के अवसर भी पैदा करेगा। द्रुक होल्डिंग एंड इन्वेस्टमेंट्स के नवाचार एवं प्रौद्योगिकी विभाग प्रमुख फ़ुन्त्शो नामगे के अनुसार, यह साझेदारी भूटान को वैश्विक स्तर पर ब्लॉकचेन नवाचार में मजबूती प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि इससे देश के डिजिटल ढांचे में नए अवसर खुलेंगे।
लाभकारी कदम
विशेषज्ञों के अनुसार, परिसंपत्तियों के टोकनीकरण की दिशा में उठाया गया यह कदम भूटान के लिए आर्थिक और सामाजिक दोनों ही स्तरों पर लाभकारी सिद्ध हो सकता है। इसका उद्देश्य केवल वित्तीय उत्पादों को डिजिटल स्वरूप देना नहीं है, बल्कि व्यक्तिगत पहचान, संपत्ति प्रबंधन और लेन-देन में पारदर्शिता को भी बढ़ाना है। इससे भूटान को डिजिटल संपत्ति बाज़ार में अग्रणी स्थान मिलने की संभावनाएँ प्रबल हुई हैं।
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भूटान पहले से ही ब्लॉकचेन तकनीक के प्रयोग में कई देशों से आगे रहा है। देश ने अपनी स्व-स्वामित्व आधारित डिजिटल पहचान प्रणाली को भी ब्लॉकचेन पर लागू किया है, जिसके माध्यम से लगभग आठ लाख नागरिक अपनी पहचान सुरक्षित डिजिटल रूप में संग्रहीत कर पा रहे हैं और सरकारी सेवाओं तक सीधी पहुँच बना रहे हैं। यह व्यवस्था वर्ष 2025 में लागू की गई थी और इसे वैश्विक स्तर पर एक अनूठी पहल माना गया।
हरित जलविद्युत ऊर्जा
इसके अलावा, भूटान ने ब्लॉकचेन और कूट-संपत्ति (क्रिप्टो संपत्ति) के क्षेत्र में भी ठोस कदम उठाए हैं। देश हरित जलविद्युत ऊर्जा के माध्यम से बिटकॉइन खनन कर रहा है और उसने बड़ा बिटकॉइन भंडार तैयार किया है। साथ ही, सरकार ने एथेर जैसी डिजिटल परिसंपत्तियों को दांव पर लगाकर विभिन्न नेटवर्कों पर सत्यापन गतिविधियों में भागीदारी की है, जिससे भूटान की वैश्विक तकनीकी स्थिति और सुदृढ़ हुई है।
विश्लेषकों का कहना है कि यह पहल केवल तकनीकी उन्नयन तक सीमित नहीं है, बल्कि भूटान की अर्थव्यवस्था, नवाचार क्षमता और वित्तीय आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है। सरकार का उद्देश्य नागरिकों को डिजिटल समावेशन से जोड़ते हुए वैश्विक तकनीकी व्यवस्था का सक्रिय सहभागी बनाना है।
निष्कर्ष
सेई ब्लॉकचेन नेटवर्क पर सत्यापन केंद्र शुरू करने का भूटान का निर्णय यह दर्शाता है कि छोटे देश भी दूरदर्शी नीति और तकनीकी समझ के बल पर वैश्विक डिजिटल क्रांति में अग्रणी भूमिका निभा सकते हैं। यह पहल भूटान की डिजिटल सशक्तता, तकनीकी ढांचे की मजबूती और भविष्य-केंद्रित आर्थिक विकास को नई दिशा देने वाली साबित हो सकती है।
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