Cointelegraph
Rajeev Ranjan Roy
लेखक: Rajeev Ranjan Royस्टाफ लेखक
Pratik Bhuyan
Pratik Bhuyan द्वारा समीक्षितस्टाफ संपादक

क्रिप्टोकरेंसी पर आयकर विभाग की कड़ी चेतावनी, जोखिमों के नाम पर मुख्यधारा में प्रवेश का विरोध

भारतीय आयकर विभाग ने वर्चुअल डिजिटल संपत्तियों, विशेषकर क्रिप्टोकरेंसी को लेकर गंभीर जोखिमों की ओर संकेत करते हुए उनके वित्तीय तंत्र में प्रवेश का विरोध किया है।

क्रिप्टोकरेंसी पर आयकर विभाग की कड़ी चेतावनी, जोखिमों के नाम पर मुख्यधारा में प्रवेश का विरोध
ताज़ा ख़बर

भारत में क्रिप्टोकरेंसी और अन्य वर्चुअल डिजिटल संपत्तियों (वीडीए) को लेकर नियामक सतर्कता और भी तेज हो गई है। केंद्रीय आयकर विभाग ने 8 जनवरी 2026 को आयोजित संसद के वित्त सम्बन्धी स्थायी समिति के सत्र में इन डिजिटल संपत्तियों से जुड़े जोखिमों को रेखांकित करते हुए कहा कि ये वित्तीय स्थिरता, टैक्स व्यवस्था तथा पारदर्शिता के लिए गंभीर चुनौतियाँ उत्पन्न कर सकती हैं।

टैक्स चोरी और धन शोधन

आयकर विभाग ने अपने प्रस्तुतीकरण में स्पष्ट किया कि क्रिप्टोकरेंसी जैसी संपत्तियों के लेन-देन में गोपनीयता, सीमा-रेखा रहित स्थानांतरण तथा अनियंत्रित प्लेटफॉर्मों के कारण टैक्स चोरी और धन शोधन जैसे खतरों की संभावना अधिक रहती है। विभाग ने कहा कि विदेशी एक्सचेंजों, निजी वॉलेट और विकेंद्रीकृत प्लेटफॉर्मों के उपयोग से कर योग्य आय का पता लगाना और टैक्स वसूली करना अत्यंत कठिन हो गया है।

वहीं भारतीय रिज़र्व बैंक पहले ही इस विषय पर सतर्कता जता चुका है। केंद्रीय बैंक का मानना है कि निजी क्रिप्टोकरेंसी वित्तीय प्रणाली में स्थिरता को खतरे में डाल सकती है क्योंकि इनका कोई वास्तविक समर्थन नहीं होता और इनका उपयोग अवैध उद्देश्यों के लिए भी किया जा सकता है। परिणामस्वरूप, दोनों प्रमुख सरकारी संस्थाएँ वी️डीए के मुख्यधारा में शामिल होने के खिलाफ एकजुट हैं।

आयकर विभाग ने यह भी बताया कि कई वी️डीए लेन-देन अब पारंपरिक वित्तीय मध्यस्थों के बिना होते हैं, जिससे कर अधिकारियों के लिए कर योग्य लेनदेन का पता लगाना और सम्बंधित करों की वसूली करना अत्यधिक जटिल हो गया है। ऐसे में विभाग ने पारदर्शिता बढ़ाने और अनुचित उपयोग को रोकने के उद्देश्य से चेतावनी जारी की है।

क्या आप जानते हैं: सोने के बहुवर्षीय तेजी रुझान से प्रेरित XRP, नए उच्च स्तर की ओर संकेत

क्रिप्टो कराधान प्रणाली

भारत में 2022 से वर्चुअल डिजिटल संपत्तियों पर कराधान के नियम लागू हैं। इसके अंतर्गत क्रिप्टो से हुई आय पर 30 प्रतिशत की कर दर लागू होती है और लेन-देन पर एक प्रतिशत स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) भी लगाया जाता है।

इन नियमों का उद्देश्य टैक्स का सही अनुपालन सुनिश्चित करना है, लेकिन विभाग का कहना है कि कई मामलों में आयकारदाताओं ने अपनी क्रिप्टो आय को सही ढंग से आयकर रिटर्न में नहीं दर्शाया है, जिससे टैक्स का नुकसान हुआ है।

आयकर विभाग इस विषय पर डेटा विश्लेषण का सहारा भी ले रहा है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल उपकरणों के माध्यम से क्रिप्टो लेन-देन की जांच कर कर चोरी तथा सूचना के असंगत मामलों को चिन्हित किया जा रहा है। इससे पिछले कुछ वर्षों में अधिकारियों को अरबों रुपये की टैक्स वसूली में मदद मिली है।

अन्य जोखिम और दुरुपयोग

क्रिप्टो संपत्तियाँ सीमापार स्थानांतरित हो सकती हैं और अक्सर विदेशी एक्सचेंजों पर व्यापार होती हैं, जिनके बारे में भारतीय अधिकारियों को पूरी जानकारी नहीं मिलती। ऐसे लेन-देन धन शोधन, आतंकवाद वित्तपोषण और टैक्स चोरी के संभावित मार्ग बन सकते हैं।

इससे निपटने के लिए भारत ने कुछ प्रमुख क्रिप्टो एक्सचेंजों को वित्तीय खुफिया इकाई (एफआईयू-आईएनडी) के तहत पंजीकरण करवाने की दिशा में भी कदम उठाए हैं, ताकि मनी लॉन्ड्रिंग और अन्य अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण पाया जा सके।

इस बीच, विभाग ने नागरिकों और निवेशकों से अपील की है कि वे अपनी वी️डीए से सम्बंधित आय को सही तरीके से घोषित करें तथा टैक्स नियमों का पालन करें, अन्यथा कड़ी कार्रवाई हो सकती है। सरकारी तंत्र का मानना है कि डिजिटल संपत्तियों का सही प्रबंधन और निगरानी सुनिश्चित करने के लिये स्पष्ट नीति निर्माण और तकनीकी उन्नयन आवश्यक है।

निष्कर्ष

क्रिप्टोकरेंसी तथा अन्य वर्चुअल डिजिटल संपत्तियों को लेकर भारत की नीति अब और अधिक सतर्क और नियंत्रण मुखी होती जा रही है। आयकर विभाग एवं रिज़र्व बैंक दोनों ने इन संपत्तियों के वित्तीय तंत्र में शामिल होने के खिलाफ अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है, ताकि कर अनुपालन, वित्तीय सुरक्षा और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। निरंतर डेटा विश्लेषण और तकनीकी सहारे के साथ सरकार का उद्देश्य डिजिटल संपत्ति क्षेत्र को पारदर्शी, नियंत्रित और जोखिम मुक्त बनाना है।

ऐसी ही और ख़बरों और क्रिप्टो विश्लेषण के लिए हमें X पर फ़ॉलो करें, ताकि कोई भी अपडेट आपसे न छूटे!

Cointelegraph स्वतंत्र और पारदर्शी पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्ध है। यह समाचार लेख Cointelegraph की संपादकीय नीति के अनुरूप तैयार किया गया है और इसका उद्देश्य सटीक तथा समय पर जानकारी प्रदान करना है। पाठकों को जानकारी की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। हमारी संपादकीय नीति पढ़ें https://in.cointelegraph.com/editorial-policy