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Dilip Kumar Patairya
लेखक: Dilip Kumar Patairyaस्टाफ लेखक
Rahul Nambiampurath
Rahul Nambiampurath द्वारा समीक्षितस्टाफ संपादक

रूसी नागरिक ने टीथर (Tether) के जरिए $530 मिलियन की क्रिप्टो मनी लॉन्ड्रिंग को दिया अंजाम : अमेरिकी जांच एजेंसीयां

Iurii Gugnin पर आरोप है कि उसने फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर प्रतिबंधों को चकमा दिया और रूसी ग्राहकों के लिए 530 मिलियन डॉलर की मनी लॉन्ड्रिंग की। इस प्रक्रिया में उसने अमेरिकी बैंकों को भी धोखा दिया।

रूसी नागरिक ने टीथर  (Tether) के जरिए $530 मिलियन की  क्रिप्टो मनी लॉन्ड्रिंग को दिया अंजाम : अमेरिकी जांच एजेंसीयां
कैसे करें

मुख्य बातें

  • Iurii Gugnin पर आरोप है कि उसने अपनी क्रिप्टो फर्म का इस्तेमाल कर अमेरिकी बैंकों और क्रिप्टो एक्सचेंजों के ज़रिए Tether (USDT) के माध्यम से 530 मिलियन डॉलर स्थानांतरित किए, जिससे प्रतिबंधित रूसी बैंकों से जुड़े ग्राहकों को भुगतान में मदद मिली।

  • Gugnin ने कथित तौर पर मनी लॉन्ड्रिंग रोधी (AML) नियमों का पालन नहीं किया और संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्ट (SARs) दाखिल नहीं की, जिससे उसने बैंक सीक्रेसी एक्ट का उल्लंघन किया और वित्तीय संस्थानों को गुमराह किया।

  • उसने कथित रूप से ऐसे वेबसाइटों का भी उपयोग किया, जो आपराधिक जांच के संकेतों और कानून प्रवर्तन की निगरानी का पता लगाने के तरीकों की जानकारी देती हैं।

  • Gugnin पर 22 आपराधिक आरोप लगे हैं, जिनमें वायर फ्रॉड, बैंक फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग शामिल हैं। प्रत्येक आरोप में उसे अधिकतम 30 साल की सज़ा हो सकती है।

अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) ने रूसी नागरिक इयूरी गुगनिन (Iurii Gugnin) पर $530 मिलियन (करीब ₹4,400 करोड़) की मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाया है। न्यूयॉर्क में रहने वाले गुगनिन पर 22 आपराधिक मामलों में केस दर्ज किया गया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपनी क्रिप्टो कंपनियों एविटा इंवेस्टमेंट्स   (Evita Investments) और एविटा पे (Evita Pay) के जरिए अमेरिकी प्रतिबंधों को तोड़ते हुए प्रतिबंधित रूसी संस्थाओं के लिए लेनदेन किए।

Tether और बैंकों का इस्तेमाल कर बनाई मनी लॉन्ड्रिंग की चेन

DOJ के मुताबिक, गुगनिन ने स्थिर कॉइन Tether (USDT) और अमेरिकी बैंकों का उपयोग कर एक वित्तीय नेटवर्क तैयार किया। इसके जरिए उन्होंने रूसी बैंकों जैसे सबेरबैंक  (Sberbank), वीटीबी (VTB) और सोवकॉमबैंक   (Sovcombank) से जुड़े ग्राहकों के लिए फंड्स छुपा कर ट्रांसफर किए।

गुगनिन ने बैंकों और क्रिप्टो एक्सचेंजों को गुमराह करने के लिए झूठे दस्तावेज और फर्जी कंप्लायंस रिपोर्ट दीं। उन्होंने कंपनियों को इस तरह पेश किया जैसे कि वे एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग (AML) नियमों का पालन कर रही हैं, जबकि असल में उन्होंने किसी भी संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्ट (SARs) दाखिल नहीं की।

अवैध गतिविधियों की जानकारी और डिजिटल सबूत

जांचकर्ताओं ने पाया कि गुगनिन को अपने अवैध कार्यों का पता था। उन्होंने इंटरनेट पर “क्या मेरे खिलाफ जांच चल रही है?”, “मनी लॉन्ड्रिंग की सजा अमेरिका में” जैसे शब्द सर्च किए। उन्होंने अपनी और अपनी कंपनी की आपराधिक पृष्ठभूमि से जुड़ी जानकारी भी ऑनलाइन खोजी, जिससे साफ है कि वह कानून से बचने की कोशिश कर रहे थे।

कानूनी कार्रवाई और संभावित सजा

गुगनिन पर वायर फ्रॉड, बैंक फ्रॉड, मनी लॉन्ड्रिंग और अमेरिकी प्रतिबंधों को तोड़ने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। अगर दोषी साबित हुए, तो उन्हें प्रत्येक बैंक फ्रॉड केस में 30 साल तक और वायर फ्रॉड में 20 साल तक की सजा हो सकती है।

वह फिलहाल न्यूयॉर्क में हिरासत में हैं और उन पर देश छोढ़  कर भागने के खतरे की वजह से  जमानत नहीं दी गई है।

क्रिप्टो रेगुलेशन पर व्यापक असर

यह मामला दिखाता है कि कैसे क्रिप्टोकरेंसी और विशेषकर Tether जैसे स्टेबलकॉइंस का उपयोग प्रतिबंधित संस्थाएं अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को चकमा देने के लिए कर रही हैं। इसके चलते अमेरिकी एजेंसियां क्रिप्टो एक्सचेंजों और मनी ट्रांसमिटर्स पर एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग(AML) और प्रतिबंध नियमों के सख्त पालन के लिए दबाव बढ़ा सकती हैं।

गुगनिन के मामले ने यह भी उजागर किया है कि डिजिटल फाइनेंस के ज़रिए विदेशी विरोधी ताकतें अमेरिकी सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकती हैं।

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