2026 के शुरुआती महीनों में क्रिप्टोकरेंसी जगत से जुड़े साइबर अपराध पर एक कड़ी कार्रवाई सामने आई है। अमेरिका की केंद्रीय जिला अदालत ने डेरन ली नामक आरोपी को अंतरराष्ट्रीय ‘Pig Butchering’ धोखाधड़ी प्रकरण में दोषी मानते हुए 20 वर्षों की जेल की सज़ा सुनाई है। यह सजा उस सर्वोच्च सीमा के अनुसार है जो फेडरल कानून के तहत संभव थी। अदालत ने इसके साथ ही तीन वर्ष की निगरानी की अवधि भी निर्धारित की है।
“Pig Butchering” (पिग बुचरिंग)
“पिग बुचरिंग” नामक यह धोखाधड़ी स्कीम निवेशकों को आकर्षक रिटर्न का लालच देकर सोशल मीडिया, डेटिंग एप और नकली क्रिप्टो ट्रेडिंग वेबसाइटों तक ले जाती है। इस प्रक्रियात्मक धोखे में आरोपी पहले संभावित पीड़ित से भरोसा स्थापित करते हैं और बाद में नकली निवेश मंचों पर वास्तविक धन स्थानांतरित कराने में सफल रहते हैं।
अमेरिकी न्याय विभाग की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, ली और उसके आठ से अधिक सहकर्मियों ने मिलकर इस योजनात्मक धोखाधड़ी के जरिये लगभग $73.6 मिलियन (करीब ₹600 करोड़ से अधिक) से अधिक धनराशि को धोखाधड़ी से इकट्ठा किया और उसे कई देशों के बैंक खातों तथा नकली कंपनियों के माध्यम से क्रिप्टोकरेंसी में बदल दिया।
अदालत के दस्तावेज़ों में यह भी उल्लेख है कि डेरन ली दिसंबर 2025 में अपने इलेक्ट्रॉनिक ट्रैकिंग डिवाइस को काटकर भाग गया था, लेकिन उसके अनुपस्थित होने के बावजूद अदालत ने उसे दोषी करार देते हुए सज़ा सुनाई। इस कदम को अमेरिकी न्याय विभाग ने गंभीर वित्तीय अपराधों के प्रति “सख़्त संदेश” के रूप में बताया है।
धोखाधड़ी के नुकसान
विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार की धोखाधड़ी न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचाती है, बल्कि निवेशकों में डिजिटल वित्तीय सेवाओं के प्रति विश्वास को भी चोट पहुँचाती है। उद्योग विश्लेषण यह दर्शाते हैं कि इस तरह के Pig Butchering स्कैम की घटनाएं बढ़ रही हैं और 2026 की शुरुआत में फ़िशिंग तथा सामाजिक इंजीनियरिंग के ज़रिये चोरी की गयी रकम $370 मिलियन तक पहुँच चुकी है, जो पिछले 11 महीनों की उच्चतम संख्या है।
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इस प्रकार की धोखाधड़ी को रोकने के लिए तकनीकी कंपनियों, साइबर सुरक्षा एजेंसियों तथा वित्तीय संस्थाओं के बीच सहयोग अत्यंत आवश्यक है। “Pig Butchering” जैसे जालों में निवेशक आमतौर पर व्यक्तिगत और वित्तीय विश्वास बना कर फँसे जाते हैं, जिसका अर्थ है कि केवल तकनीकी सहयोग ही नहीं बल्कि व्यापक शिक्षा और चेतावनी भी ज़रूरी है ताकि लोग शुरुआती संकेतों को पहचान सकें।
क्रिप्टो से जुड़ी धोखाधड़ी के मामलों में वृद्धि
वैश्विक दृष्टिकोण से देखें तो कई देशों में क्रिप्टो से जुड़ी धोखाधड़ी के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है। उदाहरण के लिए हाल ही में भारत में प्रवर्तन निदेशालय ने एक क्रिप्टो धोखाधड़ी मामले में ₹2170 करोड़ से अधिक की संपत्ति को जब्त किया है और आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई तेज की है, जो यह दर्शाता है कि धोखाधड़ी के स्वरूप वैश्विक हैं और कई देशों प्रभावित हैं।
यह मामला यह भी स्पष्ट करता है कि डिजिटल वित्तीय सेवाओं का दुरुपयोग न केवल व्यक्तिगत निवेशकों के लिए खतरनाक है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संगठित अपराध का हिस्सा भी बन सकता है। इसीलिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों को मिलकर ऐसे अपराधों को रोकने के लिए कड़े कानून, व्यापक जांच और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देना आवश्यक है।
निष्कर्ष
डेरन ली को सुनाई गयी 20 वर्ष की सज़ा Pig Butchering जैसी जटिल क्रिप्टो धोखाधड़ी के खिलाफ एक निर्णायक कानूनी कार्रवाई है। यह निवेशकों को जागरूक करने, साइबर अपराधियों को सजा देने और वैश्विक वित्तीय पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके बावजूद, लगातार विकसित हो रहे तकनीकी धोखों से निपटने के लिए निरंतर शिक्षा, सतर्कता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की जरूरत रहेगी।
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