राजधानी दिल्ली में क्रिप्टो मुद्रा निवेश के नाम पर बढ़ते अपराधों के बीच पुलिस ने एक बड़े ठगी और लूट गिरोह का खुलासा किया है। उत्तर-पश्चिम दिल्ली के सुभाष प्लेस क्षेत्र में एक व्यक्ति को डिजिटल मुद्रा बेचने का झांसा देकर नकदी लूटने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अनीश खान, सऊद आलम, मोहम्मद हारून और अब्दुल कादिर के रूप में हुई है। ये आरोपी सामाजिक माध्यमों पर नकली विज्ञापन डालकर लोगों को सस्ती दर पर क्रिप्टो मुद्रा उपलब्ध कराने का दावा करते थे। इसी जाल में फंसकर 53 वर्षीय पीड़ित व्यक्ति आरोपियों के संपर्क में आया।
नकली पुलिसकर्मी
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पीड़ित को तय स्थान पर बुलाया और आश्वासन दिया कि नकद राशि मिलते ही उसके खाते में डिजिटल मुद्रा स्थानांतरित कर दी जाएगी। जैसे ही पीड़ित ने नकदी सौंपी, उसी समय दो अन्य साथी खाकी वर्दी पहनकर मोटरसाइकिल से पहुंचे और स्वयं को पुलिसकर्मी बताते हुए कार्रवाई का नाटक करने लगे।
नकली पुलिसकर्मियों ने यह कहकर भय पैदा किया कि अवैध लेन-देन हो रहा है और नकदी जब्त की जा रही है। इसके बाद आरोपी कथित रूप से एक व्यक्ति को हिरासत में लेने का नाटक करते हुए पूरी रकम लेकर मौके से फरार हो गए।
विशेष टीम का गठन
घटना की शिकायत 24 फरवरी को दर्ज कराई गई, जिसके बाद अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। क्षेत्र के निगरानी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद पुलिस ने सबसे पहले मुख्य आरोपी अनीश खान को दबोचा। बाद में अन्य तीन आरोपियों को नेताजी सुभाष प्लेस इलाके से गिरफ्तार किया गया, जहां वे कथित रूप से अगली वारदात की योजना बना रहे थे।
क्या आप जानते हैं: भारत में परिपक्व हो रहा आभासी डिजिटल परिसंपत्ति बाजार
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पंद्रह हजार रुपये नकद तथा अपराध में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिल भी बरामद की हैं। पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गिरोह अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय था और इसके कुछ सदस्य मुंबई तथा दिल्ली में अभी भी फरार हैं।
डिजिटल निवेश और क्रिप्टो मुद्रा से जुड़े अपराध
विशेषज्ञों के अनुसार हाल के महीनों में डिजिटल निवेश और क्रिप्टो मुद्रा से जुड़े अपराध तेजी से बढ़े हैं। अपराधी सामाजिक माध्यमों, संदेश मंचों और नकली निवेश समूहों के जरिए लोगों को आकर्षक लाभ का लालच देते हैं। कई मामलों में नकली पहचान, पुलिस या सरकारी अधिकारी बनकर डर पैदा करना भी अपराधियों की नई रणनीति बन गई है।
दिल्ली पुलिस ने नागरिकों को चेतावनी दी है कि किसी भी प्रकार की डिजिटल मुद्रा खरीद-फरोख्त केवल प्रमाणित मंचों के माध्यम से ही करें और नकद लेन-देन से बचें। अनजान व्यक्तियों से प्रत्यक्ष मुलाकात कर निवेश करना गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और ऐसे गिरोहों की पहचान के लिए तकनीकी निगरानी को और मजबूत किया जा रहा है।
निष्कर्ष
क्रिप्टो निवेश के बढ़ते चलन के साथ अपराधियों ने ठगी के नए तरीके अपनाए हैं। यह मामला स्पष्ट संकेत देता है कि लालच और जल्द लाभ की मानसिकता लोगों को जोखिम में डाल सकती है। सतर्कता, सत्यापन और डिजिटल जागरूकता ही ऐसे अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।
ऐसी ही और ख़बरों और क्रिप्टो विश्लेषण के लिए हमें X और LinkedIn पर फ़ॉलो करें, ताकि कोई भी अपडेट आपसे न छूटे!
