क्या है मलेशिया का नया डिजिटल सैंडबॉक्स?
मलेशिया के केंद्रीय बैंक Negara Malaysia ने डिजिटल वित्तीय नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष परीक्षण ढांचा शुरू किया है। इस पहल के तहत रिंग्गिट (ringgit) आधारित स्थिर डिजिटल मुद्रा, बैंक जमा के डिजिटल रूपांतरण और वास्तविक परिसंपत्तियों के टोकनाइजेशन का परीक्षण किया जाएगा।
यह कार्यक्रम बैंक के डिजिटल परिसंपत्ति नवाचार केंद्र के अंतर्गत संचालित होगा और नियंत्रित वातावरण में सीमित संस्थागत भागीदारी के साथ लागू किया जाएगा।
किन परियोजनाओं को मिली मंजूरी?
केंद्रीय बैंक ने बताया कि लगभग 30 से 35 प्रस्तावों में से चुनिंदा परियोजनाओं को सैंडबॉक्स में शामिल किया गया है। मुख्य परियोजनाएं हैं:
रिंग्गिट समर्थित स्टेबलकॉइन जारी करना
बैंक डिपॉजिट का डिजिटल स्वरूप
रियल-वर्ल्ड एसेट टोकनाइजेशन
इनका उद्देश्य भुगतान प्रणाली, सीमा-पार लेनदेन और संस्थागत निपटान को अधिक तेज, पारदर्शी और कम लागत वाला बनाना है।
खुदरा ग्राहकों के लिए नहीं, संस्थागत उपयोग पर फोकस
केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया है कि यह प्रयोग फिलहाल आम खुदरा उपयोगकर्ताओं के लिए नहीं है। इसमें देश के प्रमुख बैंक और वित्तीय संस्थान भाग ले रहे हैं, जो थोक स्तर पर डिजिटल भुगतान समाधान विकसित करेंगे।
यह कदम मलेशिया की वित्तीय प्रणाली को प्रतिस्पर्धी और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की दिशा में उठाया गया है।
सीमा-पार भुगतान और व्यापार पर संभावित असर
विशेषज्ञों के अनुसार, रिंग्गिट आधारित स्टेबलकॉइन से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और सीमा-पार भुगतान में महत्वपूर्ण सुधार हो सकता है।
संभावित लाभ:
भुगतान निपटान में समय की कमी
लेनदेन लागत में कमी
24x7 डिजिटल सेटलमेंट
आपूर्ति श्रृंखला वित्त में पारदर्शिता
इससे निर्यातकों, आयातकों और संस्थागत निवेशकों को लाभ मिल सकता है।
शरिया अनुपालन और जोखिम मूल्यांकन
मलेशिया में इस्लामी वित्त प्रणाली का महत्वपूर्ण स्थान है। इसलिए डिजिटल परियोजनाओं में शरिया सिद्धांतों के अनुरूपता की भी जांच की जाएगी।
परीक्षण अवधि के दौरान निम्न पहलुओं का मूल्यांकन होगा:
जोखिम प्रबंधन
साइबर सुरक्षा
डेटा संरक्षण
वित्तीय स्थिरता
विधिक अनुपालन
यदि परिणाम संतोषजनक रहे, तो इन मॉडलों को व्यापक स्तर पर लागू किया जा सकता है।
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वैश्विक संदर्भ में मलेशिया की स्थिति
वैश्विक स्तर पर देखें तो कई देश डिजिटल मुद्राओं और परिसंपत्ति रूपांतरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। एशिया और मध्य पूर्व के कुछ देशों ने पहले ही सीमित स्तर पर स्थिर डिजिटल मुद्रा के प्रयोग शुरू कर दिए हैं। ऐसे में मलेशिया की यह पहल उसे क्षेत्रीय वित्तीय नवाचार केंद्र के रूप में स्थापित कर सकती है।
आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि डिजिटल परिसंपत्तियों का उपयोग आपूर्ति श्रृंखला वित्त, व्यापारिक ऋण और कार्यक्रम आधारित भुगतान जैसी व्यवस्थाओं में भी किया जा सकता है। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और धोखाधड़ी की आशंका कम होगी। साथ ही, लागत में कमी आने से वित्तीय सेवाओं की पहुंच भी व्यापक हो सकती है।
हालांकि, इसके साथ जोखिम भी जुड़े हैं। साइबर सुरक्षा, डेटा संरक्षण और प्रणालीगत जोखिम जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान देना होगा। केंद्रीय बैंक ने आश्वस्त किया है कि परीक्षण ढांचा पूरी तरह नियंत्रित वातावरण में संचालित होगा और प्रत्येक चरण की निगरानी की जाएगी।
निष्कर्ष
मलेशिया के केंद्रीय बैंक द्वारा शुरू किया गया स्टेबलकॉइन और टोकनाइजेशन सैंडबॉक्स डिजिटल वित्तीय परिवर्तन की दिशा में एक रणनीतिक कदम है। यदि परीक्षण सफल रहता है, तो रिंग्गिट आधारित डिजिटल समाधान देश की भुगतान प्रणाली को अधिक कुशल और प्रतिस्पर्धी बना सकते हैं।
यह पहल मलेशिया को उभरती वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था में मजबूत स्थान दिलाने की क्षमता रखती है।
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