Cointelegraph
Rajeev Ranjan Roy
लेखक: Rajeev Ranjan Royस्टाफ लेखक
Pratik Bhuyan
Pratik Bhuyan द्वारा समीक्षितस्टाफ संपादक

भारत की नई Crypto क्रांति: इंदौर और सूरत क्यों बन रहे हैं Web3 अर्थव्यवस्था के नए केन्द्र

छोटे शहर, बड़ी तेज़ी जहाँ प्रतिभा, लागत और स्थानीय उद्योग मिलकर वेब3 के लिए एक नया मंच तैयार कर रहे हैं।

भारत की नई Crypto क्रांति: इंदौर और सूरत क्यों बन रहे हैं Web3 अर्थव्यवस्था के नए केन्द्र
राय

इंदौर और सूरत में हाल के वर्षों में क्रिप्टो और ब्लॉकचेन गतिविधि का बढ़ना सिर्फ एक मीडिया हाइप नहीं है, यह जमीन पर बन रही इकोसिस्टम की वास्तविकता है। मेट्रो सिटीज़ से बाहर निवेश, डेवलपर कम्युनिटी, लोकल स्टार्टअप्स और तेज़ डिजिटल–साक्षरता ने इन टियर-2 शहरों को वेब3 के छोटे-मोटे हब से लेकर अगले वेव के संभावित केन्द्र में बदल दिया है। इन बदलावों को समझने के लिए हमें तीन बड़ी धाराओं पर ध्यान देना होगा: लोकल टेक-टैलेंट और इवेंट कल्चर, स्टार्टअप और सर्विस-प्रोवाइडर की उपस्थिती, तथा स्थानीय व्यवसायों की डिजिटल-अपनत्व क्षमता।

पहला कारण कम लागत पर तकनीकी प्रतिभा और मीटअप संस्कृति है। इंदौर में नियमित रूप से वेब3 और ब्लॉकचेन मीटअप, हैकथॉन और बिल्डर-इवेंट हो रहे हैं जिनसे स्थानीय डेवलपर्स, छात्रों और फ्रीलांसरों को नेटवर्किंग और प्रोजेक्ट-बिल्डिंग के मौके मिल रहे हैं। यही जमीनी स्तर पर जुड़ाव भविष्य के प्रोडक्ट और टीम्स का इनक्यूबेटर बन रहा है। ऐसे ऑफ़लाइन इवेंट युवा टैलेंट को मेट्रो-केंद्रों पर निर्भरता कम करने का आत्मविश्वास दे रहे हैं।

दूसरा कारण, स्टार्टअप एवं सेवा प्रदाताओं की बढ़ती संख्या। ट्रैक्‍सन और अन्य लिस्टिंग्स दिखाती हैं कि सूरत और इंदौर दोनों में ब्लॉकचेन-फोकस्ड कंपनियाँ और डेवलपमेंट हाउस तेज़ी से बढ़ रहे हैं;  ये कंपनियाँ स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट, NFT-प्लैटफॉर्म और B2B ब्लॉकचेन सॉल्यूशंस दे रही हैं, जो स्थानीय उद्योगों, जैसे सूरत के डायमंड और टेक्सटाइल सेक्टर; को डिजिटलाइजेशन के नए रास्ते दे रहे हैं। इस तरह का स्थानीय अनुकूलन इन शहरों को सिर्फ उत्पाद निर्माताओं से लेकर वास्तविक व्यापार परिवर्तन के केन्द्र में ला रहा है।

क्या आप जानते हैं - RBI की टोकनाइजेशन पहल: भारत में क्रिप्टो का भविष्य कैसे बदल सकती है

तीसरा खास पहलू ;  उपभोक्ता-रोडमैप और सीखने की ललक। टियर-2 शहरी आबादी, खासकर 18–35 आयु वर्ग, डिजिटल फाइनेंस और निवेश के प्रति उत्सुक है; जानकारी की पहुँच और मोबाइल-फर्स्ट व्यवहार ने क्रिप्टो सीखने और प्रयोग करने की प्रवृत्ति बढ़ाई है। रिपोर्ट्स और स्थानीय सर्वे बताते हैं कि युवा, फ्रीलांसर और छोटे उद्योग मालिक क्रिप्टो को नई आमदनी/वितरण और फाइनेंशियल एक्सपोज़र के साधन के रूप में देख रहे हैं। यही डिमांड लोकल सर्विस-प्रोवाइडर्स और एजुकेशन-प्रोग्राम्स को जन्म देती है।

भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों में बढ़ती क्रिप्टो अपनाने की प्रवृत्ति पर बात करते हुए, Bybit इंडिया के कंट्री मैनेजर विकास गुप्ता ने कहा:

टियर-2 शहर भारत की तरक्की की असली ताकत हैं। हमारी योजना है कि हम स्थानीय स्तर पर काम करें — इलाके के पार्टनर्स के साथ जुड़ें, लोगों के लिए सीखने वाले वर्कशॉप करें और क्रिप्टो इंफ्लुएंसर्स व कम्युनिटी इवेंट्स के ज़रिए जागरूकता बढ़ाएँ।

इसके साथ-साथ, चुनौतियाँ भी सापेक्ष रूप से अलग हैं। सूरत जैसे औद्योगिक शहरों में तेज़ डिजिटलीकरण के चलते साइबर-जोखिम और मालवेयर हमलों की घटनाएँ बढ़ रही हैं;  इससे लोकल बी2बी और पर्सनल-वॉलेट सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। टेक-रेडिनेस और साइबर-हाइजीन में निवेश के बिना वेब3 विकास जोखिम में पड़ सकता है। इसलिए, सुरक्षा-इन्फ्रास्ट्रक्चर और लोकल सर्टिफिकेशन-प्रोग्राम इस विकास को टिकाऊ बनाएंगे।

निवेश के परिदृश्य में भी दिलचस्प बदलाव हैं: बड़े एक्सचेंज और फण्ड्स अब भारत-फोकस्ड रणनीतियों के साथ स्थानीय मार्केट में रुचि दिखा रहे हैं, जिससे स्थानीय स्टार्टअप्स और प्रतिभाओं तक पूँजी पहुँचने के रास्ते खुल रहे हैं। वहीं, प्री-सीड और एंजेल-लेवल फंडिंग में टियर-2 शहरों का हिस्सा बढ़ रहा है। इसका मतलब है कि शुरुआती-बदलाव इन शहरों को आत्मनिर्भर बनाने लगा है।

अंतत, क्यों इंदौर-सूरत अगला वेव हैं? क्योंकि यहाँ तीन चीजें एक साथ मिल रही हैं:

  1. तकनीकी टैलेंट और समुदाय जो बढ़ रहा है,

  2. लोकल इंडस्ट्री-फिट सॉल्यूशंस और स्टार्टअप-बेस, और

  3. डिजिटल अपनत्व व फाइनेंशियल एक्सपोज़र की युवा-ड्राइव। ये घटक मिलकर मेट्रो-कनेक्टेड-एकोसिस्टम का छोटा पर प्रबल संस्करण बना रहे हैं;  तेज़, लागत-कुशल और उद्योग-केंद्रित।

निष्कर्ष

इंदौर और सूरत की क्रिप्टो-क्रांति कोई अकेली तकनीकी घटना नहीं; यह भारत के विकास के अगले चरण का भावी संकेतक है, विकेन्द्रीकृत, स्थानीयकरण-अनुकूल और उद्योग-समायोज्य।

यदि नीति-निर्माता, निवेशक और स्थानीय उद्यमी सुरक्षा, शिक्षा और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान देंगे तो ये शहर सिर्फ राष्ट्रीय ही नहीं, क्षेत्रीय वेब3-हब बन सकते हैं।भविष्य में भारत की क्रिप्टो-कहानी मेट्रो से बाहर लिखी जाने वाली कई सफल पंक्तियों से भर जाएगीऔर इंदौर-सूरत उसके सबसे सम्मोहक अध्याय हो सकते हैं।

ऐसी ही और ख़बरों और क्रिप्टो विश्लेषण के लिए हमें X पर फ़ॉलो करें, ताकि कोई भी अपडेट आपसे न छूटे!


Cointelegraph स्वतंत्र और पारदर्शी पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्ध है। यह समाचार लेख Cointelegraph की संपादकीय नीति के अनुरूप तैयार किया गया है और इसका उद्देश्य सटीक तथा समय पर जानकारी प्रदान करना है। पाठकों को जानकारी की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। हमारी संपादकीय नीति पढ़ें https://in.cointelegraph.com/editorial-policy