क्रिप्टो करेंसी जगत में वैश्विक सुर्खियों का विषय बने एफटीएक्स (FTX) के संस्थापक सैम बैंकमैन-फ्राइड ने एक बार फिर विवादित बयान जारी किया है। फेडरल जेल से एक्स पर उन्होंने दावा किया कि उनकी कंपनी एफटीएक्स कभी भी दिवालिया नहीं हुई और न ही उन्होंने स्वयं दिवालियापन के लिए आवेदन किया था। उनके अनुसार इस दिशा में किये गए कदम उनके वकीलों द्वारा जबरन उठाये गये थे ताकि वे कंपनी के नियंत्रण को अपने हाथ में लेकर उससे आर्थिक लाभ उठा सकें।
ग्राहक निधियों में कोई कमी नहीं थी
सैम बैंकमैन-फ्राइड के इस दावे के मुख्य बिंदु यह है कि उन्होंने जनवरी 2023 के एक शपथ पत्र को उद्धृत करते हुए कहा कि एफटीएक्स.यूएस (FTX.US) को दिवालियापन दाखिल नहीं करना चाहिए था क्योंकि तकनीकी टीम ने वॉलेट्स की जांच में पाया कि ग्राहक निधियों में कोई कमी नहीं थी।
उनका कहना है कि कंपनी को जीवित रखा जा सकता था और इसे बेचकर शेयरधारकों को भुगतान किया जा सकता था, परंतु वकीलों ने कहा कि दिवालियापन दाखिल करना आवश्यक है क्योंकि इससे उन्हें रिटेनर फीस मिल सकेगी।
उनके ताजा बयानों के अनुसार, वकील और सलाहकारों ने चालाकी से एफटीएक्स के नियंत्रण को अपने हाथ में ले लिया और चार घंटे के भीतर दिवालियापन का नकली आवेदन दाखिल कर दिया। इस कदम के कारण, बैंकमैन-फ्राइड का दावा है कि, कंपनी के कई मूल्यवान संपत्ति और क्रिप्टो होल्डिंग्स को बाजार मूल्य से बहुत कम पर बेच दिया गया, जिससे ग्राहकों और निवेशकों को भारी नुकसान हुआ।
दिवालियापन प्रक्रिया के शुल्क
इन दावों में एक और अहम बात यह है कि सैम बैंकमैन-फ्राइड का कहना है कि दिवालियापन प्रक्रिया के दौरान लगभग एक अरब डॉलर से अधिक कानूनी और सलाहकार शुल्क खर्च हो गये।
लगभग सात अरब डॉलर के एफटीटी टोकन (जो एफटीएक्स का अपना टोकन था) को भी बाजार मूल्य से कम पर निपटाया गया, जबकि यदि इन संपत्तियों को संभाला गया होता तो आज उनका मूल्य कई गुना अधिक होता।
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बैंकमैन-फ्राइड हाल में सात संघीय धोखाधड़ी आरोपों में दोषी पाए गये हैं और उन्हें करीब पच्चीस वर्ष की कैद की सज़ा सुनाई गयी है, जो एफटीएक्स के गिरावट और ग्राहकों के करीब आठ अरब डॉलर के नुकसान से जुड़ी थी।
दावों पर सवाल भी उठ रहे हैं
उनके इन दावों पर सवाल भी उठ रहे हैं। अमेरिका की न्याय व्यवस्था और एफटीएक्स दिवालियापन प्रबंधन से जुड़े दस्तावेज़ों के अनुसार, कंपनी ने वास्तविक रूप से गंभीर वित्तीय कठिनाइयों का सामना किया था और उसके ग्राहकों के फंड की भारी गिरावट के कारण दिवालियापन जरूरी हो गया था।
इसके अलावा, अल्मेडा रिसर्च नामक सहायक संस्था के साथ वित्तीय गड़बड़ियों ने भी स्थिति को और खराब किया था। इन तथ्यों का हवाला न्यायालयों और जांच एजेंसियों ने अपने तर्कों में दिया है।
इसके बावजूद, बैंकमैन-फ्राइड का सोशल मीडिया पर प्रभाव बना हुआ है और उनके पोस्ट क्रिप्टो बाजार में अस्थिरता और चर्चा का विषय बन गये हैं। उनके समर्थक मानते हैं कि यह मामला कानूनी राजनीति है, जबकि आलोचक इसे अपने दायित्वों और जवाबदेही से पलायन करने का प्रयास कहते हैं।
निष्कर्ष
सैम बैंकमैन-फ्राइड के दिवालियापन से जुड़े दावे ने एफटीएक्स की गिरावट से जुड़े विवादों को फिर से उभारा है। उनके अनुसार कंपनी की वास्तविक वित्तीय स्थिति को गलत तरीके से पेश किया गया और वकीलों ने अपने स्वार्थ में गलत कदम उठाये। हालांकि वास्तविक कानूनी दस्तावेज और न्यायालय के फैसले इस दावे से भिन्न परिदृश्य दर्शाते हैं, फिर भी यह मामला क्रिप्टो उद्योग में विश्वास, जवाबदेही और नियमन के प्रश्नों को फिर से सामने लाता है।
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